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भौंडा में मंदिर का शिखा पूजन : ढोल-नगाढ़ों की थाप और वाद्ययंत्रों की ध्वनियों पर देवलुओं ने किया नृत्य
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चिड़गांव के भौंडा में रात के समय धार्मिक अनुष्ठान में नाटी डालते लोग
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भौंडा में देवता विष्णु नारायण के मंदिर के शिखा पूजन की रस्म पूरी
आज धार्मिक अनुष्ठान में आए देवता और मेहमानों को देंगे विदाई
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
चिड़गांव तहसील के भौंडा गांव में देवता विष्णु नारायण के नवनिर्मित मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दूसरे दिन सोमवार को शिखा पूजन की रस्म वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर धार्मिक वातावरण के बीच क्षेत्रीय परंपराओं और लोकसंस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली। शिखा पूजन की रस्म के दौरान देवता विष्णु नारायण भौंडा के कुल पुरोहित, गूर, आमंत्रित देवताओं के गूर और कार-कारिंदे नवनिर्मित मंदिर की छत पर चढ़े। वहां विधिवत मंत्रोच्चारण, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान के साथ शिखा पूजन को संपन्न करवाया। रस्म के पूर्ण होते ही मंदिर प्रांगण में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा। पूजन के बाद मंदिर परिसर में मेहमान देवताओं के साथ पहुंचे सैकड़ों देवलुओं, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप, रणसिंघा, करनाल और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनियों पर नृत्य किया। रविवार शाम से पहाड़ी नाटी और माला नृत्य का दौर चलता रहा, जिसमें श्रद्धालु भक्ति और उल्लास के साथ झूमते नजर आए। तीन दिवसीय यज्ञ के दौरान आए मेहमानों और श्रद्धालुओं के मनोरंजन और सहभागिता का सिलसिला लगातार जारी रहा।भौंडा गांव में देवता विष्णु नारायण का नवनिर्मित मंदिर एक करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। जखनोटी के आराध्य देवता बाशिक महाराज के सानिध्य में आयोजित इस प्राण-प्रतिष्ठा यज्ञ में हजारों देवलू, श्रद्धालु और मेहमानों ने भाग लिया।
30 साल बाद हुआ अनुष्ठान
मंगलवार को यज्ञ के अंतिम दिन उछड़–पाछड़ की रस्म के बाद कुंभराटू की भटोली, सभी मेहमान देवता, देवलू और श्रद्धालु अपने-अपने गांवों, घरों और मंदिरों में प्रवेश करेंगे। विष्णु नारायण मंदिर कमेटी भौंडा के मोतमीन दिलीप भंडारी ने बताया कि यह तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा समारोह 30 वर्षों बाद आयोजित हो रहा है। इसके सफल आयोजन के लिए मंदिर कमेटी और स्थानीय जमींदारों की ओर से पिछले पांच वर्षों से तैयारियां की जा रही थीं। उन्होंने कहा कि मुख्य रस्म पूरी हो गई है। मंगलवार को देवताओं का मेहमानों की विदाई का कार्यक्रम रहेगा।
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चिड़गांव तहसील के भौंडा गांव में देवता विष्णु नारायण के नवनिर्मित मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दूसरे दिन सोमवार को शिखा पूजन की रस्म वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर धार्मिक वातावरण के बीच क्षेत्रीय परंपराओं और लोकसंस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली। शिखा पूजन की रस्म के दौरान देवता विष्णु नारायण भौंडा के कुल पुरोहित, गूर, आमंत्रित देवताओं के गूर और कार-कारिंदे नवनिर्मित मंदिर की छत पर चढ़े। वहां विधिवत मंत्रोच्चारण, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान के साथ शिखा पूजन को संपन्न करवाया। रस्म के पूर्ण होते ही मंदिर प्रांगण में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा। पूजन के बाद मंदिर परिसर में मेहमान देवताओं के साथ पहुंचे सैकड़ों देवलुओं, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप, रणसिंघा, करनाल और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनियों पर नृत्य किया। रविवार शाम से पहाड़ी नाटी और माला नृत्य का दौर चलता रहा, जिसमें श्रद्धालु भक्ति और उल्लास के साथ झूमते नजर आए। तीन दिवसीय यज्ञ के दौरान आए मेहमानों और श्रद्धालुओं के मनोरंजन और सहभागिता का सिलसिला लगातार जारी रहा।भौंडा गांव में देवता विष्णु नारायण का नवनिर्मित मंदिर एक करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। जखनोटी के आराध्य देवता बाशिक महाराज के सानिध्य में आयोजित इस प्राण-प्रतिष्ठा यज्ञ में हजारों देवलू, श्रद्धालु और मेहमानों ने भाग लिया।
30 साल बाद हुआ अनुष्ठान
मंगलवार को यज्ञ के अंतिम दिन उछड़–पाछड़ की रस्म के बाद कुंभराटू की भटोली, सभी मेहमान देवता, देवलू और श्रद्धालु अपने-अपने गांवों, घरों और मंदिरों में प्रवेश करेंगे। विष्णु नारायण मंदिर कमेटी भौंडा के मोतमीन दिलीप भंडारी ने बताया कि यह तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा समारोह 30 वर्षों बाद आयोजित हो रहा है। इसके सफल आयोजन के लिए मंदिर कमेटी और स्थानीय जमींदारों की ओर से पिछले पांच वर्षों से तैयारियां की जा रही थीं। उन्होंने कहा कि मुख्य रस्म पूरी हो गई है। मंगलवार को देवताओं का मेहमानों की विदाई का कार्यक्रम रहेगा।

चिड़गांव के भौंडा में रात के समय धार्मिक अनुष्ठान में नाटी डालते लोग

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