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ओलावृष्टि का कहर : टमाटर, गेहूं और नकदी फसलें बर्बाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Mon, 06 Apr 2026 10:47 PM IST
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मंडी। लगातार बदलते मौसम और ओलावृष्टि ने जिले के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बल्हघाटी और सरकाघाट क्षेत्र तक माटर, गेहूं और नकदी फसलों को भारी नुकसान के मामले सामने आए हैं, जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही है।
मिनी पंजाब के नाम से प्रसिद्ध बल्हघाटी में शनिवार शाम हुई ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने टमाटर की नाजुक पौध को नुकसान पहुंचाया। खेतों में लगाए गए बांस के सहारे उखड़ गए। कई जगह पौध जमीन से उखड़कर बिखर गई और हालात यह बने कि दोबारा रोपाई करनी पड़ी। लोहारा के किसान बबलू, माया राम और बिट्टू वालिया ने बताया कि जिनके पास पनीरी (नर्सरी) का स्टॉक नहीं बचा, उनके लिए स्थिति और गंभीर हो गई है।
पटड़ीघाट में गेहूं की फसल बिछी
सरकाघाट उपमंडल की ग्राम पंचायत पटड़ीघाट में भारी ओलावृष्टि ने गेहूं और अन्य नकदी फसलों को नुकसान पहुंचाया। कटाई के लिए तैयार फसल खेतों में गिर गई और किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। किसान पितांबर लाल, मनोज कुमार, घनश्याम, प्रिंस शर्मा, यशवंत कुमार और दीनानाथ ने बताया कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन ओलावृष्टि ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
नाचन और सराज में किसानों और बागवानों की टूटी कमर
च्योट, शिल्हनू, नौंन, चैलचौक, देवधार, जहल सहित अन्य क्षेत्रों में ओलावृष्टि से नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहर (मंडी)। रविवार को नाचन और सराज क्षेत्र में अचानक बदले मौसम ने किसानों बागवानों पर कहर बरपा दिया। तेज बारिश के साथ हुई भारी ओलावृष्टि ने मटर, प्लम, खुमानी, गोभी और गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई पंचायतों में मटर की फसल इस समय फ्लॉवरिंग और फलियां बनने की अवस्था में थी, जिस पर ओलों की सीधी मार पड़ने से किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है।
चच्योट, शिल्हनू, नौंन, चैलचौक, देवधार और जहल और सराज के अनेक इलाको में ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई जगहों पर मटर का तुड़ान भी शुरु हो चुका था, लेकिन अचानक हुई इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया।
स्थानीय किसान मनोज कुमार, गीता नंद, नंद लाल, ठाकर दास, लाभ सिंह, देवी राम, नेत्र सिंह और अन्य ने बताया कि ओलों ने उनकी मटर, लहसुन, गेंहू, प्लम और सेब की फ्लावरिंग को पूरी तरह से नुकसान पहुंचाया है। इस बार मटर से अच्छी आमदनी की उम्मीद थी लेकिन ओलावृष्टि ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।
तहसीलदार गोहर कृष्ण कुमार ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारी नुकसान का आकलन करने में जुट गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित किसानों की रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पटड़ीघाट में गेहूं की फसल बिछी
सरकाघाट उपमंडल की ग्राम पंचायत पटड़ीघाट में भारी ओलावृष्टि ने गेहूं और अन्य नकदी फसलों को नुकसान पहुंचाया। कटाई के लिए तैयार फसल खेतों में गिर गई और किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। किसान पितांबर लाल, मनोज कुमार, घनश्याम, प्रिंस शर्मा, यशवंत कुमार और दीनानाथ ने बताया कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन ओलावृष्टि ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
नाचन और सराज में किसानों और बागवानों की टूटी कमर
च्योट, शिल्हनू, नौंन, चैलचौक, देवधार, जहल सहित अन्य क्षेत्रों में ओलावृष्टि से नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहर (मंडी)। रविवार को नाचन और सराज क्षेत्र में अचानक बदले मौसम ने किसानों बागवानों पर कहर बरपा दिया। तेज बारिश के साथ हुई भारी ओलावृष्टि ने मटर, प्लम, खुमानी, गोभी और गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई पंचायतों में मटर की फसल इस समय फ्लॉवरिंग और फलियां बनने की अवस्था में थी, जिस पर ओलों की सीधी मार पड़ने से किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है।
चच्योट, शिल्हनू, नौंन, चैलचौक, देवधार और जहल और सराज के अनेक इलाको में ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई जगहों पर मटर का तुड़ान भी शुरु हो चुका था, लेकिन अचानक हुई इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया।
स्थानीय किसान मनोज कुमार, गीता नंद, नंद लाल, ठाकर दास, लाभ सिंह, देवी राम, नेत्र सिंह और अन्य ने बताया कि ओलों ने उनकी मटर, लहसुन, गेंहू, प्लम और सेब की फ्लावरिंग को पूरी तरह से नुकसान पहुंचाया है। इस बार मटर से अच्छी आमदनी की उम्मीद थी लेकिन ओलावृष्टि ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।
तहसीलदार गोहर कृष्ण कुमार ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारी नुकसान का आकलन करने में जुट गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित किसानों की रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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