{"_id":"6970d35749b82fa31f04779d","slug":"lokpals-decision-on-gram-sabha-of-panchayat-baihna-accepted-irregularities-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1031-152709-2026-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: पंचायत बैहना की ग्रामसभा पर लोकपाल का फैसला, अनियमितताओं को स्वीकार किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: पंचायत बैहना की ग्रामसभा पर लोकपाल का फैसला, अनियमितताओं को स्वीकार किया
विज्ञापन
विज्ञापन
शिकायतकर्ताओं ने 2 अक्तूबर की ग्राम सभा को बताया था फर्जी
लोकपाल अधिकारी ने अपनी जांच की रिपोर्ट में दिया फैसला
पंचायत प्रधान ने जिला लोकपाल अधिकारी की कार्रवाई को बताया पूरी तरह से असंवैधानिक
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी(कुल्लू)।
विकास खंड आनी की पंचायत बैहना में 2 अक्तूबर 2025 को आयोजित ग्राम सभा बैठक में कथित अनियमितताओं को लेकर जिला लोकपाल (मनरेगा) कुल्लू ने फैसला सुनाया है। लोकपाल डॉ. संदीप कुमार ने शिकायत पर विस्तृत सुनवाई के बाद ग्राम सभा की कार्यप्रणाली में अनियमितताओं को स्वीकार किया है। यह शिकायत ग्राम पंचायत बैहना के उप प्रधान सुलेंद्र कुमार सहित कुल 11 ग्रामीणों मेद राम ठाकुर, वार्ड मेंबर तिहनी मस्त राम , महेंद्र सिंह, दयाल सिंह वर्मा, सत्य पाल वर्मा, रूप सिंह ठाकुर, कल्याण चंद कटोच (रोपड़ी), मोहर ध्वज और राम कृष्ण ठाकुर ने दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि 2 अक्तूबर को आयोजित ग्राम सभा बैठक में आवश्यक कोरम पूरा नहीं था। इसके बावजूद पंचायत ने मनमानी तरीके से कोरम पूरा दर्शाकर बैठक की कार्यवाही करवाई। उनका कहना है कि बैठक में वास्तविक उपस्थिति बहुत कम थी, जबकि दस्तावेजों में अधिक संख्या दर्शायी गई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि ग्राम सभा की कार्यवाही न तो विधिवत रूप से पढ़कर सुनाई गई और न ही पारदर्शी तरीके से बैठक का समापन किया गया। साथ ही कई ऐसे लोगों के हस्ताक्षर दर्ज पाए गए, जो उस दिन ग्राम सभा में उपस्थित ही नहीं थे। लोकपाल जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पंचायत से संबंधित आवश्यक अभिलेख समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। खंड विकास अधिकारी एवं पंचायत अधिकारियों के असहयोग के चलते 12 दिसंबर 2025 को लोकपाल कार्यालय कुल्लू में सुनवाई आयोजित की, जहां शिकायतकर्ताओं ने अपने बयान दर्ज करवाए। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2021 से ग्राम पंचायत बैहना में ग्राम सभाओं को महज औपचारिकता बनाकर रखा गया है। मनरेगा के तहत किए गए कार्यों में चुनिंदा परिवारों को लाभ पहुंचाने और कुछ सड़कों और रास्तों के निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए गए हैं।
ग्राम सभा में कोरम पूरा न होने की शिकायत उनके पास आई थी। जांच और लोगों के बयानों के आधार पर शिकायत सही पाई गई, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। आगामी कार्रवाई संबंधित विभागों की ओर से की जानी है।-- डॉ. संदीप कुमार, जिला लोकपाल अधिकारी
कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित
ग्राम पंचायत बैहना के प्रधान विनोद कुमार ने कहा कि लोकपाल की पूरी कार्रवाई को संवैधानिक प्रक्रिया के विरुद्ध बताया है। उनका कहना है कि 2 अक्तूबर की ग्राम सभा पूरी कोरम के साथ हुई थी और लोकपाल अधिकारी इस मामले की कार्रवाई के लिए सक्षम नहीं हैं। प्रधान ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है। बिना पंचायत को विश्वास में लिए लोकपाल अधिकारी ने लंबे समय तक उनकी पंचायत में जांच की। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में उन्होंने जिला लोकपाल अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।
Trending Videos
लोकपाल अधिकारी ने अपनी जांच की रिपोर्ट में दिया फैसला
पंचायत प्रधान ने जिला लोकपाल अधिकारी की कार्रवाई को बताया पूरी तरह से असंवैधानिक
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी(कुल्लू)।
विकास खंड आनी की पंचायत बैहना में 2 अक्तूबर 2025 को आयोजित ग्राम सभा बैठक में कथित अनियमितताओं को लेकर जिला लोकपाल (मनरेगा) कुल्लू ने फैसला सुनाया है। लोकपाल डॉ. संदीप कुमार ने शिकायत पर विस्तृत सुनवाई के बाद ग्राम सभा की कार्यप्रणाली में अनियमितताओं को स्वीकार किया है। यह शिकायत ग्राम पंचायत बैहना के उप प्रधान सुलेंद्र कुमार सहित कुल 11 ग्रामीणों मेद राम ठाकुर, वार्ड मेंबर तिहनी मस्त राम , महेंद्र सिंह, दयाल सिंह वर्मा, सत्य पाल वर्मा, रूप सिंह ठाकुर, कल्याण चंद कटोच (रोपड़ी), मोहर ध्वज और राम कृष्ण ठाकुर ने दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि 2 अक्तूबर को आयोजित ग्राम सभा बैठक में आवश्यक कोरम पूरा नहीं था। इसके बावजूद पंचायत ने मनमानी तरीके से कोरम पूरा दर्शाकर बैठक की कार्यवाही करवाई। उनका कहना है कि बैठक में वास्तविक उपस्थिति बहुत कम थी, जबकि दस्तावेजों में अधिक संख्या दर्शायी गई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि ग्राम सभा की कार्यवाही न तो विधिवत रूप से पढ़कर सुनाई गई और न ही पारदर्शी तरीके से बैठक का समापन किया गया। साथ ही कई ऐसे लोगों के हस्ताक्षर दर्ज पाए गए, जो उस दिन ग्राम सभा में उपस्थित ही नहीं थे। लोकपाल जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पंचायत से संबंधित आवश्यक अभिलेख समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। खंड विकास अधिकारी एवं पंचायत अधिकारियों के असहयोग के चलते 12 दिसंबर 2025 को लोकपाल कार्यालय कुल्लू में सुनवाई आयोजित की, जहां शिकायतकर्ताओं ने अपने बयान दर्ज करवाए। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2021 से ग्राम पंचायत बैहना में ग्राम सभाओं को महज औपचारिकता बनाकर रखा गया है। मनरेगा के तहत किए गए कार्यों में चुनिंदा परिवारों को लाभ पहुंचाने और कुछ सड़कों और रास्तों के निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए गए हैं।
ग्राम सभा में कोरम पूरा न होने की शिकायत उनके पास आई थी। जांच और लोगों के बयानों के आधार पर शिकायत सही पाई गई, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। आगामी कार्रवाई संबंधित विभागों की ओर से की जानी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित
ग्राम पंचायत बैहना के प्रधान विनोद कुमार ने कहा कि लोकपाल की पूरी कार्रवाई को संवैधानिक प्रक्रिया के विरुद्ध बताया है। उनका कहना है कि 2 अक्तूबर की ग्राम सभा पूरी कोरम के साथ हुई थी और लोकपाल अधिकारी इस मामले की कार्रवाई के लिए सक्षम नहीं हैं। प्रधान ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है। बिना पंचायत को विश्वास में लिए लोकपाल अधिकारी ने लंबे समय तक उनकी पंचायत में जांच की। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में उन्होंने जिला लोकपाल अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।