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Mandi News: फोरलेन निर्माण की जद में आए भवनों का समिति ने किया निरीक्षण
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दिल्ली भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट, तय करेगी मकानों के अधिग्रहण का दायरा
पधर के द्रंग में डंगे बैठने से खतरे में आए दो रिहायशी मकान
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। द्रंग में फोरलेन निर्माण के चलते खतरे की जद में आए दो रिहायशी मकानों का मामला गर्माने के बाद राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) समिति ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत आकलन किया। एनएचएआई, निर्माण कंपनी और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने आरओडब्ल्यू से बाहर बने दोनों मकानों का निरीक्षण, पैमाइश और क्षति का आकलन किया।
समिति की रिपोर्ट स्वीकृति और अंतिम निर्णय के लिए एनएचएआई के दिल्ली स्थित मुख्यालय भेजी जाएगी। इसी के आधार पर तय होगा कि दोनों भवनों को भूमि अधिग्रहण के दायरे में शामिल किया जाएगा या नहीं।
छह अगस्त को फोरलेन निर्माण के दौरान डंगे बैठने से दोनों मकानों के पिलर, दीवारें, सीढ़ियां और टाइलें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके बाद भवन मालिकों और ग्रामीणों ने विधायक पूर्ण चंद ठाकुर की मौजूदगी में एनएचएआई व निर्माण कंपनी के खिलाफ विरोध जताया था। इसके बाद एनएचएआई ने दोनों भवनों को भूमि अधिग्रहण में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर सुरक्षा के लिहाज से उन्हें खाली करवा दिया था। निरीक्षण के दौरान एडीसी मंडी प्रियांशु खाती, एसडीएम पधर सुरजीत सिंह, एनएचएआई इंजीनियर अमित और गावर कंपनी के विकास नागर सहित समिति सदस्य मौजूद रहे।
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पधर के द्रंग में डंगे बैठने से खतरे में आए दो रिहायशी मकान
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। द्रंग में फोरलेन निर्माण के चलते खतरे की जद में आए दो रिहायशी मकानों का मामला गर्माने के बाद राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) समिति ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत आकलन किया। एनएचएआई, निर्माण कंपनी और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने आरओडब्ल्यू से बाहर बने दोनों मकानों का निरीक्षण, पैमाइश और क्षति का आकलन किया।
समिति की रिपोर्ट स्वीकृति और अंतिम निर्णय के लिए एनएचएआई के दिल्ली स्थित मुख्यालय भेजी जाएगी। इसी के आधार पर तय होगा कि दोनों भवनों को भूमि अधिग्रहण के दायरे में शामिल किया जाएगा या नहीं।
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छह अगस्त को फोरलेन निर्माण के दौरान डंगे बैठने से दोनों मकानों के पिलर, दीवारें, सीढ़ियां और टाइलें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके बाद भवन मालिकों और ग्रामीणों ने विधायक पूर्ण चंद ठाकुर की मौजूदगी में एनएचएआई व निर्माण कंपनी के खिलाफ विरोध जताया था। इसके बाद एनएचएआई ने दोनों भवनों को भूमि अधिग्रहण में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर सुरक्षा के लिहाज से उन्हें खाली करवा दिया था। निरीक्षण के दौरान एडीसी मंडी प्रियांशु खाती, एसडीएम पधर सुरजीत सिंह, एनएचएआई इंजीनियर अमित और गावर कंपनी के विकास नागर सहित समिति सदस्य मौजूद रहे।
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