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Mandi News: थुनाग स्कूल को सीबीएसई से संबद्धता न मिलने ग्रामीण खफा
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आपदा के समय सीएम ने थुनाग स्कूल को सीबीएसई बोर्ड से जोड़ने का किया था एलान
थुनाग का नाम पीछे रह गया और जंजैहली स्कूल को को मिल गया दर्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। सराज विधानसभा क्षेत्र के केंद्र बिंदु थुनाग में स्थित लगभग छह दशक पुराने सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को सीबीएसई से संबद्धता न मिलने पर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी है। करीब 20 पंचायतों के लोगों ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।
पिछले वर्ष क्षेत्र में आई भीषण आपदा के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने थुनाग दौरे पर घोषणा की थी कि इस विद्यालय को सीबीएसई बोर्ड से जोड़ा जाएगा। हालांकि, जब संबद्धता की प्रक्रिया आगे बढ़ी तो थुनाग का नाम पीछे रह गया और जंजैहली स्थित स्कूल को यह दर्जा मिल गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सराज विधानसभा क्षेत्र में कुल 76 पंचायतें और लगभग सवा लाख की आबादी है। ऐसे में केवल जंजैहली स्कूल को सीबीएसई का दर्जा देना न्यायसंगत नहीं है। राजेंद्र शर्मा, पूर्ण चंद और भीम सिंह सहित स्थानीय नागरिकों ने बताया कि थुनाग उपमंडल मुख्यालय है, जहां तहसील कार्यालय समेत दो दर्जन से अधिक सरकारी विभाग कार्यरत हैं। यहां रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही होती है, इसलिए इस स्कूल का सीबीएसई से जुड़ना जरूरी है।
प्रधानाचार्य केसर सिंह ठाकुर के अनुसार, इस स्कूल की स्थापना 1962 में प्राथमिक विद्यालय के रूप में हुई थी और 1997 में इसे वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का दर्जा मिला। वर्तमान में यहां कक्षा 6 से 12 तक 302 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उनका कहना है कि सीबीएसई संबद्धता मिलने से विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा।
उधर, 16 फरवरी 2026 को जंजैहली के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को सीबीएसई संबद्धता मिलने के बाद वहां छात्रों के नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कई विद्यार्थियों ने निजी स्कूल छोड़कर इस सरकारी स्कूल में दाखिला लिया है। इसी सफलता को देखते हुए थुनाग क्षेत्र के अभिभावकों और स्थानीय लोगों की मांग है कि यदि थुनाग विद्यालय को भी सीबीएसई का दर्जा मिलता है, तो पूरे सराज क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सकती है।
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थुनाग का नाम पीछे रह गया और जंजैहली स्कूल को को मिल गया दर्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। सराज विधानसभा क्षेत्र के केंद्र बिंदु थुनाग में स्थित लगभग छह दशक पुराने सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को सीबीएसई से संबद्धता न मिलने पर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी है। करीब 20 पंचायतों के लोगों ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।
पिछले वर्ष क्षेत्र में आई भीषण आपदा के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने थुनाग दौरे पर घोषणा की थी कि इस विद्यालय को सीबीएसई बोर्ड से जोड़ा जाएगा। हालांकि, जब संबद्धता की प्रक्रिया आगे बढ़ी तो थुनाग का नाम पीछे रह गया और जंजैहली स्थित स्कूल को यह दर्जा मिल गया।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि सराज विधानसभा क्षेत्र में कुल 76 पंचायतें और लगभग सवा लाख की आबादी है। ऐसे में केवल जंजैहली स्कूल को सीबीएसई का दर्जा देना न्यायसंगत नहीं है। राजेंद्र शर्मा, पूर्ण चंद और भीम सिंह सहित स्थानीय नागरिकों ने बताया कि थुनाग उपमंडल मुख्यालय है, जहां तहसील कार्यालय समेत दो दर्जन से अधिक सरकारी विभाग कार्यरत हैं। यहां रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही होती है, इसलिए इस स्कूल का सीबीएसई से जुड़ना जरूरी है।
प्रधानाचार्य केसर सिंह ठाकुर के अनुसार, इस स्कूल की स्थापना 1962 में प्राथमिक विद्यालय के रूप में हुई थी और 1997 में इसे वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का दर्जा मिला। वर्तमान में यहां कक्षा 6 से 12 तक 302 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उनका कहना है कि सीबीएसई संबद्धता मिलने से विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा।
उधर, 16 फरवरी 2026 को जंजैहली के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को सीबीएसई संबद्धता मिलने के बाद वहां छात्रों के नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कई विद्यार्थियों ने निजी स्कूल छोड़कर इस सरकारी स्कूल में दाखिला लिया है। इसी सफलता को देखते हुए थुनाग क्षेत्र के अभिभावकों और स्थानीय लोगों की मांग है कि यदि थुनाग विद्यालय को भी सीबीएसई का दर्जा मिलता है, तो पूरे सराज क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सकती है।