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Rampur Bushahar News: ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण की मिसाल बन उभरी तारा चौहान
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तारा चौहान। संवाद
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महिला दिवस विशेष
. स्वयं सहायता से जुड़कर बनी लखपति दीदी, अब महिलाओं को दे रहीं प्रशिक्षण
. स्वयं सहायता समूह से राष्ट्रीय स्तर तक तय किया प्रेरक सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल(रोहड़ू)। चौपाल विकासखंड की दूरदराज पंचायत किरण निवासी तारा चौहान ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण की मिसाल बनकर उभरी हैं। तारा चौहान अपनी आर्थिकी को मजबूत करने के लिए स्वयं सहायता से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद तारा चौहान ने प्रशिक्षण और सीखने के अवसरों का पूरा लाभ उठाया। इसके बाद लखपति दीदी बन गई। अपनी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने लोकओएस प्रणाली को भी अच्छी तरह सीखा। आगे चलकर लोकओस की मास्टर ट्रेनर बनीं। आज वह राष्ट्रीय स्तर पर कई स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण दे रही हैं और समूहों को संचालित करने में मार्गदर्शन कर रही हैं। तारा चौहान वर्ष 2022 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने फूड प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग ली। सेब से आचार और चटनी बनाना सीखा। अपने उत्पादों को हिम ईरा ब्रांड के तहत बेचना शुरू किया। अपने उत्पादों को दिल्ली में आयोजित सरस मेले में भी प्रदर्शित किया। उत्पादों को बेचकर तारा चौहान सालाना एक लाख रुपये से अधिक कमाने लगी। इसके बाद केंद्र सरकार की योजना के तहत लखपति दीदी घोषित किया गया। इसके बाद तारा चौहान ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर लोकओएस प्रणाली को अच्छी तरह सीखा और उसकी मास्टर ट्रेनर बनीं। लोकओएस एप्लिकेशन को देशभर में स्वयं सहायता समूह नेटवर्क के संपूर्ण डिजिटलीकरण को आसान बनाने के लिए विकसित किया गया है। तारा चौहान के इस प्रेरक सफर को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। उन्हें भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर गुरुग्राम में आयोजित लखपति दीदी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आमंत्रित किया गया। इस मंच पर हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों और महिलाओं के सशक्तीकरण की कहानी साझा की। तारा चौहान का मानना है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, मार्गदर्शन और विश्वास मिले, तो वे न केवल अपने जीवन को बदल सकती हैं, बल्कि समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। आज उनका प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ें और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल(रोहड़ू)। चौपाल विकासखंड की दूरदराज पंचायत किरण निवासी तारा चौहान ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण की मिसाल बनकर उभरी हैं। तारा चौहान अपनी आर्थिकी को मजबूत करने के लिए स्वयं सहायता से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद तारा चौहान ने प्रशिक्षण और सीखने के अवसरों का पूरा लाभ उठाया। इसके बाद लखपति दीदी बन गई। अपनी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने लोकओएस प्रणाली को भी अच्छी तरह सीखा। आगे चलकर लोकओस की मास्टर ट्रेनर बनीं। आज वह राष्ट्रीय स्तर पर कई स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण दे रही हैं और समूहों को संचालित करने में मार्गदर्शन कर रही हैं। तारा चौहान वर्ष 2022 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने फूड प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग ली। सेब से आचार और चटनी बनाना सीखा। अपने उत्पादों को हिम ईरा ब्रांड के तहत बेचना शुरू किया। अपने उत्पादों को दिल्ली में आयोजित सरस मेले में भी प्रदर्शित किया। उत्पादों को बेचकर तारा चौहान सालाना एक लाख रुपये से अधिक कमाने लगी। इसके बाद केंद्र सरकार की योजना के तहत लखपति दीदी घोषित किया गया। इसके बाद तारा चौहान ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर लोकओएस प्रणाली को अच्छी तरह सीखा और उसकी मास्टर ट्रेनर बनीं। लोकओएस एप्लिकेशन को देशभर में स्वयं सहायता समूह नेटवर्क के संपूर्ण डिजिटलीकरण को आसान बनाने के लिए विकसित किया गया है। तारा चौहान के इस प्रेरक सफर को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। उन्हें भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर गुरुग्राम में आयोजित लखपति दीदी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आमंत्रित किया गया। इस मंच पर हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों और महिलाओं के सशक्तीकरण की कहानी साझा की। तारा चौहान का मानना है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, मार्गदर्शन और विश्वास मिले, तो वे न केवल अपने जीवन को बदल सकती हैं, बल्कि समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। आज उनका प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ें और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें।