चंबा। केंद्र सरकार ने भले ही पठानकोट-भरमौर सड़क को नेशनल हाईवे का दर्जा दे दिया है लेकिन इस सड़क के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से बालू से लेकर बग्गा तक गड्ढों की भरमार है। एक तरफ जहां हाईवे पर कुरांह मोड़ के समीप गहरे गड्ढे हैं तो वहीं, दूसरी तरफ भथला के समीप भी हालात सही नहीं हैं। जांघी से आगे सड़क का करीब तीस मीटर हिस्सा बेहद खस्ताहाल है। लोगों का कहना है कि वे इसके बारे में कई बार नेशनल हाईवे प्राधिकरण से तारकोल बिछाने की मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। इसको लेकर लोगों समेत वाहन चालकों में खासा रोष है। हैरानी की बात तो यह है कि नाली और नालों से निकाली गई मिट्टी को इन गड्ढों में भरा जा रहा है। बारिश के दिनों में यह मिट्टी बह जाती है। एनएच कर्मी उसी मिट्टी को सड़क पर फैलाकर समतल करते रहे। इससे न तो सड़क के गड्ढों की समस्या का समाधान हुआ और न ही नालियों की सफाई हुई। चालकों छोटू राम, बबलू कुमार, सुनील कुमार, राज कुमार, कमल कुमार, राजेश कुमार आदि ने बताया कि हाईवे किनारे पड़ी मिट्टी को ही गड्ढों में भरा जा रहा है। तारकोल की जगह गड्ढों को मिट्टी से भर कर काम चलाया जा रहा है। लोगों ने मांग की है कि इस समस्या का स्थायी हल निकालकर लोगों को राहत दिलाई जाए।
नेशनल हाईवे के अधिशासी अभियंता जोगिंद्र शर्मा का कहना है कि गड्ढों को फिलहाल भरने के लिए कर्मचारी भेजे गए हैं। इसको लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया है। जैसे ही मौसम सामान्य होगा, बालू से बग्गा तक तारकोल बिछाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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