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Sirmour News: मार्च आते ही पहाड़ों पर बुरांश ने बिखेरी छटा

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2026 11:41 PM IST
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As soon as March arrived, Buransh spread its splendor on the mountains.
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स्क्वैश, जैम और चटनी बनाने के काम आते हैं फूल, 4000 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा दाम
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बोहल, बागनधार, निगाली, टिटियाना और चांदपुरधार में पेड़ों पर खिले बुरांश
एंटीऑक्सीडेंट और आयरन से भरपूर, कई दवाइयों में किया जाता है उपयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कफोटा (सिरमौर)। वसंत ऋतु के साथ ही पहाड़ों पर बुरांश ने छटा और महक फैला दी है। मौसम बदलने के साथ मार्च में फूल खिलना शुरू हो गए हैं। इससे स्थानीय लोगों की आमदनी का भी जरिया पैदा हो गया है।
औषधीय गुणों से भरपूर बुरांश हिमाचल का राज्य पुष्प है। यह अमलीय मिट्टी और उच्च आर्द्रता वाले स्थानों में करीब 1500 से 3600 फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगता है। गिरिपार के बोहल, बागनधार, निगाली, टिटियाना और चांदपुरधार में बुरांश के पेड़ों पर फूल खिलने शुरू हो गए हैं। आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर बुरांश का उपयोग कई दवाइयां बनाने में किया जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को विभिन्न बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। इसकी पंखुड़ियों में क्विनिक एसिड होता है, जो सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है।
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बुरांश शारीरिक कमजोरी दूर करने में भी सहायक माना जाता है। इसमें आयरन, कैल्शियम, जिंक और कॉपर जैसे तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर को ठंडक देता है और मांसपेशियों के दर्द तथा सिरदर्द से राहत दिलाने में भी सहायक है। स्थानीय लोग बुरांश के फूलों से स्क्वैश और जैम बनाते हैं। इसकी खट्टी-मीठी तासीर के कारण इसकी चटनी भी बनाई जाती है, जो पाचन संबंधी समस्याओं में लाभकारी मानी जाती है।
बुरांश के फूल 4000 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिकते हैं। देश की कई दवा निर्माता कंपनियां इसका फूल खरीदने के लिए यहां आती हैं, जिससे स्थानीय लोगों की आमदनी बढ़ रही है। सिरमौर के ऊपरी क्षेत्रों में बुरांश के स्क्वैश बनाने के छोटे-छोटे प्लांट भी स्थापित किए गए हैं, जिससे लोगों को रोजगार मिल रहा है।
बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. संतोष बख्शी ने बताया कि बुरांश में कई प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और आयरन प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। हिमाचल सरकार इसका जूस बनाकर बाजार में उपलब्ध करवा रही है, जिसकी अच्छी मांग है।
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