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Mandi News: बस में बैठा, फिर अचानक उतर गया, तब बची जान
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सुंदरनगर (मंडी)। तहसील निहरी के चरखड़ी में हुए बस हादसे में पति की पेंशन लेने जा रही कलावती को क्या पता था कि मौत द्वार पर ही खड़ी है। उसके पति बिजली बोर्ड में फोरमैन के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। कुछ साल पहले उनकी मृत्यु हो गई है। उधर दुर्घटनाग्रस्त बस में बैठे 40 साल के उत्तम और पांगणा जा रही पूजा बाल-बाल बच गए। उत्तम ने कहा कि वह बस में अगली सीट पर बैठा। फिर अचानक उतर गया। जैसे ही उतरा तो बस पीछे की ओर चल पड़ी और खाई में गिर गई।
इस दौरान पांगणा जा रही पूजा ने दरवाजा खोला और छलांग लगा दी। इससे वह सुरक्षित बच गई। इसी बीच 55 साल की कृष्णी ने भी छलांग लगाने की कोशिश की लेकिन उसकी टांग में चोट आ गई। पूजा ने कृष्णी को बचा लिया लेकिन बस में 75 साल की कलावती के साथ 31 साल की गीता और 11 साल का अक्षत बस लुढ़कने के बाद आपात दरवाजे से निकाले गए।
उत्तम ने बताया कि अगर वह हादसे से पहले अचानक बस से नहीं उतरा होता तो शायद उसके परिवार में मातम होता। हादसे की खबर फैलते ही पूरी पंचायत के लोग पहुंच गए। बचाव कार्य करते हुए ग्रामीणों ने कलावती, गीता और अक्षत को चरखड़ी से निजी वाहन में पांगणा सीएचसी तक पहुंचाया। वहां गीता और अक्षत को आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया जबकि कलावती को मृत घोषित कर दिया। उधर कृष्णी को पांगणा में भर्ती किया गया है। कलावती के शव का करसोग में पोस्टमार्टम के बाद शाम के समय उनका दाह संस्कार कर दिया गया।
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पति की पेंशन लेने निकली थी कलावती
हादसे में मौत का शिकार हुई 75 साल की कलावती अपने दिवंबत पति की फैमिली पेंशन लेने करसोग जा रही थी। उनके पति बिजली बोर्ड में फोरमैन के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। कुछ साल पहले उनकी मृत्यु हो गई थी। उन्हीं की पेंशन लेने के लिए कलावती घर से निकली थी। इसी तरह शिमला रेफर हुए मां-बेटा भी अपने रिश्तेदारों से मिलने जा रहे थे। बादु की कृष्णी ठाकुर जाछ गांव जा रही थी। इस हादसे के बाद पूरी चरखड़ी पंचायत और निहरी करसोग में शोक की लहर है।
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इस दौरान पांगणा जा रही पूजा ने दरवाजा खोला और छलांग लगा दी। इससे वह सुरक्षित बच गई। इसी बीच 55 साल की कृष्णी ने भी छलांग लगाने की कोशिश की लेकिन उसकी टांग में चोट आ गई। पूजा ने कृष्णी को बचा लिया लेकिन बस में 75 साल की कलावती के साथ 31 साल की गीता और 11 साल का अक्षत बस लुढ़कने के बाद आपात दरवाजे से निकाले गए।
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उत्तम ने बताया कि अगर वह हादसे से पहले अचानक बस से नहीं उतरा होता तो शायद उसके परिवार में मातम होता। हादसे की खबर फैलते ही पूरी पंचायत के लोग पहुंच गए। बचाव कार्य करते हुए ग्रामीणों ने कलावती, गीता और अक्षत को चरखड़ी से निजी वाहन में पांगणा सीएचसी तक पहुंचाया। वहां गीता और अक्षत को आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया जबकि कलावती को मृत घोषित कर दिया। उधर कृष्णी को पांगणा में भर्ती किया गया है। कलावती के शव का करसोग में पोस्टमार्टम के बाद शाम के समय उनका दाह संस्कार कर दिया गया।
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पति की पेंशन लेने निकली थी कलावती
हादसे में मौत का शिकार हुई 75 साल की कलावती अपने दिवंबत पति की फैमिली पेंशन लेने करसोग जा रही थी। उनके पति बिजली बोर्ड में फोरमैन के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। कुछ साल पहले उनकी मृत्यु हो गई थी। उन्हीं की पेंशन लेने के लिए कलावती घर से निकली थी। इसी तरह शिमला रेफर हुए मां-बेटा भी अपने रिश्तेदारों से मिलने जा रहे थे। बादु की कृष्णी ठाकुर जाछ गांव जा रही थी। इस हादसे के बाद पूरी चरखड़ी पंचायत और निहरी करसोग में शोक की लहर है।
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