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यूपी: पाठ में पंडित का उल्लेख न होने के बाद भी परीक्षा में आया पंडित शब्द, एससीईआरटी ने मांगा जवाब

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 19 Mar 2026 08:34 AM IST
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सार

Controversy over the word Pandit: यूपी में एक बार फिर से पंडित शब्द पर विवाद गहरा गया है। इस बार मामला परिषदीय परीक्षाओं में पूछे गए एक सवाल को लेकर है।

UP: The word Pandit appeared in the exam despite the text not mentioning it, SCERT sought an explanation.
पुलिस भर्ती परीक्षा में आ चुका है विवादित प्रश्न। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

बेसिक शिक्षा विभाग की परिषदीय परीक्षाओं में आगरा में कक्षा सात में संस्कृत के पेपर में एक सवाल में पंडित शब्द के प्रयोग पर जवाब-तलब किया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (एससीईआरटी) की ओर से वहां के डायट प्राचार्य को पत्र भेजकर पेपर बनाने वाले प्रवक्ता का स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में सोमवार 16 मार्च से वार्षिक परीक्षाएं शुरू हुई हैं। पेपर जिला स्तर पर डायट तैयार करता है। इसे बीएसए के माध्यम से बंटवाने की व्यवस्था है। इसमें 17 मार्च को आगरा में कक्षा 7 में संस्कृत के पेपर में पूछा गया कि, पहेलिका पाठ के आधार पर वह कौन है जो बिना पैर के दूर तक जाता है और साक्षर है लेकिन पंडित नहीं है। इसके जवाब में चार विकल्प दिए गए हैं।
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खास यह कि पाठ में पंडित का जिक्र नहीं है। इसके बाद भी पेपर बनाने में पंडित शब्द का प्रयोग किया गया है। बुधवार को यह पेपर वायरल हुआ, इसे लेकर तरह-तरह के कमेंट किए जाते रहे। इसे देखते हुए एससीईआरटी ने पेपर बनाने वाले प्रवक्ता का स्पष्टीकरण विस्तृत आख्या के साथ उपलब्ध कराने को कहा है।

सत्ता के इशारे पर समाज विशेष का अपमान-अखिलेश

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फिर समाज विशेष का अपमान हुआ है। इससे साबित हो गया है कि ये सब जानबूझकर सत्ता के इशारे पर हो रहा है। असली सवाल, केवल प्रश्न पर नहीं बल्कि इस बात पर भी उठना चाहिए कि क्या प्रश्न पत्र बनाने वाले लोगों में भी सत्ता के सजातीय लोगों को डाल दिया गया है। अगर जानबूझकर टारगेट किए गए पीड़ित समाज का कोई भी व्यक्ति उस कमेटी में होता तो क्या ऐसा विकल्प बनाया जाता। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में आने वाले विशिष्ट प्रश्न भी अपनी एक्स पोस्ट में शामिल किए हैं।

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