{"_id":"6a09950a7662146ae20a3fde","slug":"motor-accident-claims-authority-kinnaur-rampur-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1003-160436-2026-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: कार हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की \nपत्नी और बेटे को मिलेंगे 15 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: कार हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पत्नी और बेटे को मिलेंगे 15 लाख रुपये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण ने बीमा कंपनी को मुआवजा देने का दिया आदेश
2022 में आईजीएमसी से घर लौटते कार हुई थी दुर्घटनाग्रस्त
उपचार के दौरान हुई थी निरमंड के विनोद कुमार की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण किन्नौर ने कार हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पत्नी और बेटे को 15 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मुआवजा बीमा कंपनी को देना होगा। 30 सितंबर 2022 को निरमंड निवासी विनोद कुमार अपनी कार में आईजीएमसी शिमला से अपने घर आ रहा था। कार को अशोक कुमार नाम का व्यक्ति चला रहा था। कार दिथल गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विनोद को चोटें आईं। 13 अक्तूबर 2022 को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। तर्क दिया गया है कि दुर्घटना वाहन चालक अशोक कुमार की लापरवाही और जल्दबाजी भरे तरीके से वाहन चलाने से हुई। मामले में वाहन का बीमा करने वाली कंपनी और चालक को प्रतिवादी बनाया गया। बीमा कंपनी ने याचिका का विरोध और खंडन किया। तर्क दिया कि मृतक विनोद कुमार कोई तीसरा पक्ष (थर्ड पार्टी) नहीं था। वह वाहन का मालिक था। साथ ही विचाराधीन वाहन बीमा पॉलिसी के नियमों और शर्तों के उल्लंघन में चलाया जा रहा था, इसलिए इस प्राधिकरण के पास वर्तमान याचिका को स्वीकार करने और उस पर निर्णय देने का क्षेत्राधिकार नहीं है। वहीं, प्रतिवादी चालक के खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की गई। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि विनोद कुमार ने बीमा पॉलिसी प्राप्त की थी। उन्होंने मालिक-चालक के पर्सनल एक्सीडेंट कवर के लिए 325 रुपये का भुगतान किया था। पॉलिसी के अनुसार, मृतक मालिक 15 लाख रुपये तक के नुकसान के लिए कवर था। प्राधिकरण ने निर्णय दिया कि निष्कर्षों के परिणामस्वरूप याचिका आंशिक रूप से स्वीकार की जाती है। बीमाकर्ता कंपनी को 15 लाख रुपये का मुआवजा का आदेश दिया जाता है, क्योंकि उन्होंने मालिक-ड्राइवर के व्यक्तिगत दुर्घटना कवर के लिए 325 रुपये का प्रीमियम प्राप्त किया था। इसके अलावा, याचिकाकर्ता इस याचिका को दायर करने की तारीख से लेकर भुगतान होने तक 7.5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज पाने के भी हकदार हैं।
2022 में आईजीएमसी से घर लौटते कार हुई थी दुर्घटनाग्रस्त
उपचार के दौरान हुई थी निरमंड के विनोद कुमार की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण किन्नौर ने कार हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पत्नी और बेटे को 15 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मुआवजा बीमा कंपनी को देना होगा। 30 सितंबर 2022 को निरमंड निवासी विनोद कुमार अपनी कार में आईजीएमसी शिमला से अपने घर आ रहा था। कार को अशोक कुमार नाम का व्यक्ति चला रहा था। कार दिथल गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विनोद को चोटें आईं। 13 अक्तूबर 2022 को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। तर्क दिया गया है कि दुर्घटना वाहन चालक अशोक कुमार की लापरवाही और जल्दबाजी भरे तरीके से वाहन चलाने से हुई। मामले में वाहन का बीमा करने वाली कंपनी और चालक को प्रतिवादी बनाया गया। बीमा कंपनी ने याचिका का विरोध और खंडन किया। तर्क दिया कि मृतक विनोद कुमार कोई तीसरा पक्ष (थर्ड पार्टी) नहीं था। वह वाहन का मालिक था। साथ ही विचाराधीन वाहन बीमा पॉलिसी के नियमों और शर्तों के उल्लंघन में चलाया जा रहा था, इसलिए इस प्राधिकरण के पास वर्तमान याचिका को स्वीकार करने और उस पर निर्णय देने का क्षेत्राधिकार नहीं है। वहीं, प्रतिवादी चालक के खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की गई। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि विनोद कुमार ने बीमा पॉलिसी प्राप्त की थी। उन्होंने मालिक-चालक के पर्सनल एक्सीडेंट कवर के लिए 325 रुपये का भुगतान किया था। पॉलिसी के अनुसार, मृतक मालिक 15 लाख रुपये तक के नुकसान के लिए कवर था। प्राधिकरण ने निर्णय दिया कि निष्कर्षों के परिणामस्वरूप याचिका आंशिक रूप से स्वीकार की जाती है। बीमाकर्ता कंपनी को 15 लाख रुपये का मुआवजा का आदेश दिया जाता है, क्योंकि उन्होंने मालिक-ड्राइवर के व्यक्तिगत दुर्घटना कवर के लिए 325 रुपये का प्रीमियम प्राप्त किया था। इसके अलावा, याचिकाकर्ता इस याचिका को दायर करने की तारीख से लेकर भुगतान होने तक 7.5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज पाने के भी हकदार हैं।