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Rampur Bushahar News: स्वर्ग प्रवास से आज लौटेंगे देवी-देवता
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कोठी ब्रामगढ़ में बूढ़ा सरौहणी करेंगे साल भर की भविष्यवाणी
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। निरमंड खंड के देवी-देवता साहिब आज एक माह के स्वर्ग प्रवास से देवालय लौटेंगे। मंदिर पहुंचने के बाद पूजा-अर्चना होगी। इसके बाद देवता वर्ष भर की भविष्यवाणी सुनाएंगे। माघ माह में देवभूमि हिमाचल के अधिकतर देवी-देवता स्वर्ग प्रवास पर इंद्र देव की सभा में हाजिरी भरते हैं। स्वर्ग प्रवास जाने के बाद इस दौरान मंदिर में किसी भी प्रकार के देव कार्य नहीं होते हैं, लेकिन फाल्गुन माह की संक्रांति में देवता इंद्र देव की सभा से लौटकर अपने-अपने मंदिरों में लौटते हैं और फाल्गुन संक्रांति में देवी-देवताओं का एक विशेष दरबार लगता है, जिसे स्थानीय भाषा में गड़ाई पर्व कहते हैं। आउटर सिराज के 24 कोठी, पांच गढ़ों के राजा गढ़पति, बागा सराहन के बूढ़ा सरौहणी देवता वीरवार को फाल्गुन संक्रांति पर अपनी कोठी ब्रामगढ़ में लौटेंगे। देवता साहिब अपने माली (गूर) के माध्यम से पूरे साल भर की भविष्यवाणी करेंगे। देवता के माली सरसों के दाने देकर अपने हरियानों को आशीर्वाद देंगे। इसमें विशेष रूप से साल भर में फसल और आग की घटनाओं, बाढ़, ओलावृष्टि जैसे घटनाओं की भविष्यवाणी की जाएगी। देवता के अधिकार क्षेत्र में किस जगह पर भारी ओलावृष्टि और किस जगह पर भारी बारिश, और किस जगह आग की घटनाओं के संकेत हैं, ये सारी बातें अपने माली के माध्यम से हरियानों की बताई जाएंगी। देवता के कारदार प्रेम ठाकुर और पुजारी लोचन ठाकुर ने बताया कि आर फाल्गुन मास की संक्रांति में सुबह देवता का दरबार ब्रामगढ़ मंदिर परिसर में लगेगा। इसमें बागा सराहन, चायल, नो, झलैर और फाटी के देवलू दरबार में हाजिरी लगाएंगे। इसके बाद बागा सराहन के मेला मैदान में देवता का दरबार लगेगा, जिसमें पूरे क्षेत्र के लोग देवता के आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे।
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निरमंड (कुल्लू)। निरमंड खंड के देवी-देवता साहिब आज एक माह के स्वर्ग प्रवास से देवालय लौटेंगे। मंदिर पहुंचने के बाद पूजा-अर्चना होगी। इसके बाद देवता वर्ष भर की भविष्यवाणी सुनाएंगे। माघ माह में देवभूमि हिमाचल के अधिकतर देवी-देवता स्वर्ग प्रवास पर इंद्र देव की सभा में हाजिरी भरते हैं। स्वर्ग प्रवास जाने के बाद इस दौरान मंदिर में किसी भी प्रकार के देव कार्य नहीं होते हैं, लेकिन फाल्गुन माह की संक्रांति में देवता इंद्र देव की सभा से लौटकर अपने-अपने मंदिरों में लौटते हैं और फाल्गुन संक्रांति में देवी-देवताओं का एक विशेष दरबार लगता है, जिसे स्थानीय भाषा में गड़ाई पर्व कहते हैं। आउटर सिराज के 24 कोठी, पांच गढ़ों के राजा गढ़पति, बागा सराहन के बूढ़ा सरौहणी देवता वीरवार को फाल्गुन संक्रांति पर अपनी कोठी ब्रामगढ़ में लौटेंगे। देवता साहिब अपने माली (गूर) के माध्यम से पूरे साल भर की भविष्यवाणी करेंगे। देवता के माली सरसों के दाने देकर अपने हरियानों को आशीर्वाद देंगे। इसमें विशेष रूप से साल भर में फसल और आग की घटनाओं, बाढ़, ओलावृष्टि जैसे घटनाओं की भविष्यवाणी की जाएगी। देवता के अधिकार क्षेत्र में किस जगह पर भारी ओलावृष्टि और किस जगह पर भारी बारिश, और किस जगह आग की घटनाओं के संकेत हैं, ये सारी बातें अपने माली के माध्यम से हरियानों की बताई जाएंगी। देवता के कारदार प्रेम ठाकुर और पुजारी लोचन ठाकुर ने बताया कि आर फाल्गुन मास की संक्रांति में सुबह देवता का दरबार ब्रामगढ़ मंदिर परिसर में लगेगा। इसमें बागा सराहन, चायल, नो, झलैर और फाटी के देवलू दरबार में हाजिरी लगाएंगे। इसके बाद बागा सराहन के मेला मैदान में देवता का दरबार लगेगा, जिसमें पूरे क्षेत्र के लोग देवता के आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे।