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Mandi News: स्त्री रोग विशेषज्ञ न होने से महिलाओं का उपचार हुआ मुश्किल
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सरकाघाट अस्पताल से गंभीर महिला मरीजों को दूसरे अस्पतालों में किया जा रहा रेफर
सामान्य रोगियों को करना पड़ रहा दूरदराज सहित निजी अस्पतालों का रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
सरकाघाट (मंडी)। नागरिक अस्पताल सरकाघाट में पिछले एक वर्ष से स्त्री रोग विशेषज्ञ के अभाव के कारण महिला रोगियों को उचित उपचार सुविधा नहीं मिल पा रही है। गंभीर और गर्भवती महिलाओं को मजबूरन दूरदराज के अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। हालांकि, सामान्य महिला रोगियों की जांच एमबीबीएस चिकित्सकों द्वारा की जा रही है, जो उन्हें आवश्यक दवाइयां देकर घर भेज रहे हैं।
गंभीर मामलों को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, एम्स बिलासपुर तथा नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ रहा है। सरकाघाट अस्पताल में धर्मपुर, बलद्वाड़ा सहित जिला हमीरपुर और बिलासपुर के मरीज भी उपचार के लिए आते हैं। रेफर किए गए मरीजों को अन्य अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए तीमारदारों को स्वयं वाहन की व्यवस्था करनी पड़ती है, जिससे उन्हें रास्ते में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रोजाना लगभग 800 ओपीडी होने के बावजूद 20-25 गर्भवती महिलाओं को गंभीर स्थिति में रेफर करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने प्रदेश सरकार और अस्पताल प्रबंधन से शीघ्र स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की मांग की है। इस संबंध में अस्पताल के एसएमओ डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त होने की जानकारी विभागीय उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। सरकार और विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद ही इस पद को भरा जा सकेगा।
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महिला रोग विशेषज्ञ के अभाव में सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है। कई बार रेफर करने के दौरान रास्ते में ही डिलीवरी हो जाती है, जिससे जच्चा-बच्चा की जान खतरे में पड़ जाती है। -मनसा राम, निवासी डबरोग
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एक वर्ष से सरकाघाट अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद खाली है। साधन संपन्न लोग तो दूरदराज या निजी अस्पतालों में इलाज करा लेते हैं, लेकिन गरीबों के लिए यह स्थिति बेहद कठिन है। -दर्शना देवी, निवासी सरकाघाट
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अक्सर दूसरे अस्पतालों में रेफर की गई गर्भवती महिलाओं का प्रसव रास्ते में ही करवाना पड़ता है, जो बहुत जोखिम भरा होता है। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। -बीना देवी, निवासी कराड़ी पपलोग
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मैं पिछले तीन दिनों से गायनी समस्या के कारण अस्पताल में उपचार ले रही हूं, लेकिन अब डॉक्टरों ने मुझे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया है। यदि यहां स्त्री रोग विशेषज्ञ होते, तो बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। -सुष्मिता, निवासी चंदैश
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सामान्य रोगियों को करना पड़ रहा दूरदराज सहित निजी अस्पतालों का रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
सरकाघाट (मंडी)। नागरिक अस्पताल सरकाघाट में पिछले एक वर्ष से स्त्री रोग विशेषज्ञ के अभाव के कारण महिला रोगियों को उचित उपचार सुविधा नहीं मिल पा रही है। गंभीर और गर्भवती महिलाओं को मजबूरन दूरदराज के अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। हालांकि, सामान्य महिला रोगियों की जांच एमबीबीएस चिकित्सकों द्वारा की जा रही है, जो उन्हें आवश्यक दवाइयां देकर घर भेज रहे हैं।
गंभीर मामलों को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, एम्स बिलासपुर तथा नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ रहा है। सरकाघाट अस्पताल में धर्मपुर, बलद्वाड़ा सहित जिला हमीरपुर और बिलासपुर के मरीज भी उपचार के लिए आते हैं। रेफर किए गए मरीजों को अन्य अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए तीमारदारों को स्वयं वाहन की व्यवस्था करनी पड़ती है, जिससे उन्हें रास्ते में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रोजाना लगभग 800 ओपीडी होने के बावजूद 20-25 गर्भवती महिलाओं को गंभीर स्थिति में रेफर करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने प्रदेश सरकार और अस्पताल प्रबंधन से शीघ्र स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की मांग की है। इस संबंध में अस्पताल के एसएमओ डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त होने की जानकारी विभागीय उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। सरकार और विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद ही इस पद को भरा जा सकेगा।
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महिला रोग विशेषज्ञ के अभाव में सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है। कई बार रेफर करने के दौरान रास्ते में ही डिलीवरी हो जाती है, जिससे जच्चा-बच्चा की जान खतरे में पड़ जाती है। -मनसा राम, निवासी डबरोग
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एक वर्ष से सरकाघाट अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद खाली है। साधन संपन्न लोग तो दूरदराज या निजी अस्पतालों में इलाज करा लेते हैं, लेकिन गरीबों के लिए यह स्थिति बेहद कठिन है। -दर्शना देवी, निवासी सरकाघाट
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अक्सर दूसरे अस्पतालों में रेफर की गई गर्भवती महिलाओं का प्रसव रास्ते में ही करवाना पड़ता है, जो बहुत जोखिम भरा होता है। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। -बीना देवी, निवासी कराड़ी पपलोग
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मैं पिछले तीन दिनों से गायनी समस्या के कारण अस्पताल में उपचार ले रही हूं, लेकिन अब डॉक्टरों ने मुझे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया है। यदि यहां स्त्री रोग विशेषज्ञ होते, तो बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। -सुष्मिता, निवासी चंदैश
