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Rampur Bushahar News: सरकारी नर्सिंग स्कूल रामपुर में 3600 रुपये फीस, फिर भी नहीं मिल रहा पैष्टिक खाना, खुद बनानी पड़ रहीं चपातियां

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 11:55 PM IST
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शिकायत मिलने के बाद एसडीएम ने किया स्कूल का निरीक्षण, आरोपों की होगी जांच, रिकॉर्ड तलब
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पिछले 19 साल से बिना टेंडर के एक ही व्यक्ति चला रहा मेस
छात्राओं की बंदरों भगाने के लिए लगती है ड्यूटी, लाइब्रेरी बंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर के खनेरी स्थित महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर में संचालित सरकारी नर्सिंग संस्थान एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार मामला संस्थान की मेस व्यवस्था और छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ा है। आरोप है कि प्रशिक्षु नर्सों से मेस के नाम पर प्रति माह 3600 रुपये वसूले जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पौष्टिक भोजन नहीं मिल रहा। इतना ही नहीं, कई छात्राओं को शाम के समय अपनी चपातियां खुद बनानी पड़ रही हैं।
इस संबंध में उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) रामपुर, हर्ष अमरेंद्र सिंह को शिकायतें मिलने के बाद उन्होंने शनिवार को संस्थान का औचक निरीक्षण किया। उनके अचानक पहुंचने से संस्थान में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान कार्यवाहक प्रधानाचार्य मधु गौतम अवकाश पर पाई गईं।
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जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। पता चला कि पिछले 19 वर्षों से बिना टेंडर प्रक्रिया के एक व्यक्ति मेस का संचालन कर रहा है। मेस में कार्यरत तीन पुरुष कर्मचारियों के छात्रा हॉस्टल में रहने की भी पुष्टि हुई, जो सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है। एसडीएम को दी शिकायत के मुताबिक मेस के पैसे देने के बावजूद भी छात्राओं को शाम को खुद चपाती बनानी पड़ती है। इसके अलावा, संस्थान की लाइब्रेरी लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्राओं से बंदरों को भगाने जैसे कार्य भी करवाए जाने के आरोप लगे हैं। शिकायत करने पर उन्हें डराने-धमकाने की बात भी सामने आई है।
रहने की व्यवस्था भी बेहद खराब पाई गई। एक कमरे में 15-15 छात्राओं को ठहराया जा रहा है, जबकि 85 छात्राओं के लिए केवल एक शौचालय उपलब्ध है। इससे स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने निरीक्षण के दौरान खामियों की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और संस्थान के पुराने रिकॉर्ड तलब किए गए हैं। उन्होंने छात्राओं को बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
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