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Mandi News: नया डायवर्जन तैयार कर कोटरोपी में हाईवे बहाल, खतरा बरकरार
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कोटरोपी में धंसा एनएच व गुजरते लोग। स्त्रोत- जागरूक पाठक
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अस्थायी रैंप से शुरू हुई आवाजाही, भूस्खलन बढ़ा तो हाईवे फिर हो सकता है बंद
पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने का बना हुआ है खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नया अस्थायी डायवर्जन तैयार होने के बाद करीब डेढ़ दिन से बंद मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर कोटरोपी के पास सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी गई है। हालांकि राहत के बीच चिंता भी बनी हुई है, क्योंकि 2017 की भीषण त्रासदी वाली कोटरोपी पहाड़ी एक बार फिर दरकने लगी है। भूस्खलन से निर्माणाधीन सड़क और नई पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है। प्रशासन ने फिलहाल अस्थायी रैंप बनाकर यातायात शुरू कराया है, लेकिन लगातार बारिश और भूस्खलन की स्थिति में हाईवे दोबारा बंद किया जा सकता है।
मंगलवार को निर्माणाधीन सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने के बाद हाईवे पूरी तरह बंद करना पड़ा था। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया, लेकिन बारिश के कारण पधर-झटिंगरी-घोघरधार मार्ग भी कई स्थानों पर बाधित हो गया, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
बुधवार सुबह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर अस्थायी डायवर्जन और रैंप तैयार किया। पहले छोटे और बाद में भारी वाहनों की आवाजाही भी शुरू कर दी गई। फिलहाल यातायात सामान्य है, लेकिन पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है।
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उपमंडलाधिकारी पधर सुरजीत सिंह ने बताया कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। यदि बारिश के कारण भूस्खलन बढ़ता है तो लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे को फिर बंद किया जा सकता है। उन्होंने वाहन चालकों से कोटरोपी क्षेत्र में सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की। पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने बताया कि घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात है। पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से हालात पर नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
2017 की त्रासदी की याद फिर ताजा
कोटरोपी में 12-13 अगस्त 2017 की रात भारी भूस्खलन से पूरी पहाड़ी दरक गई थी। मलबे की चपेट में एचआरटीसी की दो बसों समेत कई वाहन आ गए थे। इस हादसे में 48 लोगों की मौत हुई थी। कई दिनों तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बावजूद तीन लोगों के शव आज तक नहीं मिल सके। पहाड़ी में दोबारा हलचल शुरू होने से स्थानीय लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
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पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने का बना हुआ है खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नया अस्थायी डायवर्जन तैयार होने के बाद करीब डेढ़ दिन से बंद मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर कोटरोपी के पास सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी गई है। हालांकि राहत के बीच चिंता भी बनी हुई है, क्योंकि 2017 की भीषण त्रासदी वाली कोटरोपी पहाड़ी एक बार फिर दरकने लगी है। भूस्खलन से निर्माणाधीन सड़क और नई पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है। प्रशासन ने फिलहाल अस्थायी रैंप बनाकर यातायात शुरू कराया है, लेकिन लगातार बारिश और भूस्खलन की स्थिति में हाईवे दोबारा बंद किया जा सकता है।
मंगलवार को निर्माणाधीन सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने के बाद हाईवे पूरी तरह बंद करना पड़ा था। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया, लेकिन बारिश के कारण पधर-झटिंगरी-घोघरधार मार्ग भी कई स्थानों पर बाधित हो गया, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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बुधवार सुबह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर अस्थायी डायवर्जन और रैंप तैयार किया। पहले छोटे और बाद में भारी वाहनों की आवाजाही भी शुरू कर दी गई। फिलहाल यातायात सामान्य है, लेकिन पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है।
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उपमंडलाधिकारी पधर सुरजीत सिंह ने बताया कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। यदि बारिश के कारण भूस्खलन बढ़ता है तो लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे को फिर बंद किया जा सकता है। उन्होंने वाहन चालकों से कोटरोपी क्षेत्र में सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की। पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने बताया कि घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात है। पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से हालात पर नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
2017 की त्रासदी की याद फिर ताजा
कोटरोपी में 12-13 अगस्त 2017 की रात भारी भूस्खलन से पूरी पहाड़ी दरक गई थी। मलबे की चपेट में एचआरटीसी की दो बसों समेत कई वाहन आ गए थे। इस हादसे में 48 लोगों की मौत हुई थी। कई दिनों तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बावजूद तीन लोगों के शव आज तक नहीं मिल सके। पहाड़ी में दोबारा हलचल शुरू होने से स्थानीय लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

कोटरोपी में धंसा एनएच व गुजरते लोग। स्त्रोत- जागरूक पाठक