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Rampur Bushahar News: खस्ताहाल सड़क, सेब बागवानों के माथे पर चिंता की लकीर
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खलटूनाला–थाना–रामनगर मार्ग पर एक साल बाद भी नहीं लगा डंगा। संवाद
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खलटूनाला-थाना-रामनगर मार्ग पर एक साल बाद भी नहीं लगा डंगा
पिछले वर्ष जुलाई में भारी बारिश से सड़क का एक हिस्सा हो गया था क्षतिग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। खस्ताहाल सड़क ने सेब बागवानों के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है। सेब का सीजन करीब है और बरसात भी शुरू होने वाली है। उपमंडल के उबादेश क्षेत्र में खलटूनाला से थाना-रामनगर-खोला कुइनल-कराला संपर्क सड़क की स्थिति बदहाल है। ऐसे में इस बार सेब मंडियों तक पहुंचाने में परेशानी झेलनी पड़ेगी। स्थानीय बागवानों में इसे लेकर भारी रोष है। पिछले वर्ष जुलाई में भारी बारिश से सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे मार्ग करीब एक महीने तक बंद रहा। एक साल बीतने के बाद भी सड़क की सुरक्षा के लिए डंगे का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। नए सेब सीजन से पहले बागवानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले वर्ष सड़क बंद रहने से बागवानों को सेब मंडियों तक पहुंचाने में बहुत परेशानी हुई थी। अब नए सेब सीजन में करीब एक महीना बचा है। सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में बागवानों को फिर से परिवहन संबंधी दिक्कतों का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर डंगे का निर्माण और सड़क की मरम्मत नहीं हुई, तो बरसात में यह मार्ग दोबारा बाधित हो सकता है। इसका सीधा असर क्षेत्र की बागवानी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। बागवानों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग ने केवल आश्वासन दिए हैं। धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं दिख रहा है।
सरकार और विभाग से हस्तक्षेप की मांग
क्षेत्र के कई बागवानों ने सरकार और लोक निर्माण विभाग से हस्तक्षेप की मांग की है। बागवानों में जय सिंह, जीवन कालटा, विकास कालटा, रोशन कालटा, मदन घाई, ज्ञान वर्मा, राकेश जनारठा, जगत जनारठा, प्रेम चौहान, संजीव चौहान, मृदुल चौहान, कृष्ण जनारठा, सुनील चौहान, पप्पू शर्मा, भीष्म, दयानंद और सुनील बामटा शामिल हैं। उन्होंने सेब सीजन शुरू होने से पहले सड़क की सुरक्षा और मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से पूरा करने को कहा है। इससे बागवानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में कोई परेशानी नहीं होगी।
पिछले वर्ष जुलाई में भारी बारिश से सड़क का एक हिस्सा हो गया था क्षतिग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। खस्ताहाल सड़क ने सेब बागवानों के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है। सेब का सीजन करीब है और बरसात भी शुरू होने वाली है। उपमंडल के उबादेश क्षेत्र में खलटूनाला से थाना-रामनगर-खोला कुइनल-कराला संपर्क सड़क की स्थिति बदहाल है। ऐसे में इस बार सेब मंडियों तक पहुंचाने में परेशानी झेलनी पड़ेगी। स्थानीय बागवानों में इसे लेकर भारी रोष है। पिछले वर्ष जुलाई में भारी बारिश से सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे मार्ग करीब एक महीने तक बंद रहा। एक साल बीतने के बाद भी सड़क की सुरक्षा के लिए डंगे का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। नए सेब सीजन से पहले बागवानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले वर्ष सड़क बंद रहने से बागवानों को सेब मंडियों तक पहुंचाने में बहुत परेशानी हुई थी। अब नए सेब सीजन में करीब एक महीना बचा है। सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में बागवानों को फिर से परिवहन संबंधी दिक्कतों का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर डंगे का निर्माण और सड़क की मरम्मत नहीं हुई, तो बरसात में यह मार्ग दोबारा बाधित हो सकता है। इसका सीधा असर क्षेत्र की बागवानी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। बागवानों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग ने केवल आश्वासन दिए हैं। धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं दिख रहा है।
सरकार और विभाग से हस्तक्षेप की मांग
क्षेत्र के कई बागवानों ने सरकार और लोक निर्माण विभाग से हस्तक्षेप की मांग की है। बागवानों में जय सिंह, जीवन कालटा, विकास कालटा, रोशन कालटा, मदन घाई, ज्ञान वर्मा, राकेश जनारठा, जगत जनारठा, प्रेम चौहान, संजीव चौहान, मृदुल चौहान, कृष्ण जनारठा, सुनील चौहान, पप्पू शर्मा, भीष्म, दयानंद और सुनील बामटा शामिल हैं। उन्होंने सेब सीजन शुरू होने से पहले सड़क की सुरक्षा और मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से पूरा करने को कहा है। इससे बागवानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में कोई परेशानी नहीं होगी।
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