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Rampur Bushahar News: बस गिरते ही हर तरफ चीख-पुकार, कंधों पर सड़क तक पहुंचाए घायल
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घायलों को हिम्मत देते परिजन। संवाद
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13 साल की प्रगति जोशी ने देखा बस हादसे का खौफनाक मंजर
कहा, ट्रक को पास देते वक्त कच्चे डंगे से गिरी बस
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। बस जैसे ही सामने से आ रहे ट्रक को पास देने लगी, नीचे की ओर बना कच्चा डंगा अचानक धंस गया। पल भर में बस अनियंत्रित हुई और देखते ही देखते गहरी खाई में जा गिरी।
खाई में गिरते ही हर तरफ चीख-पुकार गूंज उठी। किसी को समझ ही नहीं आया कि हुआ क्या है। धूल, अफरातफरी और दर्द से भरी आवाजें चारों ओर फैल गईं। गुम्मा से पांवटा साहिब जा रही 13 वर्षीय प्रगति जोशी भी उसी बस में सवार थी। वह बताती हैं कि कुछ सेकंड तक किसी को होश नहीं रहा। जब संभले तो खाई में चारों तरफ घायल पड़े थे। तभी उसकी नजर पास ही पानी में पड़े एक महिला के शव पर गई।
घायल मदद के लिए चिल्ला रहे थे लेकिन सड़क से खाई तक उतरना आसान नहीं था। काफी देर बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। रस्सी नहीं थी। ऐसे में लोग घायलों को कंधों पर उठाकर, एक-एक कर खाई से ऊपर सड़क तक लाते रहे।
हर तरफ दर्द से कराहते लोग थे। किसी के सिर से खून बह रहा था, कोई उठने की हालत में नहीं था। घायलों को सड़क किनारे लिटाकर इलाज का इंतजार किया जाता रहा। मदद पहुंचने में वक्त लगा, लेकिन स्थानीय लोग पूरी ताकत से बचाव में जुटे रहे। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। तीन घायल सिविल अस्पताल पांवटा साहिब पहुंचाए गए। इनमें प्रगति जोशी (13), निशा शर्मा (32) और सुमित (19) शामिल हैं। प्रगति बताती हैं कि वह खुद भी बस के साथ खाई में जा पहुंची थी, लेकिन किस्मत से उसे ज्यादा चोटें नहीं आईं। अधिकतर घायलों को बाद में उत्तराखंड के अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया।
कवाणू के पास उस सुबह का मंजर जिसने देखा, वह इसे जिंदगी भर नहीं भूल पाएगा। पहाड़ की उस खामोश सड़क पर कुछ ही पलों में मातम पसरा हुआ था।
तीन घायलों को सिविल अस्पताल पांवटा साहिब उपचार को पहुंचाया है। सभी तीनों की हालत खतरे से बाहर है।
-डॉ. सुधी गुप्ता, सिविल अस्पताल प्रभारी
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कहा, ट्रक को पास देते वक्त कच्चे डंगे से गिरी बस
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। बस जैसे ही सामने से आ रहे ट्रक को पास देने लगी, नीचे की ओर बना कच्चा डंगा अचानक धंस गया। पल भर में बस अनियंत्रित हुई और देखते ही देखते गहरी खाई में जा गिरी।
खाई में गिरते ही हर तरफ चीख-पुकार गूंज उठी। किसी को समझ ही नहीं आया कि हुआ क्या है। धूल, अफरातफरी और दर्द से भरी आवाजें चारों ओर फैल गईं। गुम्मा से पांवटा साहिब जा रही 13 वर्षीय प्रगति जोशी भी उसी बस में सवार थी। वह बताती हैं कि कुछ सेकंड तक किसी को होश नहीं रहा। जब संभले तो खाई में चारों तरफ घायल पड़े थे। तभी उसकी नजर पास ही पानी में पड़े एक महिला के शव पर गई।
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घायल मदद के लिए चिल्ला रहे थे लेकिन सड़क से खाई तक उतरना आसान नहीं था। काफी देर बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। रस्सी नहीं थी। ऐसे में लोग घायलों को कंधों पर उठाकर, एक-एक कर खाई से ऊपर सड़क तक लाते रहे।
हर तरफ दर्द से कराहते लोग थे। किसी के सिर से खून बह रहा था, कोई उठने की हालत में नहीं था। घायलों को सड़क किनारे लिटाकर इलाज का इंतजार किया जाता रहा। मदद पहुंचने में वक्त लगा, लेकिन स्थानीय लोग पूरी ताकत से बचाव में जुटे रहे। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। तीन घायल सिविल अस्पताल पांवटा साहिब पहुंचाए गए। इनमें प्रगति जोशी (13), निशा शर्मा (32) और सुमित (19) शामिल हैं। प्रगति बताती हैं कि वह खुद भी बस के साथ खाई में जा पहुंची थी, लेकिन किस्मत से उसे ज्यादा चोटें नहीं आईं। अधिकतर घायलों को बाद में उत्तराखंड के अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया।
कवाणू के पास उस सुबह का मंजर जिसने देखा, वह इसे जिंदगी भर नहीं भूल पाएगा। पहाड़ की उस खामोश सड़क पर कुछ ही पलों में मातम पसरा हुआ था।
तीन घायलों को सिविल अस्पताल पांवटा साहिब उपचार को पहुंचाया है। सभी तीनों की हालत खतरे से बाहर है।
-डॉ. सुधी गुप्ता, सिविल अस्पताल प्रभारी

घायलों को हिम्मत देते परिजन। संवाद

घायलों को हिम्मत देते परिजन। संवाद
