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Rampur Bushahar News: रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवा कर रहे पलायन
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जलवायु शुष्क और सूखा प्रभावित है शिंगला पंचायत
भूगोल विषय के छात्रों के सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण में हुआ खुलासा
छात्रों ने किसानों और प्रतिनिधियों से संवाद कर जानी सामाजिक और आर्थिक स्थिति
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
रामपुर कॉलेज के एमए भूगोल द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत शिंगला पंचायत का शैक्षणिक एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण किया। इस सर्वेक्षण में खुलासा हुआ कि रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवा पंचायत से पलायन कर रहे हैं। भूगोल विभाग के प्रभारी डॉ. जितेंद्र साहनी ने कहा कि सर्वेक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय निवासियों, शिक्षकों और किसानों से संवाद किया और क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का अध्ययन किया।
अध्ययन में पाया कि शिंगला पंचायत की जलवायु शुष्क और सूखा प्रभावित है। इस कारण सिंचाई सुविधाओं की कमी एवं जल संकट ग्रामीणों की प्रमुख समस्याएं बनी हुई हैं। इसके अतिरिक्त लावारिस पशुओं की समस्या भी किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिससे फसलों को बड़ा नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में मुख्य रूप से गेहूं, मक्का, दालें और सब्जियों की खेती की जाती है। कुछ परिवार पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन से भी जुड़े हुए हैं। गांव में भेड़ और गाय पालन सामान्य रूप से देखा गया। रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवाओं का पलायन भी लगातार बढ़ रहा है। सर्वेक्षण के अनुसार, शिंगला पंचायत की कुल जनसंख्या करीब 4000 और शिंगला गांव की जनसंख्या करीब 800 है। क्षेत्र की साक्षरता दर लगभग 85–90 प्रतिशत पाई गई। विद्यार्थियों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शिंगला का भी दौरा किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य रामसरणी नेगी ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं आवश्यकताओं की जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय में परिवहन सुविधा की कमी विद्यार्थियों के लिए एक प्रमुख समस्या बनी हुई है। विद्यार्थियों ने गांव की सांस्कृतिक परंपराओं और स्थानीय मेलों का भी अध्ययन किया। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में अप्रैल माह में आयोजित होने वाला ठिरशू मेला स्थानीय संस्कृति एवं आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ग्रामीणों ने पूर्व में नशे के खिलाफ एंटी चिट्टा रैली एवं बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना रहा है। इस शैक्षणिक सर्वेक्षण से विद्यार्थियों को ग्रामीण विकास, सामाजिक संरचना एवं स्थानीय समस्याओं को समझने का व्यावहारिक अवसर प्राप्त हुआ। विद्यार्थियों ने ग्रामीणों के साथ जागरूकता और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की। सर्वेक्षण में एमए भूगोल द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थी अभिनव मेहता, दीपक ठाकुर, शिवांश शर्मा, सुमित ठाकुर और रूम सिंह मौजूद रहे।
भूगोल विषय के छात्रों के सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण में हुआ खुलासा
छात्रों ने किसानों और प्रतिनिधियों से संवाद कर जानी सामाजिक और आर्थिक स्थिति
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
रामपुर कॉलेज के एमए भूगोल द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत शिंगला पंचायत का शैक्षणिक एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण किया। इस सर्वेक्षण में खुलासा हुआ कि रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवा पंचायत से पलायन कर रहे हैं। भूगोल विभाग के प्रभारी डॉ. जितेंद्र साहनी ने कहा कि सर्वेक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय निवासियों, शिक्षकों और किसानों से संवाद किया और क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का अध्ययन किया।
अध्ययन में पाया कि शिंगला पंचायत की जलवायु शुष्क और सूखा प्रभावित है। इस कारण सिंचाई सुविधाओं की कमी एवं जल संकट ग्रामीणों की प्रमुख समस्याएं बनी हुई हैं। इसके अतिरिक्त लावारिस पशुओं की समस्या भी किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिससे फसलों को बड़ा नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में मुख्य रूप से गेहूं, मक्का, दालें और सब्जियों की खेती की जाती है। कुछ परिवार पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन से भी जुड़े हुए हैं। गांव में भेड़ और गाय पालन सामान्य रूप से देखा गया। रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवाओं का पलायन भी लगातार बढ़ रहा है। सर्वेक्षण के अनुसार, शिंगला पंचायत की कुल जनसंख्या करीब 4000 और शिंगला गांव की जनसंख्या करीब 800 है। क्षेत्र की साक्षरता दर लगभग 85–90 प्रतिशत पाई गई। विद्यार्थियों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शिंगला का भी दौरा किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य रामसरणी नेगी ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं आवश्यकताओं की जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय में परिवहन सुविधा की कमी विद्यार्थियों के लिए एक प्रमुख समस्या बनी हुई है। विद्यार्थियों ने गांव की सांस्कृतिक परंपराओं और स्थानीय मेलों का भी अध्ययन किया। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में अप्रैल माह में आयोजित होने वाला ठिरशू मेला स्थानीय संस्कृति एवं आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ग्रामीणों ने पूर्व में नशे के खिलाफ एंटी चिट्टा रैली एवं बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना रहा है। इस शैक्षणिक सर्वेक्षण से विद्यार्थियों को ग्रामीण विकास, सामाजिक संरचना एवं स्थानीय समस्याओं को समझने का व्यावहारिक अवसर प्राप्त हुआ। विद्यार्थियों ने ग्रामीणों के साथ जागरूकता और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की। सर्वेक्षण में एमए भूगोल द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थी अभिनव मेहता, दीपक ठाकुर, शिवांश शर्मा, सुमित ठाकुर और रूम सिंह मौजूद रहे।
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