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Mandi News: मंडी में प्रदेश सरकार के खिलाफ गरजे पेंशनर
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सेरी चानणी में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते पेंशनर्स।
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मांगें पूरी न कीं तो करेंगे सचिवालय का घेराव : गुलेरिया
सरकार पर लगाया सौतेला व्यवहार करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के महासचिव कुलदीप गुलेरिया ने कहा है कि अगर 21 मार्च को पेश होने वाले बजट में पेंशनरों की सभी लंबित मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 30 मार्च को शिमला में सचिवालय का घेराव किया जाएगा।
सोमवार को मंडी में पेंशनरों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलकर जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर महासचिव कुलदीप गुलेरिया ने बताया कि सरकार ने पेंशनरों का 13 प्रतिशत डीए फ्रीज कर रखा है, जिसे शीघ्र लागू किया जाए। 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इससे पहले और बाद जो भी कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं, उन्हें सभी वित्तीय लाभ दे दिए गए हैं जबकि इन्हीं के साथ अन्याय किया जा रहा है। इन्हें एरियर, ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट का कोई लाभ नहीं दिया जा रहा है।
पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति की जिला समन्वयक उर्वशी वालिया ने बताया कि वह शहरी निकाय विभाग से सेवानिवृत्त हुई हैं और इस विभाग के कर्मचारियों को 2006 की पेंशन ही दी जा रही है। शहरी निकाय में काम करने वाले सफाई कर्मियों से लेकर उच्च स्तर के अधिकारी आज भी पेंशन बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं। सरकार से 2016 के तहत सभी वित्तीय लाभ देने की मांग उठाई गई है।
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सरकार पर लगाया सौतेला व्यवहार करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के महासचिव कुलदीप गुलेरिया ने कहा है कि अगर 21 मार्च को पेश होने वाले बजट में पेंशनरों की सभी लंबित मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 30 मार्च को शिमला में सचिवालय का घेराव किया जाएगा।
सोमवार को मंडी में पेंशनरों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलकर जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर महासचिव कुलदीप गुलेरिया ने बताया कि सरकार ने पेंशनरों का 13 प्रतिशत डीए फ्रीज कर रखा है, जिसे शीघ्र लागू किया जाए। 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इससे पहले और बाद जो भी कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं, उन्हें सभी वित्तीय लाभ दे दिए गए हैं जबकि इन्हीं के साथ अन्याय किया जा रहा है। इन्हें एरियर, ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट का कोई लाभ नहीं दिया जा रहा है।
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पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति की जिला समन्वयक उर्वशी वालिया ने बताया कि वह शहरी निकाय विभाग से सेवानिवृत्त हुई हैं और इस विभाग के कर्मचारियों को 2006 की पेंशन ही दी जा रही है। शहरी निकाय में काम करने वाले सफाई कर्मियों से लेकर उच्च स्तर के अधिकारी आज भी पेंशन बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं। सरकार से 2016 के तहत सभी वित्तीय लाभ देने की मांग उठाई गई है।