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Sirmour News: अदालत 2
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पैरोल से 11 दिन देरी से लौटने पर दोषी
करार, कोर्ट ने लगाया 5 हजार जुर्माना
संवाद न्यूज
नाहन (सिरमौर)। मॉडल सेंट्रल जेल नाहन से पैरोल पर बाहर आए एक कैदी को समय पर वापस न लौटने के मामले में अदालत ने दोषी करार दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कपूर ने कैदी अमर चंद को पैरोल शर्तों का उल्लंघन करने का दोषी मानते हुए 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दरअसल, दिसंबर 2016 को विशेष न्यायाधीश ने जिला कुल्लू के मलाणा निवासी अमर चंद को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराया और वह 10 साल की सजा काट रहा है। उसे अप्रैल 2021 में 28 दिन की पैरोल दी गई थी। इसे कोविड-19 महामारी के चलते आगे 90 दिन के लिए बढ़ा दिया गया। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी अमर चंद 10 अगस्त 2021 को जेल में वापस नहीं लौटा और 11 दिन तक बाहर रहा। हालांकि, उसने 21 अगस्त को स्वयं जेल में सरेंडर कर दिया।
अदालत में दलील दी कि कोविड-19 लॉकडाउन और परिवहन बाधाओं के कारण वह समय पर नहीं लौट सका। अब कोविड काल की परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने नरमी बरतते हुए न्यूनतम सजा के तौर पर 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
संवाद
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संवाद न्यूज
नाहन (सिरमौर)। मॉडल सेंट्रल जेल नाहन से पैरोल पर बाहर आए एक कैदी को समय पर वापस न लौटने के मामले में अदालत ने दोषी करार दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कपूर ने कैदी अमर चंद को पैरोल शर्तों का उल्लंघन करने का दोषी मानते हुए 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दरअसल, दिसंबर 2016 को विशेष न्यायाधीश ने जिला कुल्लू के मलाणा निवासी अमर चंद को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराया और वह 10 साल की सजा काट रहा है। उसे अप्रैल 2021 में 28 दिन की पैरोल दी गई थी। इसे कोविड-19 महामारी के चलते आगे 90 दिन के लिए बढ़ा दिया गया। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी अमर चंद 10 अगस्त 2021 को जेल में वापस नहीं लौटा और 11 दिन तक बाहर रहा। हालांकि, उसने 21 अगस्त को स्वयं जेल में सरेंडर कर दिया।
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अदालत में दलील दी कि कोविड-19 लॉकडाउन और परिवहन बाधाओं के कारण वह समय पर नहीं लौट सका। अब कोविड काल की परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने नरमी बरतते हुए न्यूनतम सजा के तौर पर 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
संवाद