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सड़क हादसा मामला : साक्ष्यों के अभाव में आरोपी बरी
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सड़क हादसा मामला : साक्ष्यों के अभाव में आरोपी बरी
सीजेएम मंडी की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। वर्ष 2019 के सड़क हादसे से जुड़े एक मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मंडी की अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष चालक की पहचान और लापरवाही को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।
मामले के तथ्यों के अनुसार यह मामला 8 जून 2019 को दादौर स्थित होटल स्वीट बेसिल के पास हुए सड़क हादसे से जुड़ा था। इसमें एक कार और स्कूटी की टक्कर में स्कूटी चालक घायल हुआ था। पुलिस थाना बल्ह में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 337 और 338 के तहत चालान पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए, लेकिन मुख्य प्रत्यक्षदर्शी गवाहों ने अदालत में घटना को लेकर स्पष्ट रूप से आरोपी के खिलाफ बयान नहीं दिया। अदालत ने पाया कि न तो आरोपी की घटनास्थल पर चालक के रूप में पहचान साबित हो सकी और न ही उसकी ओर से किसी प्रकार की आपराधिक लापरवाही सिद्ध हुई। ऐसे में संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को बरी कर दिया गया।
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सीजेएम मंडी की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। वर्ष 2019 के सड़क हादसे से जुड़े एक मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मंडी की अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष चालक की पहचान और लापरवाही को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।
मामले के तथ्यों के अनुसार यह मामला 8 जून 2019 को दादौर स्थित होटल स्वीट बेसिल के पास हुए सड़क हादसे से जुड़ा था। इसमें एक कार और स्कूटी की टक्कर में स्कूटी चालक घायल हुआ था। पुलिस थाना बल्ह में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 337 और 338 के तहत चालान पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए, लेकिन मुख्य प्रत्यक्षदर्शी गवाहों ने अदालत में घटना को लेकर स्पष्ट रूप से आरोपी के खिलाफ बयान नहीं दिया। अदालत ने पाया कि न तो आरोपी की घटनास्थल पर चालक के रूप में पहचान साबित हो सकी और न ही उसकी ओर से किसी प्रकार की आपराधिक लापरवाही सिद्ध हुई। ऐसे में संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को बरी कर दिया गया।
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