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Rampur Bushahar News: दो लाख के भुगतान के लिए दोस्त को दिया चेक हुआ बाउंस, छह माह की कैद
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रामपुर की अदालत ने दोषी को तीन लाख रुपये का मुआवजा देने का भी दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपुर बुशहर की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में दोषी को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही शिकायतकर्ता को तीन लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। दोषी ने अपने दोस्त से दो लाख रुपये की मदद ली थी। इसके बाद इस राशि का भुगतान करने के लिए दोस्त को चेक दिया, जो बाउंस हो गया। राकेश कुमार ने शिकायतकर्ता मोहिंद्र पॉल से अच्छा दोस्त होने के नाते दो लाख रुपये की मदद ली थी। शिकायतकर्ता ने आरोपी को दो किस्तों में राशि ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी। इसके बाद, आरोपी ने राशि का भुगतान करने की कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए शिकायतकर्ता के नाम पर मार्च 2019 में दो लाख रुपये का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने आरोपी से उक्त राशि की मांग की, लेकिन उसने बचने की कोशिश की। बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उपरोक्त राशि का भुगतान करने में आरोपी विफल रहा। इसके बाद, शिकायतकर्ता ने एनआई अधिनियम की धारा-138 के तहत आरोपी को कानूनी मांग नोटिस भेजा। आरोपी को नोटिस मिला, लेकिन उसने कोई भुगतान नहीं किया। परिणामस्वरूप, यह शिकायत दर्ज की गई है। आरोपी ने अदालन में खुद को निर्दोष बताया। अदालत ने फैसला दिया है कि आरोपी को दोषी ठहराया जाता है। दोषी को एनआई अधिनियम की धारा-138 के तहत किए गए अपराध के लिए छह महीने की साधारण कैद की सजा दी जाती है। इसके अलावा, दोषी को शिकायतकर्ता को तीन लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया जाता है।
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रामपुर बुशहर। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपुर बुशहर की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में दोषी को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही शिकायतकर्ता को तीन लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। दोषी ने अपने दोस्त से दो लाख रुपये की मदद ली थी। इसके बाद इस राशि का भुगतान करने के लिए दोस्त को चेक दिया, जो बाउंस हो गया। राकेश कुमार ने शिकायतकर्ता मोहिंद्र पॉल से अच्छा दोस्त होने के नाते दो लाख रुपये की मदद ली थी। शिकायतकर्ता ने आरोपी को दो किस्तों में राशि ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी। इसके बाद, आरोपी ने राशि का भुगतान करने की कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए शिकायतकर्ता के नाम पर मार्च 2019 में दो लाख रुपये का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने आरोपी से उक्त राशि की मांग की, लेकिन उसने बचने की कोशिश की। बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उपरोक्त राशि का भुगतान करने में आरोपी विफल रहा। इसके बाद, शिकायतकर्ता ने एनआई अधिनियम की धारा-138 के तहत आरोपी को कानूनी मांग नोटिस भेजा। आरोपी को नोटिस मिला, लेकिन उसने कोई भुगतान नहीं किया। परिणामस्वरूप, यह शिकायत दर्ज की गई है। आरोपी ने अदालन में खुद को निर्दोष बताया। अदालत ने फैसला दिया है कि आरोपी को दोषी ठहराया जाता है। दोषी को एनआई अधिनियम की धारा-138 के तहत किए गए अपराध के लिए छह महीने की साधारण कैद की सजा दी जाती है। इसके अलावा, दोषी को शिकायतकर्ता को तीन लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया जाता है।