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Rampur Bushahar News: चुनावों के बाद आनी में पटरी से उतरी परिवहन व्यवस्था
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चंडीगढ़-जाबो, आनी-पनेऊ समेत 13 बस रूट बंद, लोगों के आक्रोश, सड़क पर उतरने की दी चेतावनी
हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। विकास खंड आनी में पंचायतीराज चुनावों के बाद परिवहन व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरती नजर आ रही है। क्षेत्र में परिवहन निगम के 13 बस रूट बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि पहली बार लंबे रूट की बस सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों में एचआरटीसी प्रबंधन के प्रति भारी रोष व्याप्त है। सबसे अधिक परेशानी चंडीगढ़-जाबो लंबे रूट की बस सेवा प्रभावित होने से हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह बस पिछले करीब दस दिन से नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही है। चंडीगढ़ से बस को केवल आनी तक भेजा जा रहा है, जबकि आनी से आगे दो अलग-अलग रूटों की सवारियों के लिए मात्र एक बस चलाई जा रही है। इससे जाबो, कराणा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को शिमला और चंडीगढ़ जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कराणा पंचायत के प्रधान शांता कुमार और कराणा-1 पंचायत के प्रधान चुनीलाल ने एचआरटीसी प्रबंधन से चंडीगढ़-जाबो बस सेवा को तुरंत नियमित करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र की महत्वपूर्ण बस सेवा है और इसके प्रभावित होने से छात्रों, कर्मचारियों, मरीजों और अन्य यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, आनी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पनेऊ को जाने वाली एकमात्र बस सेवा भी पंचायतीराज चुनावों के बाद से बंद पड़ी हुई है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। क्षेत्र के निवासी जीत कुमार सहित कई ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बस सेवाएं शीघ्र बहाल नहीं की गईं, तो जनता एचआरटीसी प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन छेडऩे और घेराव करने को मजबूर होगी। जानकारी के अनुसार चुनावों के बाद क्षेत्र के 13 बस रूट प्रभावित या बंद पड़े हैं। इसके पीछे एचआरटीसी की पुरानी, खस्ताहाल और बार-बार खराब होने वाली बसों को मुख्य कारण बताया जा रहा है। लगातार तकनीकी खराबियों के चलते बसें कार्यशालाओं में खड़ी हैं, जिसका सीधा असर ग्रामीण परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है।
निगम की कुछ बसें खराब होने के कारण कई रूट प्रभावित हुए हैं। समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही प्रभावित रूटों को बहाल किया जाएगा।-- संदीप कुमार, अड्डा प्रभारी, परिवहन निगम आनी
हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। विकास खंड आनी में पंचायतीराज चुनावों के बाद परिवहन व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरती नजर आ रही है। क्षेत्र में परिवहन निगम के 13 बस रूट बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि पहली बार लंबे रूट की बस सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों में एचआरटीसी प्रबंधन के प्रति भारी रोष व्याप्त है। सबसे अधिक परेशानी चंडीगढ़-जाबो लंबे रूट की बस सेवा प्रभावित होने से हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह बस पिछले करीब दस दिन से नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही है। चंडीगढ़ से बस को केवल आनी तक भेजा जा रहा है, जबकि आनी से आगे दो अलग-अलग रूटों की सवारियों के लिए मात्र एक बस चलाई जा रही है। इससे जाबो, कराणा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को शिमला और चंडीगढ़ जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कराणा पंचायत के प्रधान शांता कुमार और कराणा-1 पंचायत के प्रधान चुनीलाल ने एचआरटीसी प्रबंधन से चंडीगढ़-जाबो बस सेवा को तुरंत नियमित करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र की महत्वपूर्ण बस सेवा है और इसके प्रभावित होने से छात्रों, कर्मचारियों, मरीजों और अन्य यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, आनी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पनेऊ को जाने वाली एकमात्र बस सेवा भी पंचायतीराज चुनावों के बाद से बंद पड़ी हुई है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। क्षेत्र के निवासी जीत कुमार सहित कई ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बस सेवाएं शीघ्र बहाल नहीं की गईं, तो जनता एचआरटीसी प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन छेडऩे और घेराव करने को मजबूर होगी। जानकारी के अनुसार चुनावों के बाद क्षेत्र के 13 बस रूट प्रभावित या बंद पड़े हैं। इसके पीछे एचआरटीसी की पुरानी, खस्ताहाल और बार-बार खराब होने वाली बसों को मुख्य कारण बताया जा रहा है। लगातार तकनीकी खराबियों के चलते बसें कार्यशालाओं में खड़ी हैं, जिसका सीधा असर ग्रामीण परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है।
निगम की कुछ बसें खराब होने के कारण कई रूट प्रभावित हुए हैं। समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही प्रभावित रूटों को बहाल किया जाएगा।
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