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Rampur Bushahar News: सड़े सेबों से 43 हरे पेड़ों की मौत
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कोटखाई के कंवर बाग में सेब की बोरियों के डंप करने से सुखे पौधे की जांच के लिए पहुंची वन विभाग क
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वन विभाग की टीम ने किया कंवर बाग का निरीक्षण, 43 पेड़ों के सूखने की पुष्टि
जिस क्षेत्र में सेब की बोरियां की डंप, वहीं पेड़ और झाड़ियां प्रभावित
. विभाग ने रिपोर्ट की तैयार, कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। उपमंडल कोटखाई की बाग डुमेहर पंचायत के कंवर बाग के जंगल में सड़े सेबों की हजारों बोरियों को डंप करने के मामले में जांच शुरू हो गई है। बुधवार को कोटखाई वन मंडल की टीम ने कंवर बाग क्षेत्र में सूख रहे पेड़ों का निरीक्षण किया। इस दौरान विभाग के कर्मचारियों ने करीब 43 कायल और देवदार के पेड़ों के सूखने की पुष्टि की है। अब इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। अखबार ने इस मुद्दे को बुधवार के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद वन विभाग हरकत में आया। बुधवार को मौके पर जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम भेजी गई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि डंप की गईं हजारों सेब की बोरियों के कारण वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। प्राथमिक जांच में सामने आया कि लगभग 43 देवदार और कायल के पौधे सूख चुके हैं, जबकि कई अन्य पेड़ सूखने के कगार पर हैं। आसपास की झाड़ियां भी प्रभावित होकर सूख चुकी हैं। बीट गार्ड भूप सिंह ने बताया कि जिन स्थानों पर सेब की बोरियां डंप की गई थीं, वहीं के पेड़ सूखे हैं, जबकि आसपास का जंगल पूरी तरह हरा-भरा है। इससे स्पष्ट है कि बोरियों के लंबे समय तक पड़े रहने से भूमि और वनस्पति को नुकसान हुआ है। वन विभाग की टीम सुबह कंवर बाग पहुंची और मौके का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की, जिसे उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। वहीं, डीएफओ ठियोग मनीष रामपाल ने बताया कि नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट प्राप्त होते ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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जिस क्षेत्र में सेब की बोरियां की डंप, वहीं पेड़ और झाड़ियां प्रभावित
. विभाग ने रिपोर्ट की तैयार, कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। उपमंडल कोटखाई की बाग डुमेहर पंचायत के कंवर बाग के जंगल में सड़े सेबों की हजारों बोरियों को डंप करने के मामले में जांच शुरू हो गई है। बुधवार को कोटखाई वन मंडल की टीम ने कंवर बाग क्षेत्र में सूख रहे पेड़ों का निरीक्षण किया। इस दौरान विभाग के कर्मचारियों ने करीब 43 कायल और देवदार के पेड़ों के सूखने की पुष्टि की है। अब इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। अखबार ने इस मुद्दे को बुधवार के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद वन विभाग हरकत में आया। बुधवार को मौके पर जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम भेजी गई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि डंप की गईं हजारों सेब की बोरियों के कारण वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। प्राथमिक जांच में सामने आया कि लगभग 43 देवदार और कायल के पौधे सूख चुके हैं, जबकि कई अन्य पेड़ सूखने के कगार पर हैं। आसपास की झाड़ियां भी प्रभावित होकर सूख चुकी हैं। बीट गार्ड भूप सिंह ने बताया कि जिन स्थानों पर सेब की बोरियां डंप की गई थीं, वहीं के पेड़ सूखे हैं, जबकि आसपास का जंगल पूरी तरह हरा-भरा है। इससे स्पष्ट है कि बोरियों के लंबे समय तक पड़े रहने से भूमि और वनस्पति को नुकसान हुआ है। वन विभाग की टीम सुबह कंवर बाग पहुंची और मौके का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की, जिसे उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। वहीं, डीएफओ ठियोग मनीष रामपाल ने बताया कि नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट प्राप्त होते ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।