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Rampur Bushahar News: बस अड्डे की दरारों की जांच के लिए न पहुंचे विशेषज्ञ न हुई मरम्मत, सड़क से चल रहीं बसें
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निरमंड में बस अड्डा भवन में आई दरारें। संवाद
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निरमंड में शोपीस बनकर गया दो करोड़ रुपये की लागत से बना बस अड्डा
उपायुक्त के आश्वासनों के बाद आगे नहीं बढ़ी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। निरमंड उपमंडल में करोड़ों रुपये की लागत से बना बस अड्डा शोपीस बनकर रह गया है। बरसात के दौरान बस अड्डे के भवन और परिसर में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और यहां भूमि भी धंस गई है। जिला प्रशासन ने भूमि धंसने की जांच के लिए विशेषज्ञ बुलाने और अड्डे की मरम्मत के आश्वासन तो दिए, लेकिन न मौके पर विशेषज्ञ पहुंचे और न ही बस अड्डे के भवन को दुरुस्त करने का कार्य शुरू हो पाया। इस बस अड्डे से 32 पंचायतों के ग्रामीणों को सुविधा मिलनी है, लेकिन पांच साल पहले बना यह बस अड्डा अब प्रशासन की लेटलतीफी और अनदेखी की मार झेल रहा है। हाल यह है कि सड़क से ही बस सेवाएं चल रही हैं और सड़क पर ही यात्री बसों का इंतजार कर रहे हैं। निरमंड उपमंडल को वर्ष 2021 में बस अड्डे की सौगात मिली थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस बस अड्डे को जनता को समर्पित किया है। इस बस अड्डे के बनने में दो करोड़ रुपये की लागत आई थी, लेकिन वर्ष 2023 में बस अड्डे के भवन में दरारें आनी शुरू हो गईं और परिसर धंसना शुरू हो गया। वर्तमान में बहुमंजिला बस अड्डा भवन और बसों को पार्क करने वाले परिसर में दरारें आ गई हैं।
क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार, परिवहन निगम प्रबंधन और लोक निर्माण विभाग से कई बार बस अड्डे की हालत सुधारने की मांग उठाई, लेकिन तीन साल से बस अड्डे की मरम्मत का मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। बीते साल 16 सितंबर को कुल्लू जिले की उपायुक्त तोरुल एस रवीश बस अड्डे का जायजा लेने पहुंची थीं और उन्होंने बस अड्डे में आ रहीं दरारों और भूमि धंसने का निरीक्षण किया था। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बस अड्डे के भवन को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने भूमि धंसने की जांच के लिए मौके पर आईआईटी रुड़की और मंडी से विशेषज्ञ बुलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कई माह बीतने के बाद भी न तो विशेषज्ञ जांच करने पहुंचे और न ही करोड़ों के भवन को बचाने के कोई प्रयास शुरू हो पाए। ऐसे में बस अड्डे का बहुमंजिला भवन और परिसर असुरक्षित हो गया है।
उपायुक्त कुल्लू के निरीक्षण के बाद लोक निर्माण विभाग और परिवहन निगम प्रबंधन को आईआईटी रुड़की और मंडी से विशेषज्ञों को बुलाया गया है। परिवहन निगम प्रबंधन से सुरक्षा कार्यों के लिए बजट उपलब्ध करवाने को कहा गया है। जल्द सुरक्षा कार्य शुरू होंगे।-- मनमोहन सिंह, एसडीएम निरमंड
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उपायुक्त के आश्वासनों के बाद आगे नहीं बढ़ी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। निरमंड उपमंडल में करोड़ों रुपये की लागत से बना बस अड्डा शोपीस बनकर रह गया है। बरसात के दौरान बस अड्डे के भवन और परिसर में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और यहां भूमि भी धंस गई है। जिला प्रशासन ने भूमि धंसने की जांच के लिए विशेषज्ञ बुलाने और अड्डे की मरम्मत के आश्वासन तो दिए, लेकिन न मौके पर विशेषज्ञ पहुंचे और न ही बस अड्डे के भवन को दुरुस्त करने का कार्य शुरू हो पाया। इस बस अड्डे से 32 पंचायतों के ग्रामीणों को सुविधा मिलनी है, लेकिन पांच साल पहले बना यह बस अड्डा अब प्रशासन की लेटलतीफी और अनदेखी की मार झेल रहा है। हाल यह है कि सड़क से ही बस सेवाएं चल रही हैं और सड़क पर ही यात्री बसों का इंतजार कर रहे हैं। निरमंड उपमंडल को वर्ष 2021 में बस अड्डे की सौगात मिली थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस बस अड्डे को जनता को समर्पित किया है। इस बस अड्डे के बनने में दो करोड़ रुपये की लागत आई थी, लेकिन वर्ष 2023 में बस अड्डे के भवन में दरारें आनी शुरू हो गईं और परिसर धंसना शुरू हो गया। वर्तमान में बहुमंजिला बस अड्डा भवन और बसों को पार्क करने वाले परिसर में दरारें आ गई हैं।
क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार, परिवहन निगम प्रबंधन और लोक निर्माण विभाग से कई बार बस अड्डे की हालत सुधारने की मांग उठाई, लेकिन तीन साल से बस अड्डे की मरम्मत का मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। बीते साल 16 सितंबर को कुल्लू जिले की उपायुक्त तोरुल एस रवीश बस अड्डे का जायजा लेने पहुंची थीं और उन्होंने बस अड्डे में आ रहीं दरारों और भूमि धंसने का निरीक्षण किया था। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बस अड्डे के भवन को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने भूमि धंसने की जांच के लिए मौके पर आईआईटी रुड़की और मंडी से विशेषज्ञ बुलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कई माह बीतने के बाद भी न तो विशेषज्ञ जांच करने पहुंचे और न ही करोड़ों के भवन को बचाने के कोई प्रयास शुरू हो पाए। ऐसे में बस अड्डे का बहुमंजिला भवन और परिसर असुरक्षित हो गया है।
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उपायुक्त कुल्लू के निरीक्षण के बाद लोक निर्माण विभाग और परिवहन निगम प्रबंधन को आईआईटी रुड़की और मंडी से विशेषज्ञों को बुलाया गया है। परिवहन निगम प्रबंधन से सुरक्षा कार्यों के लिए बजट उपलब्ध करवाने को कहा गया है। जल्द सुरक्षा कार्य शुरू होंगे।

निरमंड में बस अड्डा भवन में आई दरारें। संवाद