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Sirmour News: अदालत 2
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आठ साल पुराने मोबाइल की दुकान
में चोरी के मामले के दो आरोपी बरी
- सबूतों के अभाव में नाहन अदालत का फैसला, वर्ष 2018 में संगड़ाह थाना का मामला
- 11 मोबाइल फोन, दो ब्लूटूथ, दो म्यूजिक सिस्टम और एक वाई-फाई डिवाइस हुआ था चोरी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। आठ साल पहले हरिपुरधार क्षेत्र में मोबाइल की दुकान में हुई चोरी के मामले में अदालत ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी उपासना शर्मा ने यह फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता दुकान के स्वामित्व से जुड़े ठोस दस्तावेज भी पेश नहीं कर सका। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने संगड़ाह निवासी जय सिंह और जगदीश चंद निवासी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
यह मामला वर्ष 2018 का है। शिकायतकर्ता अनिल शर्मा ने मोबाइल दुकान के ताले तोड़कर अज्ञात लोगों पर 11 मोबाइल फोन, दो ब्लूटूथ, दो म्यूजिक सिस्टम और एक वाई-फाई डिवाइस चोरी करने के आरोप लगाए थे। इस संबंध में पुलिस ने आईपीसी की धारा 457 और 380 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच के दौरान जय सिंह और जगदीश चंद को आरोपी बनाया गया।
पुलिस ने मोबाइल की आईएमईआई ट्रैकिंग, कथित बरामदगी और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोप तय किए थे। मामले को साबित करने के लिए 22 गवाहों की जांच करवाई गई। हालांकि, सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
अदालत ने फैसले में कहा कि न तो चोरी गए सामान की पुख्ता पहचान हो सकी और न ही बरामदगी की प्रक्रिया विश्वसनीय पाई गई। कई गवाहों के बयान आपस में मेल नहीं खाते, वहीं कुछ गवाह अदालत में अपने पहले बयानों से मुकर गए। संवाद
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में चोरी के मामले के दो आरोपी बरी
- सबूतों के अभाव में नाहन अदालत का फैसला, वर्ष 2018 में संगड़ाह थाना का मामला
- 11 मोबाइल फोन, दो ब्लूटूथ, दो म्यूजिक सिस्टम और एक वाई-फाई डिवाइस हुआ था चोरी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। आठ साल पहले हरिपुरधार क्षेत्र में मोबाइल की दुकान में हुई चोरी के मामले में अदालत ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी उपासना शर्मा ने यह फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता दुकान के स्वामित्व से जुड़े ठोस दस्तावेज भी पेश नहीं कर सका। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने संगड़ाह निवासी जय सिंह और जगदीश चंद निवासी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
यह मामला वर्ष 2018 का है। शिकायतकर्ता अनिल शर्मा ने मोबाइल दुकान के ताले तोड़कर अज्ञात लोगों पर 11 मोबाइल फोन, दो ब्लूटूथ, दो म्यूजिक सिस्टम और एक वाई-फाई डिवाइस चोरी करने के आरोप लगाए थे। इस संबंध में पुलिस ने आईपीसी की धारा 457 और 380 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच के दौरान जय सिंह और जगदीश चंद को आरोपी बनाया गया।
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पुलिस ने मोबाइल की आईएमईआई ट्रैकिंग, कथित बरामदगी और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोप तय किए थे। मामले को साबित करने के लिए 22 गवाहों की जांच करवाई गई। हालांकि, सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
अदालत ने फैसले में कहा कि न तो चोरी गए सामान की पुख्ता पहचान हो सकी और न ही बरामदगी की प्रक्रिया विश्वसनीय पाई गई। कई गवाहों के बयान आपस में मेल नहीं खाते, वहीं कुछ गवाह अदालत में अपने पहले बयानों से मुकर गए। संवाद