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Mandi News: मंडी-पठानकोट हाईवे पर कीचड़ और जलभराव से बढ़ा खतरा
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मंडी पठानकोट हाइवे पर जोगिंद्रनगर शहर के गुगली ब्रिज में हुआ जल भराव और कीचड़ से लबालब हाइवे। सं
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ढेलू, पातकू, डकबगड़ा समेत कई स्थानों पर फिसलन
गुगली पुल पर जलभराव से बढ़ी चालकों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। बारिश ने मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग और जोगिंद्रनगर-पधर क्षेत्र की संपर्क सड़कों की कमजोर व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। हाईवे पर कई जगह कीचड़ और पुलों पर जलभराव से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कें भी बरसात में जोखिम भरी बन गई हैं।
जोगिंद्रनगर के ढेलू, पातकू और डकबगड़ा के पास सड़क पर जमा कीचड़ दोपहिया और छोटे वाहनों के फिसलने का खतरा बन गया है। गुगली पुल पर पानी की निकासी नहीं होने से बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन रही है। ढेलू और अस्पताल के समीप बंद पड़े कलवर्ट के कारण बारिश का पानी आबादी की ओर बह रहा है, जिससे स्थानीय लोग भी चिंतित हैं।
जिला परिषद सदस्य एवं माकपा नेता कुशाल भारद्वाज ने कहा कि दमेला के पास लूणी खड्ड क्षेत्र में अधूरे कार्य और जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से हर बरसात में हालात बिगड़ जाते हैं। उनके अनुसार बटाहर, लोहड़ा, खिल, झकड़वाहण, सिल्हीखड्ड, भड़वाहण, सरोंझ, कुफरी, चौरा, पड़गवाली, जलेहड़, नसधरा, शनाहन, रोपड़ू, नौहली, चुक्कू डलाह और गवाली सहित अनेक गांवों के लोगों को रोजाना इसी मार्ग से आवाजाही करनी पड़ती है। उन्होंने ग्रामीण सड़कों पर वर्षा जल की निकासी के लिए सीमेंट पाइप लगाने और स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने की मांग की।
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एनएचएआई के साइट इंजीनियर अंकित ने बताया कि मानसून के दौरान हाईवे पर मलबा, कीचड़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील स्थानों पर मशीनें और कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग सर्किल जोगिंद्रनगर के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने कहा कि ग्रामीण संपर्क सड़कों पर यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए विभाग ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जहां भी बारिश के कारण बाधा उत्पन्न होगी, वहां प्राथमिकता के आधार पर बहाली का कार्य किया जाएगा।
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गुगली पुल पर जलभराव से बढ़ी चालकों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। बारिश ने मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग और जोगिंद्रनगर-पधर क्षेत्र की संपर्क सड़कों की कमजोर व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। हाईवे पर कई जगह कीचड़ और पुलों पर जलभराव से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कें भी बरसात में जोखिम भरी बन गई हैं।
जोगिंद्रनगर के ढेलू, पातकू और डकबगड़ा के पास सड़क पर जमा कीचड़ दोपहिया और छोटे वाहनों के फिसलने का खतरा बन गया है। गुगली पुल पर पानी की निकासी नहीं होने से बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन रही है। ढेलू और अस्पताल के समीप बंद पड़े कलवर्ट के कारण बारिश का पानी आबादी की ओर बह रहा है, जिससे स्थानीय लोग भी चिंतित हैं।
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जिला परिषद सदस्य एवं माकपा नेता कुशाल भारद्वाज ने कहा कि दमेला के पास लूणी खड्ड क्षेत्र में अधूरे कार्य और जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से हर बरसात में हालात बिगड़ जाते हैं। उनके अनुसार बटाहर, लोहड़ा, खिल, झकड़वाहण, सिल्हीखड्ड, भड़वाहण, सरोंझ, कुफरी, चौरा, पड़गवाली, जलेहड़, नसधरा, शनाहन, रोपड़ू, नौहली, चुक्कू डलाह और गवाली सहित अनेक गांवों के लोगों को रोजाना इसी मार्ग से आवाजाही करनी पड़ती है। उन्होंने ग्रामीण सड़कों पर वर्षा जल की निकासी के लिए सीमेंट पाइप लगाने और स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने की मांग की।
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एनएचएआई के साइट इंजीनियर अंकित ने बताया कि मानसून के दौरान हाईवे पर मलबा, कीचड़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील स्थानों पर मशीनें और कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग सर्किल जोगिंद्रनगर के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने कहा कि ग्रामीण संपर्क सड़कों पर यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए विभाग ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जहां भी बारिश के कारण बाधा उत्पन्न होगी, वहां प्राथमिकता के आधार पर बहाली का कार्य किया जाएगा।