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Rampur Bushahar News: दूध खरीद बंद होने और भुगतान में देरी पर भड़के दुग्ध उत्पादक
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पशुपालकों को झेलनी पड़ रही आर्थिक और मानसिक परेशानी
भाजपा ने भी दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। मिल्कफेड दत्तनगर की ओर से मंगलवार को दूध खरीद बंद रखने के निर्णय से दुग्ध उत्पादकों में भारी नाराजगी है। दूध उत्पादकों का कहना है कि एक ओर उन्हें पिछले करीब ढाई माह से दूध का भुगतान नहीं मिला है, वहीं बिना पूर्व वैकल्पिक व्यवस्था के दूध खरीद बंद कर देने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार को दत्तनगर मिल्कफेड की ओर से जारी सूचना के अनुसार सभी दुग्ध सहकारी समितियों में दूध खरीद नहीं की गई। इसके चलते क्षेत्र के सैकड़ों दुग्ध उत्पादकों का दूध नहीं बिक पाया और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। पशुपालकों का कहना है कि दुग्ध उत्पादन एक दैनिक प्रक्रिया है और दूध को लंबे समय तक सुरक्षित रखना संभव नहीं होता। ऐसे में खरीद बंद होने से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। वहीं, सरकार के इस निर्णय से पशुपालकों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार पशुपालकों के उत्थान के लिए कार्य करने का आश्वासन देती है। दूसरी ओर ऐसे फैसले किसान विरोधी हैं। इस मुद्दे को लेकर भाजपा किसान मोर्चा ने भी प्रदेश सरकार और मिल्कफेड के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष एवं पंचायत प्रधान दूनी चंद ठाकुर ने जारी बयान में चेतावनी दी है कि यदि दुग्ध उत्पादकों के लंबित भुगतान का शीघ्र निपटारा नहीं किया गया, तो भाजपा पशुपालकों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगी। दूनी चंद ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र के दुग्ध किसानों को करीब ढाई महीने से दूध की अदायगी नहीं मिली है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। पशुओं के चारे, दवाइयों और अन्य खर्चों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। जबकि पशुपालकों को उनकी मेहनत का भुगतान समय पर नहीं मिल रहा है।
दत्तनगर में 70 हजार प्रति लीटर एक दिन की क्षमता है, जबकि दूध दो लाख लीटर आ रहा है। डेयरी मिल्क की ओर से मिल्कफेड की दूध खरीद होती है, लेकिन उनके भेजे टैंकर समय रहते खाली नहीं हो रहे। इस वजह उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि दूध न लेने का फैसला स्थगित कर दिया गया है। बुधवार से सप्लाई नियमित होगी। एक हफ्ते के भीतर सभी सोसायटियों को दूध की पेमेंट का भुगतान किया जाएगा। - ऋषि चंदेल, प्रबंधक, दत्तनगर चिलिंग प्लांट
भाजपा ने भी दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। मिल्कफेड दत्तनगर की ओर से मंगलवार को दूध खरीद बंद रखने के निर्णय से दुग्ध उत्पादकों में भारी नाराजगी है। दूध उत्पादकों का कहना है कि एक ओर उन्हें पिछले करीब ढाई माह से दूध का भुगतान नहीं मिला है, वहीं बिना पूर्व वैकल्पिक व्यवस्था के दूध खरीद बंद कर देने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार को दत्तनगर मिल्कफेड की ओर से जारी सूचना के अनुसार सभी दुग्ध सहकारी समितियों में दूध खरीद नहीं की गई। इसके चलते क्षेत्र के सैकड़ों दुग्ध उत्पादकों का दूध नहीं बिक पाया और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। पशुपालकों का कहना है कि दुग्ध उत्पादन एक दैनिक प्रक्रिया है और दूध को लंबे समय तक सुरक्षित रखना संभव नहीं होता। ऐसे में खरीद बंद होने से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। वहीं, सरकार के इस निर्णय से पशुपालकों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार पशुपालकों के उत्थान के लिए कार्य करने का आश्वासन देती है। दूसरी ओर ऐसे फैसले किसान विरोधी हैं। इस मुद्दे को लेकर भाजपा किसान मोर्चा ने भी प्रदेश सरकार और मिल्कफेड के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष एवं पंचायत प्रधान दूनी चंद ठाकुर ने जारी बयान में चेतावनी दी है कि यदि दुग्ध उत्पादकों के लंबित भुगतान का शीघ्र निपटारा नहीं किया गया, तो भाजपा पशुपालकों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगी। दूनी चंद ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र के दुग्ध किसानों को करीब ढाई महीने से दूध की अदायगी नहीं मिली है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। पशुओं के चारे, दवाइयों और अन्य खर्चों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। जबकि पशुपालकों को उनकी मेहनत का भुगतान समय पर नहीं मिल रहा है।
दत्तनगर में 70 हजार प्रति लीटर एक दिन की क्षमता है, जबकि दूध दो लाख लीटर आ रहा है। डेयरी मिल्क की ओर से मिल्कफेड की दूध खरीद होती है, लेकिन उनके भेजे टैंकर समय रहते खाली नहीं हो रहे। इस वजह उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि दूध न लेने का फैसला स्थगित कर दिया गया है। बुधवार से सप्लाई नियमित होगी। एक हफ्ते के भीतर सभी सोसायटियों को दूध की पेमेंट का भुगतान किया जाएगा। - ऋषि चंदेल, प्रबंधक, दत्तनगर चिलिंग प्लांट
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