Shimla: चंडीगढ़ में 15 वर्षों से रह रहा था दलगांव का परिवार, जानकी दास की हत्या से टूटा दुखों का पहाड़
रोहड़ू की दलगांव पंचायत की नवनिर्वाचित प्रधान इना के परिवार में जहां पंचायत चुनाव में जीत के बाद खुशियों का माहौल था, वहीं 13 जून को हुई एक घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
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हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू की दलगांव पंचायत की नवनिर्वाचित प्रधान इना के परिवार में जहां पंचायत चुनाव में जीत के बाद खुशियों का माहौल था, वहीं 13 जून को हुई एक घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर जानकी दास मच्छरेट की हत्या कर दी। इस घटना से न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर है। जानकी दास पिछले करीब 15 वर्षों से चंडीगढ़ के धनास क्षेत्र में परिवार सहित रह रहे थे। वह एक कैमिस्ट की दुकान में कैशियर के रूप में कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनकी पत्नी इना पीजीआई चंडीगढ़ में आउटसोर्स आधार पर एक्सरे विभाग में कार्यरत थी। दंपती अपने मिलनसार स्वभाव और जरूरतमंदों तथा मरीजों की सेवा के लिए जाने जाते थे।
दोनों सदैव लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहते
आसपास के लोग बताते हैं कि दोनों सदैव लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहते थे। हाल ही में संपन्न पंचायत चुनाव में इना ने दलगांव पंचायत से प्रधान पद का चुनाव जीतकर परिवार और गांव को खुशी का अवसर दिया था। घर में जीत का जश्न मनाया जा रहा था, लेकिन शपथ ग्रहण से पहले ही यह दुखद घटना घट गई और खुशियां मातम में बदल गईं। इना ने बताया कि जिस दुकान में उनके पति कार्यरत थे, उसके साथ वाली दुकान को रंगदारी को लेकर धमकियां मिलने की बात सामने आई थी, लेकिन उनके परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने कहा कि जानकी दास ने कभी किसी का बुरा नहीं किया और न ही किसी विवाद से उनका कोई संबंध था। उनका कहना है कि पुलिस को हत्यारों के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, लेकिन इस वारदात ने उनका भरा-पूरा परिवार उजाड़ दिया है। जानकी दास की वृद्ध माता मोदी देवी अपने बेटे की असमय मृत्यु से गहरे सदमे में हैं। दो दिन पहले उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
एक ईमानदार, सरल और जनसेवा की भावना रखने वाले व्यक्ति थे जानकी
दलागांव पंचायत के पूर्व प्रधान विशेषर सिंह बांष्टू ने कहा कि जानकी दास एक ईमानदार, सरल और जनसेवा की भावना रखने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि उनकी शालीन छवि और लोगों के प्रति अपनापन उन्हें सबसे अलग बनाता था। उनकी असामयिक मृत्यु से क्षेत्र ने एक सज्जन और संवेदनशील व्यक्ति को खो दिया है। इस हृदयविदारक घटना ने एक ओर जहां एक परिवार की खुशियां छीन लीं। वहीं, पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। ग्रामीणों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।
पति की हत्या के चलते शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सकीं दलगांव की प्रधान इना
रोहड़ू की पंचायत दलगांव की नवनिर्वाचित प्रधान इना 15 जून को आयोजित प्रधानों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सकीं। 13 जून को उनके पति की हत्या हो जाने से परिवार शोक में डूबा हुआ है, जिसके चलते वह समारोह में उपस्थित नहीं हो पाईं। शिमला में नवनिर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों के लिए 15 जून को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें क्षेत्र की सभी पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। शोक की इस घड़ी को देखते हुए प्रधान इना को अलग से पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। इसके लिए आगामी दिनों में अलग से तिथि निर्धारित की जाएगी। 13 जून को हुई दुखद घटना में प्रधान इना के पति की चंडीगढ़ में हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।