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हिमाचल प्रदेश: बगलामुखी रोपवे निजी हाथों में सौंपा, 50 रुपये बढ़ा किराया; नौ पंचायतों को दी गई रियायत भी खत्म

संवाद न्यूज एजेंसी, पंडोह (मंडी)। Published by: Ankesh Dogra Updated Fri, 03 Apr 2026 10:25 AM IST
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सार

पंडोह क्षेत्र स्थित माता बगलामुखी रोपवे जैसे ही निजी हाथों में गया रोपवे का किराया भी बढ़ा दिया गया है। वहीं, 2025 में आपदा प्रभावित नौ पंचायतों की रियायत भी खत्म कर दी गई है। पढ़ें पूरी खबर...

Himachal Baglamukhi Ropeway Handed Over to Private Hands Fare Hiked by ₹50
बगलामुखी रोपवे से सफर करते लोग। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

पंडोह क्षेत्र स्थित माता बगलामुखी रोपवे अब पूरी तरह निजी हाथों में चला गया है। पहले इसका संचालन आरटीडीसी (राज्य पर्यटन विकास निगम) द्वारा किया जाता था, लेकिन अब इसे स्की हिमालयास कंपनी को सौंप दिया गया है। संचालन में बदलाव के साथ रोपवे का किराया भी बढ़ा दिया गया है।

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इसी के साथ 2025 में आपदा प्रभावित नौ पंचायतों की रियायत भी खत्म कर दी गई है। अब केवल तीन पंचायतों के बाशिंदों को ही रियायत मिलेगी। पहले जहां रोपवे का किराया 350 रुपये था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 400 रुपये कर दिया गया है। गर्मियों के मौसम में जब माता बगलामुखी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, ऐसे समय में किराया बढ़ना लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है।

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सराज विधानसभा क्षेत्र की 12 पंचायतों के लिए यह रोपवे वर्ष 2025 की आपदा के बाद जीवनरेखा बना था। पंडोह से होकर बखाली-कुकलाह जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। ऐसे में लोगों के आवागमन के लिए रोपवे का किराया मात्र 50 रुपये रखा गया था। लेकिन अब मात्र तीन पंचायतों को छोड़कर अन्य को भी सामान्य किराया चुकाना होगा। इसका विरोध शुरू हो गया है। स्थानीय निवासी नेत्र सिंह, चूड़ामणि, कांती राम और श्यामलाल का कहना है कि जब तक कुकलाह के लिए नया पुल नहीं बन जाता, तब तक रोपवे का किराया नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।

नई व्यवस्था के तहत अब स्की हिमालयास कंपनी ही रोपवे के संचालन से जुड़े सभी खर्च जैसे सालाना रखरखाव, डीजल और बिजली आदि वहन करेगी। इसके बदले कंपनी प्रबंधन से आरटीडीसी सालाना 27,14,000 रुपये लेगा, जिसमें हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। पहले आरटीडीसी ही सभी तरह की खर्च उठाती थी और स्की हिमालयास को हर महीने लगभग 15 लाख रुपये का भुगतान किया जाता था।

आरटीडीसी के मुख्य महाप्रबंधक रोहित ठाकुर ने कहा कि रोपवे के संचालन में अधिक खर्च आ रहा था। इसी कारण इसे निजी कंपनी को सौंप दिया गया है। रोपवे से जुड़ा खर्च निजी कंपनी ही वहन करेगी। रोपवे में अब सामान ले जाने के लिए भी अलग से शुल्क निर्धारित किया गया है। 5 किलो से 30 किलो तक 30 रुपये, 30 किलो से अधिक 1 रुपये प्रति किलो, गैस सिलिंडर, डीजल या अन्य तरल पदार्थ 2 रुपये प्रति लीटर लगेंगे।

12 पंचायतों को छूट जारी रखने की मांग
कुकलाह पंचायत की पूर्व उप-प्रधान रेवती ठाकुर व स्थानीय निवासी हीरा लाल ने कहा कि कुकलाह का रास्ता अभी पूरा तैयार नहीं हुआ है। थोड़ी सी बारिश या पानी बढ़ने पर भी यह बंद हो जाता है। ऐसे समय में किराया बढ़ाना बिल्कुल उचित नहीं है। आपदा के समय 12 पंचायतों को जो छूट दी गई थी, वह तब तक जारी रहनी चाहिए जब तक सड़क पूरी तरह से सुचारु रूप से चालू नहीं हो जाती। 
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