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Mandi News: नगर निगम क्षेत्र में अब अतिरिक्त आयुक्त करेंगे विवाह पंजीकरण
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देरी से होने वाले पंजीकरण भी होंगे आसान, आदेश तत्काल प्रभाव से लागू
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी क्षेत्र के लोगों को अब विवाह पंजीकरण के लिए राहत मिलने जा रही है। उपायुक्त एवं जिला विवाह रजिस्ट्रार मंडी ने आदेश जारी कर नगर निगम मंडी के अतिरिक्त आयुक्त को विवाह पंजीकरण से संबंधित अधिकार सौंप दिए हैं। यह आदेश एक अप्रैल 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश विवाह पंजीकरण अधिनियम 1996 और संबंधित नियमों के तहत जिला विवाह रजिस्ट्रार को प्राप्त शक्तियां अब नगर निगम क्षेत्र में अतिरिक्त आयुक्त को भी प्रदान की गई हैं। इसके तहत सामान्य विवाह पंजीकरण के साथ-साथ देरी से होने वाले पंजीकरण के मामलों का निपटारा भी किया जा सकेगा। इससे पहले ये अधिकार उपमंडलाधिकारियों (एसडीएम) को दिए गए थे, लेकिन नगर निगम क्षेत्र में सेवाओं को और अधिक सुगम बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट की अधिसूचना के तहत अतिरिक्त आयुक्त को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की शक्तियां भी प्रदान की गई हैं, जिसके बाद यह व्यवस्था और प्रभावी मानी जा रही है। इस फैसले से नगर निगम क्षेत्र के लोगों को विवाह पंजीकरण के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा और उन्हें त्वरित व बेहतर सेवाएं मिलेंगी। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त को विवाह पंजीकरण मामलों की शक्तियां प्रदान करने की पुष्टि की है।
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मंडी। नगर निगम मंडी क्षेत्र के लोगों को अब विवाह पंजीकरण के लिए राहत मिलने जा रही है। उपायुक्त एवं जिला विवाह रजिस्ट्रार मंडी ने आदेश जारी कर नगर निगम मंडी के अतिरिक्त आयुक्त को विवाह पंजीकरण से संबंधित अधिकार सौंप दिए हैं। यह आदेश एक अप्रैल 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश विवाह पंजीकरण अधिनियम 1996 और संबंधित नियमों के तहत जिला विवाह रजिस्ट्रार को प्राप्त शक्तियां अब नगर निगम क्षेत्र में अतिरिक्त आयुक्त को भी प्रदान की गई हैं। इसके तहत सामान्य विवाह पंजीकरण के साथ-साथ देरी से होने वाले पंजीकरण के मामलों का निपटारा भी किया जा सकेगा। इससे पहले ये अधिकार उपमंडलाधिकारियों (एसडीएम) को दिए गए थे, लेकिन नगर निगम क्षेत्र में सेवाओं को और अधिक सुगम बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट की अधिसूचना के तहत अतिरिक्त आयुक्त को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की शक्तियां भी प्रदान की गई हैं, जिसके बाद यह व्यवस्था और प्रभावी मानी जा रही है। इस फैसले से नगर निगम क्षेत्र के लोगों को विवाह पंजीकरण के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा और उन्हें त्वरित व बेहतर सेवाएं मिलेंगी। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त को विवाह पंजीकरण मामलों की शक्तियां प्रदान करने की पुष्टि की है।
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