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Rampur Bushahar News: मशीन मिली तो रेडियोलॉजिस्ट का तबादला, अस्पताल में फिर लाचार व्यवस्था
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खनेरी अस्पताल को मिली अल्ट्रासाउंड मशीन, मरीजों को मिलेगी राहत। संवाद
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चार जिलों से खनेरी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को अभी नहीं राहत
पहले 20 साल पुरानी मशीन खराब होने से बढ़ी थी परेशानी
अब रेडियोलॉजिस्ट के हमीरपुर के लिए तबादला होने से बढ़ी दिक्कत
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित हो गई है। इसके बावजूद चार जिलों से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को अभी राहत के लिए इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि खनेरी अस्पताल से एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट का तबादला मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के लिए कर दिया है। इसके बाद अस्पताल में टेस्ट सुविधा के लिए मशीन स्थापित होने के बाद भी व्यवस्था लाचार हो गई है। जब तक मशीन के संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हो पाती है, तब तक मरीजों, खासकर गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए निजी संस्थानों के ही चक्कर काटने पड़ेंगे। गरीब मरीजों को अस्पताल से बाहर महंगे दाम पर टेस्ट करवाने पड़ेंगे। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को नई अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करवा दी है। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में रोजाना शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मंडी जिले के दुर्गम क्षेत्रों से लोग बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। करीब एक हजार मरीजों की ओपीडी वाले इस अस्पताल में 20 साल पहले स्थापित की गई अल्ट्रासाउंड मशीन बीते कई माह से खराब पड़ी थी। इसके बाद से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को निजी संस्थानों में जाकर महंगे दाम पर अल्ट्रासाउंड टेस्ट करवाने पड़ रहे थे। इसकी सबसे अधिक मार गरीब तबके के मरीजों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ रही थी। अब मशीन तो स्थापित हो गई है लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से अभी राहत के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
निशुल्क सुविधा के निजी क्लीनिकों देने पड़ रहे 800 से 1000 रुपये
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा निशुल्क मिलती है। निजी क्लीनिकों में 800 से 1000 रुपये देकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है। खनेरी अस्पताल में हर माह करीब 250 प्रसव करवाए जाते हैं, जबकि हजारों महिलाएं अपने उपचार के लिए यहां पहुंचती हैं। अस्पताल में रोजाना विभिन्न प्रकार के करीब 25 मरीजों के अल्ट्रासाउंड करवाए जाते हैं। गर्भावस्था के दौरान देखभाल, पेट की गंभीर चोट और रूटीन डायग्नोस्टिक्स से जुड़े मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सलाह दी जाती है।
स्वास्थ्य विभाग से खनेरी अस्पताल को अल्ट्रासाउंड मशीन मिली है। मरीजों को अब बिना किसी रुकावट अस्पताल परिसर में अल्ट्रासाउंड करवाने की सुविधा मिलेगी।
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- डॉ. रोशन कौंडल, चिकित्सा अधीक्षक, खनेरी
अस्पताल
अब रेडियोलॉजिस्ट की मांग
अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट का हाल ही में मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के लिए तबादला हुआ है। इस कारण अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त पड़ा है। ऐसे में जब तक यहां रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होती, तब तक मरीजों को इस नई मशीन का लाभ नहीं मिल पाएगा। क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट तैनात करने की मांग उठाई है।
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पहले 20 साल पुरानी मशीन खराब होने से बढ़ी थी परेशानी
अब रेडियोलॉजिस्ट के हमीरपुर के लिए तबादला होने से बढ़ी दिक्कत
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित हो गई है। इसके बावजूद चार जिलों से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को अभी राहत के लिए इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि खनेरी अस्पताल से एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट का तबादला मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के लिए कर दिया है। इसके बाद अस्पताल में टेस्ट सुविधा के लिए मशीन स्थापित होने के बाद भी व्यवस्था लाचार हो गई है। जब तक मशीन के संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हो पाती है, तब तक मरीजों, खासकर गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए निजी संस्थानों के ही चक्कर काटने पड़ेंगे। गरीब मरीजों को अस्पताल से बाहर महंगे दाम पर टेस्ट करवाने पड़ेंगे। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को नई अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करवा दी है। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में रोजाना शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मंडी जिले के दुर्गम क्षेत्रों से लोग बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। करीब एक हजार मरीजों की ओपीडी वाले इस अस्पताल में 20 साल पहले स्थापित की गई अल्ट्रासाउंड मशीन बीते कई माह से खराब पड़ी थी। इसके बाद से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को निजी संस्थानों में जाकर महंगे दाम पर अल्ट्रासाउंड टेस्ट करवाने पड़ रहे थे। इसकी सबसे अधिक मार गरीब तबके के मरीजों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ रही थी। अब मशीन तो स्थापित हो गई है लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से अभी राहत के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
निशुल्क सुविधा के निजी क्लीनिकों देने पड़ रहे 800 से 1000 रुपये
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा निशुल्क मिलती है। निजी क्लीनिकों में 800 से 1000 रुपये देकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है। खनेरी अस्पताल में हर माह करीब 250 प्रसव करवाए जाते हैं, जबकि हजारों महिलाएं अपने उपचार के लिए यहां पहुंचती हैं। अस्पताल में रोजाना विभिन्न प्रकार के करीब 25 मरीजों के अल्ट्रासाउंड करवाए जाते हैं। गर्भावस्था के दौरान देखभाल, पेट की गंभीर चोट और रूटीन डायग्नोस्टिक्स से जुड़े मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सलाह दी जाती है।
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स्वास्थ्य विभाग से खनेरी अस्पताल को अल्ट्रासाउंड मशीन मिली है। मरीजों को अब बिना किसी रुकावट अस्पताल परिसर में अल्ट्रासाउंड करवाने की सुविधा मिलेगी।
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- डॉ. रोशन कौंडल, चिकित्सा अधीक्षक, खनेरी
अस्पताल
अब रेडियोलॉजिस्ट की मांग
अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट का हाल ही में मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के लिए तबादला हुआ है। इस कारण अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त पड़ा है। ऐसे में जब तक यहां रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होती, तब तक मरीजों को इस नई मशीन का लाभ नहीं मिल पाएगा। क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट तैनात करने की मांग उठाई है।