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Rampur Bushahar News: चार दिन बाद भी नहीं सुलझी गीता देवी हत्याकांड की गुत्थी
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पुलिस की टीमें शलाश गांव और आसपास के क्षेत्रों में डटीं, सीसीटीवी कैमरों की खंगाली जा रही फुटेज
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। उपमंडल की करछारी पंचायत के शलाश गांव में 77 वर्षीय गीता देवी जनारथा की हत्या के चार दिन बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है। मामले के खुलासे में हो रही देरी को लेकर अब क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ने लगी है और सुरक्षा एजेंसियों व पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार गीता देवी की हत्या मंगलवार रात को हुई थी। बुधवार सुबह घटना का पता चलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। इसके बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत वीरवार को उनके पैतृक गांव श्रेणी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक पुलिस के हाथ कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं लग पाया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीमें लगातार शलाश गांव और आसपास के क्षेत्रों में डटी हुई हैं। शनिवार को शक के आधार पर कई लोगों से पूछताछ की गई। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके। हालांकि अब तक जांच एजेंसियों को कोई ऐसा सुराग नहीं मिला है, जिससे आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
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घटनास्थल से जुटाए गए तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। शिमला से पहुंची फोरेंसिक टीम मौके से कई महत्वपूर्ण नमूने एकत्र कर चुकी है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में घर में चोरी के संकेत मिलने के बाद पुलिस चोरी या डकैती के दौरान हत्या की आशंका को भी खंगाल रही है।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच हर पहलू से की जा रही है और मामले का खुलासा करने का प्रयास जारी है।
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। उपमंडल की करछारी पंचायत के शलाश गांव में 77 वर्षीय गीता देवी जनारथा की हत्या के चार दिन बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है। मामले के खुलासे में हो रही देरी को लेकर अब क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ने लगी है और सुरक्षा एजेंसियों व पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार गीता देवी की हत्या मंगलवार रात को हुई थी। बुधवार सुबह घटना का पता चलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। इसके बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत वीरवार को उनके पैतृक गांव श्रेणी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक पुलिस के हाथ कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं लग पाया है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीमें लगातार शलाश गांव और आसपास के क्षेत्रों में डटी हुई हैं। शनिवार को शक के आधार पर कई लोगों से पूछताछ की गई। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके। हालांकि अब तक जांच एजेंसियों को कोई ऐसा सुराग नहीं मिला है, जिससे आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
घटनास्थल से जुटाए गए तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। शिमला से पहुंची फोरेंसिक टीम मौके से कई महत्वपूर्ण नमूने एकत्र कर चुकी है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में घर में चोरी के संकेत मिलने के बाद पुलिस चोरी या डकैती के दौरान हत्या की आशंका को भी खंगाल रही है।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच हर पहलू से की जा रही है और मामले का खुलासा करने का प्रयास जारी है।