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Mandi: प्रदेश में 2.5 लाख बीएड डिग्री धारक बेरोजगार, हर वर्ष नियमित भर्ती की उठी मांग
Ankesh Dogra
Updated Tue, 07 Apr 2026 12:17 PM IST
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हिमाचल प्रदेश में शिक्षित बेरोजगारी का आंकड़ा डराने लगा है। प्रदेश के करीब 2.5 लाख बीएड डिग्री धारक आज रोजगार की तलाश में सड़कों पर हैं। आलम यह है कि सरकारी नौकरियों के इंतजार में हजारों युवाओं की उम्र सीमा समाप्त होने की कगार पर है, जबकि कई अभ्यर्थी 45 वर्ष की आयु सीमा पार कर चुके हैं। उनके लिए बैच-वाइज़ भर्ती ही सरकारी सेवा में आने का अंतिम अवसर है। यदि सरकार भर्ती प्रक्रिया में देरी करती है, तो इन अभ्यर्थियों का भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो जाएगा। लेकिन समय पर भर्तियां न होने से प्रदेश के युवा वर्ग में भारी हताशा और गहरा आक्रोश व्याप्त है। हिमाचल प्रदेश बीएड बेरोजगार यूनियन ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा विभाग के भीतर हजारों पद रिक्त पड़े हैं, लेकिन प्रशासनिक ढुलमुल नीति के कारण भर्ती प्रक्रियाएं कछुआ चाल से चल रही हैं। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि कई अभ्यर्थी कई सालों से 'बैचवाइज भर्तीÓ की आस लगाए बैठे हैं। अब स्थिति यह हो गई है कि उनकी सरकारी सेवा में आने की अधिकतम आयु सीमा (45 वर्ष) समाप्त हो रही है। इन बाबत हिमाचल प्रदेश बीएड बेरोजगार यूनियन की राज्य स्तरीय बैठक मंडी जिला के महादेव आयोजित की गई। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश गौतम की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बेरोजगार युवाओं ने भाग लिया। बैठक में प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित भर्ती प्रक्रियाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। यूनियन ने पुरजोर मांग की है कि सरकार टीजीटी के पदों पर कमीशन और बैच-वाइज़ भर्ती को हर वर्ष नियमित रूप से आयोजित करे, ताकि पात्र युवाओं को रोजगार मिल सके। बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा कि शिक्षा विभाग में टीजीटी के लगभग 1375 पद रिक्त चल रहे हैं। यूनियन ने मांग रखी कि टीजीटी हिंदी व संस्कृत विषयों के पद लंबे समय से खाली हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। इन्हें तुरंत भरा जाए। प्रदेश सरकार द्वारा घोषित 5500 शिक्षकों की भर्ती में टीजीटी के पदों की संख्या स्पष्ट की जाए। साथ ही, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में पीजीटी के खाली पदों को भी लोक सेवा आयोग के माध्यम से शीघ्र भरने की मांग की गई है। शिक्षा विभाग के आरएंडपी रुल्जस नियमों के तहत 50 प्रतिशत पदों को बैच-वाइज़ प्रणाली से भरा जाए। इस अवसर पर प्रतिभा कपूर, अंजना कुमारी, खेम लता, रीता कुमारी, मीना देवी, मनोरमा देवी, गगन कुमार, इंद्र सिंह, सरिता, हेम राज सहित प्रदेश भर के अनेक प्रतिनिधि मौजूद रहे। यूनियन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि मांगों को लेकर जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा। यूनियन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो बेरोजगार युवा सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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