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Rampur Bushahar News: दुर्गम क्षेत्र में व्यवस्था बीमार, 40 किमी दूर उपचार
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उपमंडल रामपुर के सरपारा में आयोजित बैठक के दौरान मौजूद सेवानिवृत्त कर्मचारी। स्रोत : संस्था
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. आयुर्वेदिक उप स्वास्थ्य केंद्र सरपारा में लटका ताला
. उपचार के लिए 35 से 40 किलोमीटर दूर रामपुर के चक्कर काट रहे मरीज
. बैठक में पेयजल समेत कई मुद्दे गरमाए, रोष जताया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल की दुर्गम पंचायत सरपारा के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। दुर्गम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की बीमार व्यवस्था के कारण मरीजों को उपचार के लिए करीब 40 किलोमीटर दूर रामपुर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मरहम पट्टी के लिए भी मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं। आयुर्वेदिक उप स्वास्थ्य केंद्र सरपारा में ताला लटका हुआ है। सोमवार को सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संस्था सरपारा 15/20 की बैठक संस्था के अध्यक्ष जगत पाल कपाटिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में दुर्गम क्षेत्र में बीमार स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा गरमाया। बैठक में सबसे पहले अनंत राम सदानी, अशोक कुमार और कांडू राम केदारटा को सेवानिवृत्ति के बाद संस्था की सदस्यता माला और मफलर पहनाकर शपथ ग्रहण करवाई गई। बैठक में संस्था के सचिव राम लाल ठाकुर ने आय-व्यय रखा। इसके बाद वीर सिंह कपूर, रेवा राम नेगी, कृपाल नेगी, अनंत राम सदानी और अध्यक्ष जगत पाल कपाटिया ने अपने विचार रखे। बैठक में पंचायत के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की गई। साथ ही कई अहम निर्णय लिए गए। संस्था के मीटिंग हाल को गांव पानी में बनाने के कार्य को जल्द शुरू करने पर फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक उप स्वास्थ्य केंद्र सरपारा में ताला लगना एक दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार और विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जताया गया। उन्होंने कहा कि पंचायत के करीब 1600 लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। जुकाम और बुखार की दवा लिए मरीजों को रामपुर जाना पड़ रहा है। इलाके का एकमात्र दूसरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समेज वर्ष 2024 में बाढ़ की भेंट चढ़ गया, लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से आज डेढ़ वर्ष बीत जाने पर भी इसकी सुध नहीं ली जा रही है। लोगों के लिए चिंता का विषय है। सरपारा पंचायत के लोग स्वभावी सरपारा पेयजल योजना से ठगा महसूस कर रहे हैं। कहा कि योजना के अंतर्गत 2 से 3 वर्ष पूर्व पूरी पंचायत में बिछी पाइप लाइन आज भी पानी के लिए तरस रही है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इन पाइपों में पानी तभी आएगा, जब ये पाइपें जंक खाकर मरम्मत के लिए होगी। संस्था ने जल शक्ति विभाग रामपुर से इस मुद्दे को गंभीरता से समाधान करने की अपील की है। वर्ना संस्था को मजबूरन अन्य कोई कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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. बैठक में पेयजल समेत कई मुद्दे गरमाए, रोष जताया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल की दुर्गम पंचायत सरपारा के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। दुर्गम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की बीमार व्यवस्था के कारण मरीजों को उपचार के लिए करीब 40 किलोमीटर दूर रामपुर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मरहम पट्टी के लिए भी मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं। आयुर्वेदिक उप स्वास्थ्य केंद्र सरपारा में ताला लटका हुआ है। सोमवार को सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संस्था सरपारा 15/20 की बैठक संस्था के अध्यक्ष जगत पाल कपाटिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में दुर्गम क्षेत्र में बीमार स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा गरमाया। बैठक में सबसे पहले अनंत राम सदानी, अशोक कुमार और कांडू राम केदारटा को सेवानिवृत्ति के बाद संस्था की सदस्यता माला और मफलर पहनाकर शपथ ग्रहण करवाई गई। बैठक में संस्था के सचिव राम लाल ठाकुर ने आय-व्यय रखा। इसके बाद वीर सिंह कपूर, रेवा राम नेगी, कृपाल नेगी, अनंत राम सदानी और अध्यक्ष जगत पाल कपाटिया ने अपने विचार रखे। बैठक में पंचायत के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की गई। साथ ही कई अहम निर्णय लिए गए। संस्था के मीटिंग हाल को गांव पानी में बनाने के कार्य को जल्द शुरू करने पर फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक उप स्वास्थ्य केंद्र सरपारा में ताला लगना एक दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार और विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जताया गया। उन्होंने कहा कि पंचायत के करीब 1600 लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। जुकाम और बुखार की दवा लिए मरीजों को रामपुर जाना पड़ रहा है। इलाके का एकमात्र दूसरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समेज वर्ष 2024 में बाढ़ की भेंट चढ़ गया, लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से आज डेढ़ वर्ष बीत जाने पर भी इसकी सुध नहीं ली जा रही है। लोगों के लिए चिंता का विषय है। सरपारा पंचायत के लोग स्वभावी सरपारा पेयजल योजना से ठगा महसूस कर रहे हैं। कहा कि योजना के अंतर्गत 2 से 3 वर्ष पूर्व पूरी पंचायत में बिछी पाइप लाइन आज भी पानी के लिए तरस रही है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इन पाइपों में पानी तभी आएगा, जब ये पाइपें जंक खाकर मरम्मत के लिए होगी। संस्था ने जल शक्ति विभाग रामपुर से इस मुद्दे को गंभीरता से समाधान करने की अपील की है। वर्ना संस्था को मजबूरन अन्य कोई कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।