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Rampur Bushahar News: रामपुर के लोगों को इंतजार, कब शुरू होगी दो साल से बंद हेली टैक्सी सेवा
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रामपुर के शिंगला स्थित हेलीपोर्ट में दो साल से ठप पड़ी हेली सेवाएं। संवाद
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मरीजों के 15 मिनट में मिलती थी शिमला पहुंचने में मदद, बस में लग रहे छह घंटे
केंद्र सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत वर्ष 2021 में मिला था हेलीपोर्ट का दर्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। केंद्र सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत रामपुर और साथ लगते कुल्लू जिले के लोगों को हेली सेवाओं का लाभ मिला था। कुछ समय चली यह सेवा बंद हो गई। हाल ही में प्रदेश सरकार ने शिमला से रिकांगपिओ के लिए हेली टैक्सी सेवा शुरू की, लेकिन रामपुर वासियों की हेली टैक्सी सुविधा ठंडे बस्ते में पड़ गई। आपात की स्थिति में जहां मरीजों को 15 मिनट में शिमला पहुंचाया जा रहा था, वहीं अब मरीजों को वाहनों में छह घंटे का सफर तय करना पड़ रहा है। पर्यटन गतिविधियों के दृष्टिगत रामपुर क्षेत्र की अनदेखी हो रही है। क्षेत्र के लोग आस लगाए हुए हैं कि सरकार जल्द ही उनकी हेली सेवाओं की मांग पूरा करेगी। उपमंडल रामपुर की शिंगला पंचायत में वर्षों पूर्व हेलीपैड का निर्माण किया गया था। बीते कई दशकों तक हेलीपैड आपात परिस्थितियों में ही इस्तेमाल होता रहा। किन्नौर और रामपुर में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान इस हेलीपैड के जरिये राहत कार्यों को अंजाम दिया जाता रहा। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस हेलीपैड को वर्ष 2021 में हेलीपोर्ट का दर्जा दिया गया और यहां से हेली टैक्सी सेवा भी शुरू की गई। सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, बुधवार और वीरवार को किन्नौर, रामपुर, आनी और निरमंड क्षेत्र के लोगों को हेली सेवाओं का लाभ मिल रहा था। हेली सेवा शुरू होने से हजारों लोगों ने राहत पाई थी। खासकर, मरीजों और आपात की स्थिति से जूझ रहे लोगों को शिमला और चंडीगढ़ पहुंचने में यह हेली सेवा काफी कारगर साबित हो रही थी। वहीं, हेली सेवा चलने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी पंख लगने की उम्मीद जगी थी, लेकिन क्षेत्र के लोगों की उम्मीद के विपरीत वर्ष 2024 तक इस हेली सेवा का संचालन हुआ और इसके बाद बरसात के दौरान हेली सेवा बंद हो गई। इसके बार दोबारा शुरू नहीं की गई। लोगों को तीन साल ही हेली टैक्सी सेवा का लाभ मिला। क्षेत्र के लोगों को अब फिर से वाहनों के जरिये ही आईजीएमसी शिमला, पीजीआई चंडीगढ़ सहित अन्य अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। समय रहते उपचार न मिलने के कारण कई मरीज आधे रास्ते में ही दम तोड़ गए। शिमला, चंडीगढ़, दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी हेली सेवा से काफी राहत मिल रही थी। बीते माह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला से रिकांगपिओ के लिए हेली टैक्सी सेवा को हरी झंडी दिखाई। रामपुर के लोगों को भी सरकार से उम्मीद थी कि यहां के लिए भी हेली सेवाओं का संचालन होगा, लेकिन सरकार से राहत की कोई खबर नहीं आई है।
दोबार शुरू की जाए हेली टैक्सी सेवा
क्षेत्र के ग्रामीण लवनीश भारद्वाज, गोविंद, सुभद्रा, यशवंत शर्मा, राहुल घाघटा, हरिओम, मेनका, मीरा, रजनी सहित अन्य लोगों ने कहा कि किन्नौर जिले की तर्ज पर रामपुर क्षेत्र के लोगों को भी हेली टैक्सी सेवाओं का लाभ दिया जाना चाहिए। हेली सेवा से यात्रियों सहित मरीजों को सबसे अधिक राहत मिलेगी। उन्होंने प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग से रामपुर के शिंगला हेलीपोर्ट से हेली टैक्सी सेवा शुरू करने की मांग की है।
रिकांगपिओ में हेली टैक्सी सेवा शुरू हो गई है। रामपुर में ऑपरेटर के अनुमोदन के बाद ही हेली सेवा शुरू हो सकेगी। उम्मीद है कि जल्द ही यहां हेली सेवा शुरू की जाएगी। - जगदीश शर्मा,
जिला पर्यटन अधिकारी शिमला
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केंद्र सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत वर्ष 2021 में मिला था हेलीपोर्ट का दर्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। केंद्र सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत रामपुर और साथ लगते कुल्लू जिले के लोगों को हेली सेवाओं का लाभ मिला था। कुछ समय चली यह सेवा बंद हो गई। हाल ही में प्रदेश सरकार ने शिमला से रिकांगपिओ के लिए हेली टैक्सी सेवा शुरू की, लेकिन रामपुर वासियों की हेली टैक्सी सुविधा ठंडे बस्ते में पड़ गई। आपात की स्थिति में जहां मरीजों को 15 मिनट में शिमला पहुंचाया जा रहा था, वहीं अब मरीजों को वाहनों में छह घंटे का सफर तय करना पड़ रहा है। पर्यटन गतिविधियों के दृष्टिगत रामपुर क्षेत्र की अनदेखी हो रही है। क्षेत्र के लोग आस लगाए हुए हैं कि सरकार जल्द ही उनकी हेली सेवाओं की मांग पूरा करेगी। उपमंडल रामपुर की शिंगला पंचायत में वर्षों पूर्व हेलीपैड का निर्माण किया गया था। बीते कई दशकों तक हेलीपैड आपात परिस्थितियों में ही इस्तेमाल होता रहा। किन्नौर और रामपुर में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान इस हेलीपैड के जरिये राहत कार्यों को अंजाम दिया जाता रहा। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस हेलीपैड को वर्ष 2021 में हेलीपोर्ट का दर्जा दिया गया और यहां से हेली टैक्सी सेवा भी शुरू की गई। सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, बुधवार और वीरवार को किन्नौर, रामपुर, आनी और निरमंड क्षेत्र के लोगों को हेली सेवाओं का लाभ मिल रहा था। हेली सेवा शुरू होने से हजारों लोगों ने राहत पाई थी। खासकर, मरीजों और आपात की स्थिति से जूझ रहे लोगों को शिमला और चंडीगढ़ पहुंचने में यह हेली सेवा काफी कारगर साबित हो रही थी। वहीं, हेली सेवा चलने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी पंख लगने की उम्मीद जगी थी, लेकिन क्षेत्र के लोगों की उम्मीद के विपरीत वर्ष 2024 तक इस हेली सेवा का संचालन हुआ और इसके बाद बरसात के दौरान हेली सेवा बंद हो गई। इसके बार दोबारा शुरू नहीं की गई। लोगों को तीन साल ही हेली टैक्सी सेवा का लाभ मिला। क्षेत्र के लोगों को अब फिर से वाहनों के जरिये ही आईजीएमसी शिमला, पीजीआई चंडीगढ़ सहित अन्य अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। समय रहते उपचार न मिलने के कारण कई मरीज आधे रास्ते में ही दम तोड़ गए। शिमला, चंडीगढ़, दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी हेली सेवा से काफी राहत मिल रही थी। बीते माह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला से रिकांगपिओ के लिए हेली टैक्सी सेवा को हरी झंडी दिखाई। रामपुर के लोगों को भी सरकार से उम्मीद थी कि यहां के लिए भी हेली सेवाओं का संचालन होगा, लेकिन सरकार से राहत की कोई खबर नहीं आई है।
दोबार शुरू की जाए हेली टैक्सी सेवा
क्षेत्र के ग्रामीण लवनीश भारद्वाज, गोविंद, सुभद्रा, यशवंत शर्मा, राहुल घाघटा, हरिओम, मेनका, मीरा, रजनी सहित अन्य लोगों ने कहा कि किन्नौर जिले की तर्ज पर रामपुर क्षेत्र के लोगों को भी हेली टैक्सी सेवाओं का लाभ दिया जाना चाहिए। हेली सेवा से यात्रियों सहित मरीजों को सबसे अधिक राहत मिलेगी। उन्होंने प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग से रामपुर के शिंगला हेलीपोर्ट से हेली टैक्सी सेवा शुरू करने की मांग की है।
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रिकांगपिओ में हेली टैक्सी सेवा शुरू हो गई है। रामपुर में ऑपरेटर के अनुमोदन के बाद ही हेली सेवा शुरू हो सकेगी। उम्मीद है कि जल्द ही यहां हेली सेवा शुरू की जाएगी। - जगदीश शर्मा,
जिला पर्यटन अधिकारी शिमला

रामपुर के शिंगला स्थित हेलीपोर्ट में दो साल से ठप पड़ी हेली सेवाएं। संवाद