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Rampur Bushahar News: सीबीएसई बनने के बाद पदम स्कूल में हुए रिकॉर्ड 1,298 दाखिले
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पदम स्कूल रामपुर की पुरानी तस्वीर। संवाद
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निजी स्कूलों के 250 विद्यार्थियों ने भी लिया स्कूल में दाखिला
स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय क्लस्टर से बदलकर पदम उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हुआ नाम
बाल वाटिका से 12वीं तक 532 छात्रा और 766 छात्रों ने लिया प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
रामपुर के पदम स्कूल को भी सीबीएसई का दर्जा दिया गया है। स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय क्लस्टर से बदलकर अब इस स्कूल का राम पदम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर हो गया है। सीबीएसई का दर्जा मिलने के बाद इस वर्ष स्कूल में रिकॉर्ड दाखिले हुए हैं। क्षेत्र के निजी स्कूलों को छोड़कर करीब 250 छात्र-छात्राओं ने इस स्कूल में प्रवेश लिया है, जबकि अन्य सरकारी स्कूलों के 150 विद्यार्थी भी सीबीएसई शिक्षा प्रणाली के तहत यहां पढ़ने पहुंचे हैं। विद्यार्थियों के लिए स्कूल में बेहतर शिक्षागत ढांचा, कक्षाएं, शौचालय, ऑडिटोरियम, खेल मैदान, लैब और सभी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस स्कूल में 1992 से 1997-98 तक छात्राओं को केवल वाणिज्य विषय में शिक्षा दी जाती थी, लेकिन अब यह शैक्षणिक संस्थान को-एजुकेशनल हो गया है। बीते वर्ष जहां स्कूल में कुल 1,150 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, वहीं इस वर्ष सीबीएसई का दर्जा मिलने से स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या में रिकॉर्ड इजाफा हुआ है। बाल वाटिका से लेकर 12वीं कक्षा तक इस वर्ष कुल 1,298 दाखिले हुए हैं। इनमें 532 छात्राएं और 766 छात्र शामिल हैं। नए शैक्षणिक सत्र से पहले स्कूल में सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ कर लिया गया है। स्कूल की सभी कक्षाओं को कुल 41 सेक्शन में बांटा गया है। वर्तमान में इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 57 शिक्षक तैनात हैं। विद्यार्थियों की बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए एक नॉन मेडिकल और एक भाषा अध्यापक की जरूरत है। प्रदेश सरकार ने 30 जून तक सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की पूर्णत: तैनाती के निर्देश दिए हैं। सीबीएसई का दर्जा मिलने से अब इस स्कूल में विद्यार्थियों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तहत शिक्षा ग्रहण करने सुविधा मिलेगी। आगामी समय में यहां समाज शास्त्र, दर्शन शास्त्र और संस्कृत जैसे विषयों में भी पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी। आधुनिक शिक्षा प्रणाली के तहत निकट भविष्य में एआई कंप्यूटेशन स्किल्स भी विद्यार्थियों को सिखाए जाएंगे।
इस वर्ष स्कूल में रिकॉर्ड 1,298 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। क्षेत्र के विभिन्न सरकारी और निजी स्कूलों से भी यहां विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे हैं। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए स्कूल में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। सीबीएसई शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों के लिए काफी कारगर साबित होगी। - राजेश परमार, प्रधानाचार्य, पदम स्कूल रामपुर
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बाल वाटिका से 12वीं तक 532 छात्रा और 766 छात्रों ने लिया प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
रामपुर के पदम स्कूल को भी सीबीएसई का दर्जा दिया गया है। स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय क्लस्टर से बदलकर अब इस स्कूल का राम पदम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर हो गया है। सीबीएसई का दर्जा मिलने के बाद इस वर्ष स्कूल में रिकॉर्ड दाखिले हुए हैं। क्षेत्र के निजी स्कूलों को छोड़कर करीब 250 छात्र-छात्राओं ने इस स्कूल में प्रवेश लिया है, जबकि अन्य सरकारी स्कूलों के 150 विद्यार्थी भी सीबीएसई शिक्षा प्रणाली के तहत यहां पढ़ने पहुंचे हैं। विद्यार्थियों के लिए स्कूल में बेहतर शिक्षागत ढांचा, कक्षाएं, शौचालय, ऑडिटोरियम, खेल मैदान, लैब और सभी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस स्कूल में 1992 से 1997-98 तक छात्राओं को केवल वाणिज्य विषय में शिक्षा दी जाती थी, लेकिन अब यह शैक्षणिक संस्थान को-एजुकेशनल हो गया है। बीते वर्ष जहां स्कूल में कुल 1,150 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, वहीं इस वर्ष सीबीएसई का दर्जा मिलने से स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या में रिकॉर्ड इजाफा हुआ है। बाल वाटिका से लेकर 12वीं कक्षा तक इस वर्ष कुल 1,298 दाखिले हुए हैं। इनमें 532 छात्राएं और 766 छात्र शामिल हैं। नए शैक्षणिक सत्र से पहले स्कूल में सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ कर लिया गया है। स्कूल की सभी कक्षाओं को कुल 41 सेक्शन में बांटा गया है। वर्तमान में इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 57 शिक्षक तैनात हैं। विद्यार्थियों की बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए एक नॉन मेडिकल और एक भाषा अध्यापक की जरूरत है। प्रदेश सरकार ने 30 जून तक सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की पूर्णत: तैनाती के निर्देश दिए हैं। सीबीएसई का दर्जा मिलने से अब इस स्कूल में विद्यार्थियों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तहत शिक्षा ग्रहण करने सुविधा मिलेगी। आगामी समय में यहां समाज शास्त्र, दर्शन शास्त्र और संस्कृत जैसे विषयों में भी पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी। आधुनिक शिक्षा प्रणाली के तहत निकट भविष्य में एआई कंप्यूटेशन स्किल्स भी विद्यार्थियों को सिखाए जाएंगे।
इस वर्ष स्कूल में रिकॉर्ड 1,298 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। क्षेत्र के विभिन्न सरकारी और निजी स्कूलों से भी यहां विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे हैं। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए स्कूल में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। सीबीएसई शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों के लिए काफी कारगर साबित होगी। - राजेश परमार, प्रधानाचार्य, पदम स्कूल रामपुर
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