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Sirmour News: संयुक्त भूमि के फ्रंट रोड पर कब्जे की कोशिश पर अदालत की रोक

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:55 PM IST
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एडीजे ने पलटा निचली अदालत का फैसला, बंटवारा होने तक साझा रास्ता रहेगा सुरक्षित

उपमंडल पांवटा साहिब के माजरा क्षेत्र का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। संयुक्त भूमि के सड़क किनारे के हिस्से (फ्रंट रोड) को बंद करने के विवाद में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) ने फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि भूमि का बंटवारा होने तक कोई भी सह-स्वामी साझा रास्ते पर कब्जा कर दूसरे पक्ष के आवागमन में बाधा नहीं डाल सकता।
यह मामला उप तहसील माजरा क्षेत्र का है। अपीलकर्ता अनिल कुमार ने दावा किया था कि विवादित भूमि में उसका दो-तिहाई हिस्सा है, जबकि प्रतिवादियों का एक-तिहाई हिस्सा है। आरोप था कि प्रतिवादी केवल तीन करम चौड़े फ्रंट रोडपर निर्माण कर उसे पूरी तरह बंद करना चाहते हैं। इससे उसके घर तक पहुंच प्रभावित होगी। इससे पहले 28 जून 2025 को वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश की अदालत ने वादी की याचिका खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ दायर सिविल अपील पर सुनवाई करते हुए एडीजे ने रिकॉर्ड, नक्शों और गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण किया और पाया कि विवादित फ्रंट रोड सभी सह-स्वामियों के साझा उपयोग का हिस्सा है।
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अदालत ने माना कि यदि प्रतिवादी फ्रंट रोड को अपने विशेष उपयोग के लिए बंद करते हैं तो इससे दूसरे सह-स्वामी के आवागमन और संपत्ति के उपयोग के अधिकार प्रभावित होंगे। ऐसा कदम भूमि के विधिवत बंटवारे से पहले एक प्रकार का जबरन विभाजन माना जाएगा। फैसले में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रतिवादी अपने हिस्से की भूमि पर कानून के अनुसार निर्माण कर सकते हैं, लेकिन साझा फ्रंट रोड या वादी के अधिकारों को प्रभावित करने वाला कोई निर्माण नहीं कर सकते।
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