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Himachal High Court: किन्नौर कैलाश यात्रा पर पंचायत के प्रतिबंध प्रस्ताव पर रोक, यात्रा जारी रखने के आदेश
Thu, 23 Jul 2026 12:33 PM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर।
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 23 Jul 2026 12:33 PM IST
सार
Himachal High Court on Kinnaur Kailash Yatra : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पौवारी ग्राम पंचायत के किन्नौर कैलाश यात्रा पर प्रतिबंध लगाने वाले प्रस्ताव पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने प्रशासन को कानून और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यात्रा जारी रखने के निर्देश दिए हैं और पंचायत को किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से रोका है। यह आदेश यात्रा आयोजित करने वाली दो पंजीकृत संस्थाओं की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।
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किन्नौर कैलाश 2026
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने पौवारी ग्राम पंचायत द्वारा किन्नौर कैलाश यात्रा को स्थायी रूप से प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति ज्योत्सना रेवाल दुआ की पीठ ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह कानून और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यात्रा को सुचारू रूप से जारी रखे। न्यायालय ने पौवारी ग्राम पंचायत को यात्रा के संचालन में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने से प्रतिबंधित कर दिया है।
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याचिकाकर्ताओं और पंचायत का पक्ष
यह मामला श्री प्रकाशंकरस किन्नर कैलाश यात्रा और एक अन्य पंजीकृत संस्था द्वारा दायर याचिका के बाद सामने आया। ये संस्थाएं हिमाचल प्रदेश सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 2006 के तहत पंजीकृत हैं और किन्नौर जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार वार्षिक किन्नर कैलाश यात्रा का आयोजन करती हैं। याचिकाकर्ताओं ने पौवारी ग्राम पंचायत के 13 जुलाई को पारित उस प्रस्ताव को चुनौती दी थी, जिसमें यात्रा को स्थायी रूप से रोकने और याचिकाकर्ता संस्था को भंग करने का आदेश दिया गया था।
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याचिकाकर्ताओं के अनुसार, पौवारी ग्राम पंचायत ने एक ग्राम सभा बैठक के बाद यह प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें बहुमत (112 के मुकाबले 62 हस्ताक्षर) से यात्रा रोकने का निर्णय लिया गया था। ग्राम पंचायत ने याचिकाकर्ता संस्था को भी भंग करने का आदेश दिया था। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि ग्राम पंचायत को पंजीकृत संस्थाओं को भंग करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
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यात्रा का ऐतिहासिक महत्व और प्रशासनिक निर्णय
याचिका में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार ने 12 जून को एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक में यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया था। इसके बाद किन्नौर कैलाश यात्रा 1 जुलाई 2026 से शुरू हुई थी और 30 जुलाई तक चलने की उम्मीद है, जिसे प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आगे बढ़ाया जा सकता है। यह यात्रा अनादि काल से प्रतिवर्ष आयोजित की जाती रही है और देश भर से विभिन्न क्षेत्रों व धर्मों के तीर्थयात्री इसमें भाग लेते हैं। याचिकाकर्ताओं का मानना है कि ग्राम पंचायत के पास इसे रोकने का अधिकार नहीं है।
हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश और अगली सुनवाई
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के अधिकारियों, जिसमें राजस्व सचिव, पंचायती राज सचिव, उपायुक्त किन्नौर, एसडीएम कल्पा व अध्यक्ष किन्नौर कैलाश यात्रा आयोजन समिति, पुलिस अधीक्षक किन्नौर और ब्लॉक विकास अधिकारी कल्पा शामिल हैं, को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि यात्रा सभी कानूनों और सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए जारी रहे। जिला प्रशासन, विशेष रूप से उपायुक्त किन्नौर, एसडीएम कल्पा और पुलिस अधीक्षक किन्नौर की जिम्मेदारी होगी कि वे यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करें। इस मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को निर्धारित की गई है।
याचिका में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार ने 12 जून को एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक में यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया था। इसके बाद किन्नौर कैलाश यात्रा 1 जुलाई 2026 से शुरू हुई थी और 30 जुलाई तक चलने की उम्मीद है, जिसे प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आगे बढ़ाया जा सकता है। यह यात्रा अनादि काल से प्रतिवर्ष आयोजित की जाती रही है और देश भर से विभिन्न क्षेत्रों व धर्मों के तीर्थयात्री इसमें भाग लेते हैं। याचिकाकर्ताओं का मानना है कि ग्राम पंचायत के पास इसे रोकने का अधिकार नहीं है।
हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश और अगली सुनवाई
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के अधिकारियों, जिसमें राजस्व सचिव, पंचायती राज सचिव, उपायुक्त किन्नौर, एसडीएम कल्पा व अध्यक्ष किन्नौर कैलाश यात्रा आयोजन समिति, पुलिस अधीक्षक किन्नौर और ब्लॉक विकास अधिकारी कल्पा शामिल हैं, को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि यात्रा सभी कानूनों और सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए जारी रहे। जिला प्रशासन, विशेष रूप से उपायुक्त किन्नौर, एसडीएम कल्पा और पुलिस अधीक्षक किन्नौर की जिम्मेदारी होगी कि वे यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करें। इस मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को निर्धारित की गई है।