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शांतड़ी अनुष्ठान : खूंदों और मेहमानों की हुई विदाई
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गवास मंदिर में चार देवता एक रात के लिए ठहरेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। चिड़गांव तहसील के गवास गांव में शांतड़ी अनुष्ठान मेहमानों और खूंदों की विदाई के साथ विधिवत रूप से संपन्न हो गया। तीन दिवसीय इस अनुष्ठान में क्षेत्र के हजारों लोगों ने देव परंपराओं का निर्वहन किया। तीसरे दिन गवास गांव में चार देवताओं की उपस्थिति से माहौल भक्तिमय बना रहा। वीरवार को देवता गुड़ारू गवास की मेजबानी में छुपाड़ी से आए देवता महासू अस्तानी, पवासी भटवाड़ी और देवता गुड़ारू डिस्वाणी गवास परंपरा के अनुसार मंदिर में रात्रि विश्राम करेंगे। हालांकि, शांतड़ी अनुष्ठान की मुख्य रस्में दोपहर बाद पूर्ण कर ली गईं। इसके बाद मेहमानों और खूंदों की विदाई की रस्म हुई। अनुष्ठान के दौरान ढोल-नगाड़ों, देव नृत्य और पारंपरिक रीति-रिवाजों का विशेष आकर्षण देखने को मिला। गांव में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और लोगों ने देवताओं के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। शांतड़ी अनुष्ठान के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध लोक-संस्कृति और देव परंपराओं की झलक देखने को मिली। मंदिर के मोतमीन अशोक चौहान सहित देवता गुड़ारू की कारदार कमेटी ने सफल आयोजन के लिए क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं, गांववासियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और सामूहिक प्रयास से ही शांतड़ी अनुष्ठान शांतिपूर्ण एवं भव्य रूप से संपन्न हो सका। आयोजन समिति ने भविष्य में भी इसी तरह आपसी सहयोग से धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने की अपील की।
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रोहड़ू। चिड़गांव तहसील के गवास गांव में शांतड़ी अनुष्ठान मेहमानों और खूंदों की विदाई के साथ विधिवत रूप से संपन्न हो गया। तीन दिवसीय इस अनुष्ठान में क्षेत्र के हजारों लोगों ने देव परंपराओं का निर्वहन किया। तीसरे दिन गवास गांव में चार देवताओं की उपस्थिति से माहौल भक्तिमय बना रहा। वीरवार को देवता गुड़ारू गवास की मेजबानी में छुपाड़ी से आए देवता महासू अस्तानी, पवासी भटवाड़ी और देवता गुड़ारू डिस्वाणी गवास परंपरा के अनुसार मंदिर में रात्रि विश्राम करेंगे। हालांकि, शांतड़ी अनुष्ठान की मुख्य रस्में दोपहर बाद पूर्ण कर ली गईं। इसके बाद मेहमानों और खूंदों की विदाई की रस्म हुई। अनुष्ठान के दौरान ढोल-नगाड़ों, देव नृत्य और पारंपरिक रीति-रिवाजों का विशेष आकर्षण देखने को मिला। गांव में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और लोगों ने देवताओं के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। शांतड़ी अनुष्ठान के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध लोक-संस्कृति और देव परंपराओं की झलक देखने को मिली। मंदिर के मोतमीन अशोक चौहान सहित देवता गुड़ारू की कारदार कमेटी ने सफल आयोजन के लिए क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं, गांववासियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और सामूहिक प्रयास से ही शांतड़ी अनुष्ठान शांतिपूर्ण एवं भव्य रूप से संपन्न हो सका। आयोजन समिति ने भविष्य में भी इसी तरह आपसी सहयोग से धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने की अपील की।