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Mandi News: ऊंची चोटियों ने अप्रैल में ओढ़ी सफेद चादर
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शैटाधार चिऊणी सड़क पर जाती टैक्सी। संवाद
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शिकारी देवी में 70 सेंटीमीटर, शैटाधार में 40 सेंटीमीटर, मगरूगला में 15 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी
कई जगह यातायात भी ठप, मुश्किलें बढ़ी, फसलों पर बरसी आफत
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। सराज घाटी में मौसम के बदले मिजाज ने फिर कड़ाके की ठंड लौटा दी है। अप्रैल के महीने में शिकारी देवी और शैटाधार की ऊंची चोटियों पर दिनभर रुक-रुक कर हुई बर्फबारी से पूरी घाटी शीतलहर की चपेट में है। शिकारी देवी मंदिर परिसर में करीब 70 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फ जम चुकी है, जिससे समूचा क्षेत्र चांदी जैसी सफेद चादर से ढक गया है।ऊंचाई पर बर्फ, नीचे बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। शैटाधार में 40 सेमी, तुंगासीगढ़, स्पैहणीधार और मगरुगला की पहाड़ियों में हिमपात दर्ज किया गया। बर्फबारी के कारण मगरूगला-शिकारी देवी सड़क फिर बंद हो गई है। रायगढ़, नारायणगढ़ और घाट की सड़कों पर फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बेमौसम बर्फबारी और बारिश ने सराज के किसानों की कमर तोड़ दी है। मटर की नगदी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, सेब के बगीचों में इन दिनों फ्लावरिंग (फूल आने का समय) चल रही थी, जिस पर खराब मौसम का प्रतिकूल असर पड़ा है। बागवानों को इस साल पैदावार कम होने का डर सताने लगा है।
थुनाग, जंजैहली, बगस्याड़ और लंबाथाच समेत आसपास के क्षेत्रों में तापमान गिरने से लोग फिर से गर्म कपड़ों और तंदूर के सहारे आ गए हैं। प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सभी को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उधर, एसडीएम थुनाग संजीत कुमार शर्मा ने बताया कि शिकारी मंदिर क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई है। खराब मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों से मंदिर की ओर न जाने का आग्रह किया है और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
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कई जगह यातायात भी ठप, मुश्किलें बढ़ी, फसलों पर बरसी आफत
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। सराज घाटी में मौसम के बदले मिजाज ने फिर कड़ाके की ठंड लौटा दी है। अप्रैल के महीने में शिकारी देवी और शैटाधार की ऊंची चोटियों पर दिनभर रुक-रुक कर हुई बर्फबारी से पूरी घाटी शीतलहर की चपेट में है। शिकारी देवी मंदिर परिसर में करीब 70 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फ जम चुकी है, जिससे समूचा क्षेत्र चांदी जैसी सफेद चादर से ढक गया है।ऊंचाई पर बर्फ, नीचे बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। शैटाधार में 40 सेमी, तुंगासीगढ़, स्पैहणीधार और मगरुगला की पहाड़ियों में हिमपात दर्ज किया गया। बर्फबारी के कारण मगरूगला-शिकारी देवी सड़क फिर बंद हो गई है। रायगढ़, नारायणगढ़ और घाट की सड़कों पर फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बेमौसम बर्फबारी और बारिश ने सराज के किसानों की कमर तोड़ दी है। मटर की नगदी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, सेब के बगीचों में इन दिनों फ्लावरिंग (फूल आने का समय) चल रही थी, जिस पर खराब मौसम का प्रतिकूल असर पड़ा है। बागवानों को इस साल पैदावार कम होने का डर सताने लगा है।
थुनाग, जंजैहली, बगस्याड़ और लंबाथाच समेत आसपास के क्षेत्रों में तापमान गिरने से लोग फिर से गर्म कपड़ों और तंदूर के सहारे आ गए हैं। प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सभी को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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उधर, एसडीएम थुनाग संजीत कुमार शर्मा ने बताया कि शिकारी मंदिर क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई है। खराब मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों से मंदिर की ओर न जाने का आग्रह किया है और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

शैटाधार चिऊणी सड़क पर जाती टैक्सी। संवाद