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Mandi News: शिकारी देवी और शैटाधार में बर्फबारी
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सराज घाटी की ग्राम पंचायत चेत के ढलैच जंगल में बर्फ से ढके पेड़ा पौधे। स्रोत जागरूक पाठक
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निचले क्षेत्रों में बारिश से किसानों के चेहरों में लौटी रौनक
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग(मंडी)। सराज क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई है, जिससे ठंड फिर से लौट आई है और सूखे से राहत मिली है।
थुनाग उपमंडल के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शिकारी देवी और शैटाधार में देर शाम तक अच्छी बर्फबारी दर्ज की गई। शिकारी देवी में लगभग 7 सेंटीमीटर जबकि शैटाधार में 5 सेंटीमीटर तक बर्फ जमा हुई। इन क्षेत्रों में तीन बजे से बर्फबारी जारी है, इससे पहले तेज हवाएं चलीं। मगरूगला, रायगढ़, बूंग जहलगाड़, गतू, झरेड़ बगड़ाथाच, चेत, चीलमगाड़ और सपैहणीधार जैसे इलाकों में भी बर्फबारी के साथ ठंड बढ़ गई।
नीचे के मैदानी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे सूखे की स्थिति से निजात मिली है। इस मौसम परिवर्तन से खेती-बागवानी को विशेष फायदा पहुंचा है। सेब की बागवानी और मटर की फसल को यह बारिश व बर्फबारी संजीवनी साबित हो रही है। सूखे के कारण प्रभावित फसलें अब तरोताजा हो रही हैं, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।
यह बर्फबारी न केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ा रही हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जल संसाधनों को भी मजबूत कर रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार इस तरह का परिवर्तन क्षेत्र में ठंड बढ़ाने के साथ फसलों के लिए लाभदायक साबित हो रहा है। स्थानीय लोग और पर्यटक इस मनमोहक नजारे का आनंद ले रहे हैं, हालांकि ऊंचे क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग(मंडी)। सराज क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई है, जिससे ठंड फिर से लौट आई है और सूखे से राहत मिली है।
थुनाग उपमंडल के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शिकारी देवी और शैटाधार में देर शाम तक अच्छी बर्फबारी दर्ज की गई। शिकारी देवी में लगभग 7 सेंटीमीटर जबकि शैटाधार में 5 सेंटीमीटर तक बर्फ जमा हुई। इन क्षेत्रों में तीन बजे से बर्फबारी जारी है, इससे पहले तेज हवाएं चलीं। मगरूगला, रायगढ़, बूंग जहलगाड़, गतू, झरेड़ बगड़ाथाच, चेत, चीलमगाड़ और सपैहणीधार जैसे इलाकों में भी बर्फबारी के साथ ठंड बढ़ गई।
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नीचे के मैदानी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे सूखे की स्थिति से निजात मिली है। इस मौसम परिवर्तन से खेती-बागवानी को विशेष फायदा पहुंचा है। सेब की बागवानी और मटर की फसल को यह बारिश व बर्फबारी संजीवनी साबित हो रही है। सूखे के कारण प्रभावित फसलें अब तरोताजा हो रही हैं, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।
यह बर्फबारी न केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ा रही हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जल संसाधनों को भी मजबूत कर रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार इस तरह का परिवर्तन क्षेत्र में ठंड बढ़ाने के साथ फसलों के लिए लाभदायक साबित हो रहा है। स्थानीय लोग और पर्यटक इस मनमोहक नजारे का आनंद ले रहे हैं, हालांकि ऊंचे क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। संवाद

सराज घाटी की ग्राम पंचायत चेत के ढलैच जंगल में बर्फ से ढके पेड़ा पौधे। स्रोत जागरूक पाठक