{"_id":"6a6de89bcfe1fccc850335e1","slug":"accused-arrested-in-chitta-case-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1003-166211-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: दो अंतरराज्यीय नशा नेटवर्क ध्वस्त, तीन सप्लायर गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: दो अंतरराज्यीय नशा नेटवर्क ध्वस्त, तीन सप्लायर गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गूगल पे पर लेनदेन के विश्लेषण से नशा तस्करी के नेटवर्क का हुआ खुलासा
रामपुर और पश्चिम थाना पुलिस ने अलग-अलग मामलों में की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहा। शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के दो मामलों में बाहरी राज्यों के तीन मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन मामलों में बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया। मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों का उपयोग किया गया। गूगल पे पर लेनदेन के गहन विश्लेषण से नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस जांच के परिणामस्वरूप, पुलिस ने पंजाब और हरियाणा में दबिश देकर तीन प्रमुख सप्लायरों को पकड़ा।
पहले कार्रवाई रामपुर पुलिस ने 17 जुलाई दर्ज एक मामले में की है। पुलिस ने 17 जुलाई को रोपड़ू नाला क्षेत्र में कार सवार अजेंद्र कुमार (36), मोनिका (24) और निखिल (27) को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से 9 ग्राम चिट्टा, एक डिजिटल वजन मशीन और 26 हजार रुपये बरामद हुए थे। जांच के दौरान मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गूगल पे पर लेनदेन का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि मोनिका और निखिल ने यह चिट्टा चंडीगढ़ के मनीमाजरा में रवि उर्फ रवि गिल से प्राप्त किया था। रवि गिल ऑटो चालक की आड़ में नशा तस्करी का अवैध कारोबार चला रहा था। पुलिस टीम ने हरियाणा के पिंजौर में दबिश देकर रवि उर्फ रवि गिल को गिरफ्तार कर लिया।
दूसरी कार्रवाई पश्चिमी शिमला पुलिस ने 8 जुलाई को दर्ज मामले में की है। पुलिस ने शोघी बैरियर पर एचआरटीसी बस से अनुज राजटा (19) को 6 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में पुलिस ने सप्लाई चेन का पता लगाया। तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण से पता चला कि अनुज ने चंडीगढ़ में जतिन कुमार से चिट्टा खरीदा था। उसने 10,500 रुपये गूगल पे के माध्यम से साजन सिंह को भेजे थे। पुलिस टीम ने पंजाब में दबिश देकर कपूरथला से साजन सिंह और जालंधर से जतिन कुमार को गिरफ्तार किया। साजन सिंह को इस अंतरराज्यीय नेटवर्क का मुख्य सरगना पाया गया।
विज्ञापन
इनसेट
वर्ष 2026 में अब तक शिमला पुलिस ने 63 मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार कर 48 बड़े अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए हैं, जो पिछले तीन वर्षों में सर्वाधिक उपलब्धि है। तुलना स्वरूप वर्ष 2025 में केवल सात मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी और 4 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे, जबकि वर्ष 2024 में 7 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार हुए थे और मात्र 2 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे।
कोट
एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस अब प्रत्येक एनडीपीएस मामले में वैज्ञानिक, तकनीकी और वित्तीय विवेचना पर जोर दे रही है। इसका उद्देश्य केवल छोटे तस्करों को पकड़ना नहीं है। बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क के मुख्य संचालकों तक पहुंचना है। जिला पुलिस का लक्ष्य अंतरराज्यीय सप्लाई चेन को पूरी तरह से ध्वस्त करना है। यह प्रयास नशा मुक्त समाज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
विज्ञापन
रामपुर और पश्चिम थाना पुलिस ने अलग-अलग मामलों में की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहा। शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के दो मामलों में बाहरी राज्यों के तीन मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन मामलों में बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया। मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों का उपयोग किया गया। गूगल पे पर लेनदेन के गहन विश्लेषण से नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस जांच के परिणामस्वरूप, पुलिस ने पंजाब और हरियाणा में दबिश देकर तीन प्रमुख सप्लायरों को पकड़ा।
पहले कार्रवाई रामपुर पुलिस ने 17 जुलाई दर्ज एक मामले में की है। पुलिस ने 17 जुलाई को रोपड़ू नाला क्षेत्र में कार सवार अजेंद्र कुमार (36), मोनिका (24) और निखिल (27) को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से 9 ग्राम चिट्टा, एक डिजिटल वजन मशीन और 26 हजार रुपये बरामद हुए थे। जांच के दौरान मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गूगल पे पर लेनदेन का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि मोनिका और निखिल ने यह चिट्टा चंडीगढ़ के मनीमाजरा में रवि उर्फ रवि गिल से प्राप्त किया था। रवि गिल ऑटो चालक की आड़ में नशा तस्करी का अवैध कारोबार चला रहा था। पुलिस टीम ने हरियाणा के पिंजौर में दबिश देकर रवि उर्फ रवि गिल को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
दूसरी कार्रवाई पश्चिमी शिमला पुलिस ने 8 जुलाई को दर्ज मामले में की है। पुलिस ने शोघी बैरियर पर एचआरटीसी बस से अनुज राजटा (19) को 6 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में पुलिस ने सप्लाई चेन का पता लगाया। तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण से पता चला कि अनुज ने चंडीगढ़ में जतिन कुमार से चिट्टा खरीदा था। उसने 10,500 रुपये गूगल पे के माध्यम से साजन सिंह को भेजे थे। पुलिस टीम ने पंजाब में दबिश देकर कपूरथला से साजन सिंह और जालंधर से जतिन कुमार को गिरफ्तार किया। साजन सिंह को इस अंतरराज्यीय नेटवर्क का मुख्य सरगना पाया गया।
विज्ञापन
इनसेट
वर्ष 2026 में अब तक शिमला पुलिस ने 63 मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार कर 48 बड़े अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए हैं, जो पिछले तीन वर्षों में सर्वाधिक उपलब्धि है। तुलना स्वरूप वर्ष 2025 में केवल सात मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी और 4 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे, जबकि वर्ष 2024 में 7 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार हुए थे और मात्र 2 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे।
कोट
एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस अब प्रत्येक एनडीपीएस मामले में वैज्ञानिक, तकनीकी और वित्तीय विवेचना पर जोर दे रही है। इसका उद्देश्य केवल छोटे तस्करों को पकड़ना नहीं है। बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क के मुख्य संचालकों तक पहुंचना है। जिला पुलिस का लक्ष्य अंतरराज्यीय सप्लाई चेन को पूरी तरह से ध्वस्त करना है। यह प्रयास नशा मुक्त समाज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।