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मिड-डे मील वर्कर को निश्चित तिथि पर मिले वेतन : राज रोच
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बनोट में बैठक के दौरान उपस्थित मिड डे मील वर्कर: यूनियन
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22 को शिमला में आयोजित होने वाली हड़ताल में बनोट के 20 मिड-डे मील वर्कर लेंगे भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार मिड-डे मील वर्करों की उपेक्षा कर रही है। कर्मचारियों की तर्ज पर छुट्टियों का प्रावधान नहीं किया गया है। वेतन का भुगतान प्रत्येक माह निश्चित तिथि पर नहीं किया जा रहा। प्रदेश के हजारों मिड-डे मील वर्कर मात्र 5,500 रुपये मासिक मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं। हाईकोर्ट ने 12 महीने का वेतन देने के आदेश के बावजूद सरकार आज तक उसे लागू नहीं कर पाई है, जो चिंता का विषय है। यह बात राहुल विद्यार्थी ने कही। बनोट में बुधवार को मिड-डे मील वर्कर यूनियन (सीटू) की बैठक हुई। मिड-डे मील वर्कर यूनियन बनोट अध्यक्ष राज रोच ने अध्यक्षता की। राज रोच ने कहा कि बैठक में 22 जून को शिमला में आयोजित होने वाले सचिवालय घेराव और प्रदेशव्यापी हड़ताल की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी ने निर्णय लिया कि बनोट क्षेत्र से 20 मिड डे मील वर्कर सचिवालय घेराव में भाग लेंगे। बैठक में मिड-डे मील वर्कर की विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई। बैठक में सरकार से 25 बच्चों की शर्त को समाप्त करने का आह्वान किया। न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह लागू करने, पंजाब सरकार और आंगनबाड़ी और मिड डे मील वर्करों को सामाजिक सुरक्षा सहित अन्य सुविधा देने की मांग उठाई। राहुल विद्यार्थी ने कहा कि मिड डे मील वर्करों को न तो छुट्टियों का कोई प्रावधान है और न समय पर वेतन मिलता है। उन्होंने सरकार से मांगों को जल्द पूरा करने का आह्वान किया।
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार मिड-डे मील वर्करों की उपेक्षा कर रही है। कर्मचारियों की तर्ज पर छुट्टियों का प्रावधान नहीं किया गया है। वेतन का भुगतान प्रत्येक माह निश्चित तिथि पर नहीं किया जा रहा। प्रदेश के हजारों मिड-डे मील वर्कर मात्र 5,500 रुपये मासिक मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं। हाईकोर्ट ने 12 महीने का वेतन देने के आदेश के बावजूद सरकार आज तक उसे लागू नहीं कर पाई है, जो चिंता का विषय है। यह बात राहुल विद्यार्थी ने कही। बनोट में बुधवार को मिड-डे मील वर्कर यूनियन (सीटू) की बैठक हुई। मिड-डे मील वर्कर यूनियन बनोट अध्यक्ष राज रोच ने अध्यक्षता की। राज रोच ने कहा कि बैठक में 22 जून को शिमला में आयोजित होने वाले सचिवालय घेराव और प्रदेशव्यापी हड़ताल की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी ने निर्णय लिया कि बनोट क्षेत्र से 20 मिड डे मील वर्कर सचिवालय घेराव में भाग लेंगे। बैठक में मिड-डे मील वर्कर की विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई। बैठक में सरकार से 25 बच्चों की शर्त को समाप्त करने का आह्वान किया। न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह लागू करने, पंजाब सरकार और आंगनबाड़ी और मिड डे मील वर्करों को सामाजिक सुरक्षा सहित अन्य सुविधा देने की मांग उठाई। राहुल विद्यार्थी ने कहा कि मिड डे मील वर्करों को न तो छुट्टियों का कोई प्रावधान है और न समय पर वेतन मिलता है। उन्होंने सरकार से मांगों को जल्द पूरा करने का आह्वान किया।