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नगर निगम मंडी : भाजपा की 12 में से 8 महिला पार्षद, मेयर पद के लिए दावेदारी मजबूत
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डिप्टी मेयर पद पर पुरुष पार्षद की लग सकती है लॉटरी
अनुभव, संगठन में पकड़ और सामाजिक समीकरणों पर मंथन
मेयर पद की दौड़ तेज, महिला चेहरे पर भाजपा का दांव संभव
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के चुनाव में भाजपा समर्थित 12 पार्षदों की जीत के बाद अब मेयर पद को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा के निर्वाचित 12 पार्षदों में आठ महिलाएं हैं। ऐसे में पार्टी किसी महिला पार्षद को मेयर पद की जिम्मेदारी सौंपकर महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने का संदेश दे सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान और संगठन की सहमति के बाद ही होगा।
मेयर पद के चयन में अनुभव, संगठन के प्रति निष्ठा, सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के साथ भविष्य की राजनीतिक रणनीति को भी ध्यान में रखा जा रहा है। वार्ड-3 से निर्वाचित निर्मल वर्मा को अनुभवी चेहरा माना जा रहा है। वहीं, वार्ड-10 सुहड़ा से नेहा कुमारी लगातार दूसरी बार पार्षद चुनी गई हैं। अनुसूचित जाति वर्ग से आने के कारण सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी उनका नाम चर्चा में है।
वार्ड-9 पैलेस कॉलोनी से चुनी गईं सुमन ठाकुर भी मेयर पद की मजबूत दावेदारों में शामिल मानी जा रही हैं। वह पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रह चुकी हैं और नगर राजनीति में उनका लंबा अनुभव है। संगठन और स्थानीय स्तर पर उनकी सक्रियता भी उनके पक्ष में जाती है। इसके अलावा वार्ड-5 से कृष्णा ठाकुर, वार्ड-8 से गुरदीप कौर, वार्ड-13 से रजनी शर्मा और वार्ड-15 से रीता देवी पहली बार पार्षद चुनी गई हैं।
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पुरुष पार्षदों में वार्ड-11 समखेतर से जितेंद्र शर्मा, वार्ड-12 भगवाहन से गगन कश्यप और वार्ड-7 तल्याहड़ से जितेंद्र सिंह को भी प्रभावशाली माना जा रहा है। हालांकि मौजूदा परिस्थितियों और महिला पार्षदों की संख्या को देखते हुए मेयर पद के लिए महिला चेहरे की संभावना अधिक जताई जा रही है। वहीं, डिप्टी मेयर पद के लिए तीनों पुरुष पार्षदों में से किसी एक के नाम पर सहमति बन सकती है। भाजपा अनुभव, संगठनात्मक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति को ध्यान में रखते हुए फैसला ले सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगर निगम मंडी का शीर्ष पद किसके हिस्से आता है। उधर, पर्यवेक्षक पायल वैद्य ने कहा कि मेयर और डिप्टी मेयर को लेकर अंतिम फैसला हाईकमान ही करेगा। इसकी तस्वीर 29 जून को साफ होगी।
अनुभव, संगठन में पकड़ और सामाजिक समीकरणों पर मंथन
मेयर पद की दौड़ तेज, महिला चेहरे पर भाजपा का दांव संभव
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के चुनाव में भाजपा समर्थित 12 पार्षदों की जीत के बाद अब मेयर पद को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा के निर्वाचित 12 पार्षदों में आठ महिलाएं हैं। ऐसे में पार्टी किसी महिला पार्षद को मेयर पद की जिम्मेदारी सौंपकर महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने का संदेश दे सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान और संगठन की सहमति के बाद ही होगा।
मेयर पद के चयन में अनुभव, संगठन के प्रति निष्ठा, सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के साथ भविष्य की राजनीतिक रणनीति को भी ध्यान में रखा जा रहा है। वार्ड-3 से निर्वाचित निर्मल वर्मा को अनुभवी चेहरा माना जा रहा है। वहीं, वार्ड-10 सुहड़ा से नेहा कुमारी लगातार दूसरी बार पार्षद चुनी गई हैं। अनुसूचित जाति वर्ग से आने के कारण सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी उनका नाम चर्चा में है।
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वार्ड-9 पैलेस कॉलोनी से चुनी गईं सुमन ठाकुर भी मेयर पद की मजबूत दावेदारों में शामिल मानी जा रही हैं। वह पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रह चुकी हैं और नगर राजनीति में उनका लंबा अनुभव है। संगठन और स्थानीय स्तर पर उनकी सक्रियता भी उनके पक्ष में जाती है। इसके अलावा वार्ड-5 से कृष्णा ठाकुर, वार्ड-8 से गुरदीप कौर, वार्ड-13 से रजनी शर्मा और वार्ड-15 से रीता देवी पहली बार पार्षद चुनी गई हैं।
पुरुष पार्षदों में वार्ड-11 समखेतर से जितेंद्र शर्मा, वार्ड-12 भगवाहन से गगन कश्यप और वार्ड-7 तल्याहड़ से जितेंद्र सिंह को भी प्रभावशाली माना जा रहा है। हालांकि मौजूदा परिस्थितियों और महिला पार्षदों की संख्या को देखते हुए मेयर पद के लिए महिला चेहरे की संभावना अधिक जताई जा रही है। वहीं, डिप्टी मेयर पद के लिए तीनों पुरुष पार्षदों में से किसी एक के नाम पर सहमति बन सकती है। भाजपा अनुभव, संगठनात्मक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति को ध्यान में रखते हुए फैसला ले सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगर निगम मंडी का शीर्ष पद किसके हिस्से आता है। उधर, पर्यवेक्षक पायल वैद्य ने कहा कि मेयर और डिप्टी मेयर को लेकर अंतिम फैसला हाईकमान ही करेगा। इसकी तस्वीर 29 जून को साफ होगी।