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Mandi News: कडू नाला में सड़क क्षतिग्रस्त, गाड़ियों में गुजारी रात
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चंबा सिंयुर पुल के पास भूस्खलन के चलते उठता धुंए का गुब्बार
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पांगी (चंबा)। किलाड़-संसारी-कुल्लू-मनाली मुख्य सड़क का 60 मीटर हिस्सा भारी भूस्खलन से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटना सोमवार दोपहर 12 बजे के करीब की है। भूस्खलन ने पांगी घाटी की लाइफलाइन कहे जाने वाली किलाड़-संसारी सड़क पूरी तरह से बंद कर दी। सड़क क्षतिग्रस्त होने से सुगलवास और कडू नाला में तीन टैक्सी वाहनों में सवार 20 महिलाओं, बच्चों और अन्य ने सोमवार की रात वाहनों में ही गुजारी। मंगलवार सुबह आठ बजे गाड़ियां कुल्लू के लिए रवाना हुईं। इस घटना ने पांगी घाटी का संपर्क कुल्लू और मनाली से पूरी तरह काट दिया है, जिससे सैकड़ों लोगों की आवाजाही बंद है।
सोमवार दोपहर से ही सड़क के दोनों ओर गाड़ियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। जानकारी के मुताबिक करीब 40 से 50 यात्री कडू नाले के पास फंस गए। जो गाड़ियां कुल्लू से पांगी की ओर आ रही थीं, वे कडू नाले से समय रहते तो वापस उदयपुर की ओर मुड़ गईं। वहीं, पांगी से कुल्लू के लिए निकली गाड़ियां सुगलवास से सोमवार देर शाम को वापस किलाड़ आ गईं। देर शाम को कुल्लू से कडू नाला में पहुंचीं तीन गाड़ियों में सवार करीब 20 यात्रियों के पास कोई विकल्प नहीं बचा था। इन यात्रियों को कड़ाके की ठंड और लगातार हो रही बारिश के बीच पूरी रात अपनी गाड़ियों में ही सिमटकर गुजरी पड़ी। मंगलवार सुबह आठ बजे ये गाड़ियां कुल्लू के लिए रवाना हो सकीं। कडू नाले में हुए भूस्खलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां अब सड़क का नामोनिशान तक नहीं बचा है। सड़क पूरी तरह गायब होने के कारण अब वहां से पैदल निकलना भी जान जोखिम में डालने जैसा है।
पांगी के एसडीएम अमनदीप सिंह ने बताया कि प्रशासन भूस्खलन की जानकारी मिलने के बाद उदयपुर प्रशासन से संपर्क कर कुछ यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करवा दिया गया है। जो गाड़ियां देर शाम या रात के समय कडू नाले के पास पहुंची थीं, उनके बारे में प्रशासन को समय पर जानकारी नहीं मिल पाई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि बीआरओ के अधिकारियों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है जिससे युद्ध स्तर पर सड़क बहाली का कार्य आरंभ करवा उन्हें राहत प्रदान की जा सके। फिलहाल, पांगी के लोगों के लिए यह मार्ग एक बार फिर मुसीबत का सबब बना हुआ है।
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सोमवार दोपहर से ही सड़क के दोनों ओर गाड़ियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। जानकारी के मुताबिक करीब 40 से 50 यात्री कडू नाले के पास फंस गए। जो गाड़ियां कुल्लू से पांगी की ओर आ रही थीं, वे कडू नाले से समय रहते तो वापस उदयपुर की ओर मुड़ गईं। वहीं, पांगी से कुल्लू के लिए निकली गाड़ियां सुगलवास से सोमवार देर शाम को वापस किलाड़ आ गईं। देर शाम को कुल्लू से कडू नाला में पहुंचीं तीन गाड़ियों में सवार करीब 20 यात्रियों के पास कोई विकल्प नहीं बचा था। इन यात्रियों को कड़ाके की ठंड और लगातार हो रही बारिश के बीच पूरी रात अपनी गाड़ियों में ही सिमटकर गुजरी पड़ी। मंगलवार सुबह आठ बजे ये गाड़ियां कुल्लू के लिए रवाना हो सकीं। कडू नाले में हुए भूस्खलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां अब सड़क का नामोनिशान तक नहीं बचा है। सड़क पूरी तरह गायब होने के कारण अब वहां से पैदल निकलना भी जान जोखिम में डालने जैसा है।
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पांगी के एसडीएम अमनदीप सिंह ने बताया कि प्रशासन भूस्खलन की जानकारी मिलने के बाद उदयपुर प्रशासन से संपर्क कर कुछ यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करवा दिया गया है। जो गाड़ियां देर शाम या रात के समय कडू नाले के पास पहुंची थीं, उनके बारे में प्रशासन को समय पर जानकारी नहीं मिल पाई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि बीआरओ के अधिकारियों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है जिससे युद्ध स्तर पर सड़क बहाली का कार्य आरंभ करवा उन्हें राहत प्रदान की जा सके। फिलहाल, पांगी के लोगों के लिए यह मार्ग एक बार फिर मुसीबत का सबब बना हुआ है।