{"_id":"69db8642bc219a2d02059cfb","slug":"training-given-to-farmers-on-cultivation-of-coarse-grains-mandi-news-c-90-1-mnd1001-192750-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: किसानों को मोटे अनाज की खेती का दिया प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: किसानों को मोटे अनाज की खेती का दिया प्रशिक्षण
विज्ञापन
विज्ञापन
सुंदरनगर में किसानों को केंचुआ खाद बनाने की विधि भी बनाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। कृषि विभाग मंडी के सौजन्य से कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर में किसानों के लिए केंचुआ खाद, प्राकृतिक खेती और मिलेट्स (बाजरा) पर आधारित क्षमता निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत खेती से संबंधित तीन प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में सुंदरनगर और बल्ह विकास खंड के 81 किसानों ने भाग लिया।
कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर की प्रधानाचार्या डॉ. प्राची ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण के उद्देश्यों और कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने देशी और विदेशी सब्जियों की उन्नत खेती की तकनीकों पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही केंचुआ खाद (वर्मी कंपोस्ट) बनाने की विधि, उसके उपयोग और लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया। किसानों को मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती, उनकी विशेषताओं और उनसे तैयार किए जाने वाले विभिन्न व्यंजनों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती के लाभों और उसकी प्रमुख विशेषताओं पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस अवसर पर उप-प्रधानाचार्य डॉ. जगदीश, प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. सुधीर, डॉ. मीना तथा प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ने किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। कृषि विभाग मंडी के सौजन्य से कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर में किसानों के लिए केंचुआ खाद, प्राकृतिक खेती और मिलेट्स (बाजरा) पर आधारित क्षमता निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत खेती से संबंधित तीन प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में सुंदरनगर और बल्ह विकास खंड के 81 किसानों ने भाग लिया।
कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर की प्रधानाचार्या डॉ. प्राची ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण के उद्देश्यों और कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने देशी और विदेशी सब्जियों की उन्नत खेती की तकनीकों पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही केंचुआ खाद (वर्मी कंपोस्ट) बनाने की विधि, उसके उपयोग और लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया। किसानों को मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती, उनकी विशेषताओं और उनसे तैयार किए जाने वाले विभिन्न व्यंजनों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती के लाभों और उसकी प्रमुख विशेषताओं पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस अवसर पर उप-प्रधानाचार्य डॉ. जगदीश, प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. सुधीर, डॉ. मीना तथा प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ने किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन