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मुख्यमंत्री के सिरमौर दौरे पर जो उम्मीदें थी, वह रह गई अधूरी : बिंदल
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-भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल ने पत्रकारवार्ता में सिरमौर के कांग्रेसी विधायकों और मुख्यमंत्री को घेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बन जाने के लंबे अरसे बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नाहन विधानसभा क्षेत्र में किसी कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री का दौरा तय हो जाने के बाद से ही सिरमौर के लोगों को भारी उम्मीदें थी, लेकिन मुख्यमंत्री के जाने के बाद सभी उम्मीदों पर पानी फिर गया। कोई बड़ी घोषणा मंच से मुख्यमंत्री ने सिरमौर के लिए नहीं की। यह टिप्पणी नाहन में आयोजित पत्रकारवार्ता में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल ने की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नाहन में आए और विरोधियों को कोस कर चले गए। बिंदल ने आरोप लगाया कि 40 महीने की कांग्रेस सरकार ने सिरमौर जिले को अनेक जख्म दिए। कांग्रेस के सत्ता में आते ही 50 से ज्यादा संस्थानों को ताले लगाकर सिरमौर की जनता को उपहार दिया और इस उपहार के लिए सिरमौर जिले के कांग्रेस विधायक भी उतने ही दोषी हैं जितने सरकार के मुखिया। बिंदल ने कहा कि सिरमौर जिले का एक मात्र मेडिकल कॉलेज व अस्पताल भवन तेज गति से निर्माणाधीन था, साढ़े तीन साल से काम बंद है जिसका नुकसान जिला सिरमौर की जनता भुगत रही है।
बिंदल ने कहा कि माता एवं शिशु अस्पताल के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की ओर से दिए गए, अस्पताल निर्माण का स्थान तय हुआ। नक्शा इत्यादि फाइनल होने के बाद भी 40 महीने में कार्य का शुरू न होना गर्भवती माताओं के साथ कांग्रेस की सरकार का, कांग्रेस के विधायक का और मंत्री का अत्याचार है। 2024-25 के केंद्रीय बजट में नर्सिंग कॉलेज का प्रावधान नाहन के लिए किया गया था और 70 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान होने के बावजूद आज तक एक भी ईंट नर्सिंग कॉलेज की नहीं लगी।
अस्पताल में नवजात शिशु के लिए नियोनेटोलोजी यूनिट शुरू होना था, लेकिन नहीं हुआ। कैंसर के रोगियों के लिए पूरी व्यवस्था शुरू होनी थी, नहीं हुई। नया ऑपरेशन थियेटर बनना था, नहीं बना। हार्ट के रोगियों के लिए प्रावधान होना था, नहीं हुआ। डाॅक्टरों की संख्या में भी गिरावट आई है।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के दौरान स्वीकृत की गई धनराशियों से निर्मित कार्यों के उद्घाटन करके केवल झूठा श्रेय लेने का प्रयास हो रहा है। केंद्र सरकार की ओर से दी गई प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना व अन्य योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत राशियों के शिलान्यास एवं उद्घाटन करके जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता।
संवाद
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नाहन (सिरमौर)। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बन जाने के लंबे अरसे बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नाहन विधानसभा क्षेत्र में किसी कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री का दौरा तय हो जाने के बाद से ही सिरमौर के लोगों को भारी उम्मीदें थी, लेकिन मुख्यमंत्री के जाने के बाद सभी उम्मीदों पर पानी फिर गया। कोई बड़ी घोषणा मंच से मुख्यमंत्री ने सिरमौर के लिए नहीं की। यह टिप्पणी नाहन में आयोजित पत्रकारवार्ता में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल ने की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नाहन में आए और विरोधियों को कोस कर चले गए। बिंदल ने आरोप लगाया कि 40 महीने की कांग्रेस सरकार ने सिरमौर जिले को अनेक जख्म दिए। कांग्रेस के सत्ता में आते ही 50 से ज्यादा संस्थानों को ताले लगाकर सिरमौर की जनता को उपहार दिया और इस उपहार के लिए सिरमौर जिले के कांग्रेस विधायक भी उतने ही दोषी हैं जितने सरकार के मुखिया। बिंदल ने कहा कि सिरमौर जिले का एक मात्र मेडिकल कॉलेज व अस्पताल भवन तेज गति से निर्माणाधीन था, साढ़े तीन साल से काम बंद है जिसका नुकसान जिला सिरमौर की जनता भुगत रही है।
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बिंदल ने कहा कि माता एवं शिशु अस्पताल के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की ओर से दिए गए, अस्पताल निर्माण का स्थान तय हुआ। नक्शा इत्यादि फाइनल होने के बाद भी 40 महीने में कार्य का शुरू न होना गर्भवती माताओं के साथ कांग्रेस की सरकार का, कांग्रेस के विधायक का और मंत्री का अत्याचार है। 2024-25 के केंद्रीय बजट में नर्सिंग कॉलेज का प्रावधान नाहन के लिए किया गया था और 70 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान होने के बावजूद आज तक एक भी ईंट नर्सिंग कॉलेज की नहीं लगी।
अस्पताल में नवजात शिशु के लिए नियोनेटोलोजी यूनिट शुरू होना था, लेकिन नहीं हुआ। कैंसर के रोगियों के लिए पूरी व्यवस्था शुरू होनी थी, नहीं हुई। नया ऑपरेशन थियेटर बनना था, नहीं बना। हार्ट के रोगियों के लिए प्रावधान होना था, नहीं हुआ। डाॅक्टरों की संख्या में भी गिरावट आई है।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के दौरान स्वीकृत की गई धनराशियों से निर्मित कार्यों के उद्घाटन करके केवल झूठा श्रेय लेने का प्रयास हो रहा है। केंद्र सरकार की ओर से दी गई प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना व अन्य योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत राशियों के शिलान्यास एवं उद्घाटन करके जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता।
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