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Sirmour News: अदालत
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भूमि विवाद पर नाहन कोर्ट सख्त : स्टे आदेश
तोड़ने पर पुलिस को दिए कार्रवाई के आदेश
- याचिकाकर्ता का आरोप, पुलिस ने पहले नहीं की कार्रवाई, कोर्ट से एसएचओ को आदेश लागू करने के कड़े निर्देश
- तहसील नाहन का मामला, निर्माण कार्य रोकने के आदेश के बावजूद विवादित जमीन पर दखल
- 3 अप्रैल, 2024 को कोर्ट ने संबंधित भूमि में हस्तक्षेप की लगाई थी रोक
दीपक मेहता
नाहन (सिरमौर)। नाहन स्थित सिविल कोर्ट ने भूमि विवाद के एक मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्टे आदेश के उल्लंघन पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस को तत्काल हस्तक्षेप कर आदेश लागू कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि पूर्व में जारी स्टे आदेश का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पुलिस से 17 अप्रैल तक रिपोर्ट भी तलब की गई है।
यह मामला तहसील नाहन का है। पीड़ित असलम मोहम्मद ने अदालत में स्थायी निषेधाज्ञा की याचिका दायर की थी। इस पर कोर्ट ने 3 अप्रैल 2024 को विपक्षियों को संबंधित भूमि में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से रोक दिया था। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि 12 फरवरी 2026 को विपक्षियों ने स्टे आदेश की अवहेलना करते हुए जमीन पर जबरन प्रवेश कर निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की। विरोध करने के बावजूद उन्होंने काम नहीं रोका।
याचिकाकर्ता ने स्थानीय पुलिस से भी मदद मांगी, लेकिन सिविल विवाद का हवाला देकर पुलिस ने हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया। वहीं, विपक्षियों ने आरोपों को खारिज करते हुए खुद को जमीन का सह-स्वामी बताया। उनका कहना था कि वे लंबे समय से भूमि पर कब्जे में हैं और याचिकाकर्ता ने तथ्यों को छुपाकर स्टे आदेश प्राप्त किया है।
रिकॉर्ड और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया स्टे आदेश का उल्लंघन हुआ है और मौके पर निर्माण गतिविधि जारी है। इसी आधार पर अदालत ने संबंधित थाना प्रभारी को स्टे आदेश को सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल तय की है। इसमें पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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तोड़ने पर पुलिस को दिए कार्रवाई के आदेश
- याचिकाकर्ता का आरोप, पुलिस ने पहले नहीं की कार्रवाई, कोर्ट से एसएचओ को आदेश लागू करने के कड़े निर्देश
- तहसील नाहन का मामला, निर्माण कार्य रोकने के आदेश के बावजूद विवादित जमीन पर दखल
- 3 अप्रैल, 2024 को कोर्ट ने संबंधित भूमि में हस्तक्षेप की लगाई थी रोक
दीपक मेहता
नाहन (सिरमौर)। नाहन स्थित सिविल कोर्ट ने भूमि विवाद के एक मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्टे आदेश के उल्लंघन पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस को तत्काल हस्तक्षेप कर आदेश लागू कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि पूर्व में जारी स्टे आदेश का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पुलिस से 17 अप्रैल तक रिपोर्ट भी तलब की गई है।
यह मामला तहसील नाहन का है। पीड़ित असलम मोहम्मद ने अदालत में स्थायी निषेधाज्ञा की याचिका दायर की थी। इस पर कोर्ट ने 3 अप्रैल 2024 को विपक्षियों को संबंधित भूमि में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से रोक दिया था। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि 12 फरवरी 2026 को विपक्षियों ने स्टे आदेश की अवहेलना करते हुए जमीन पर जबरन प्रवेश कर निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की। विरोध करने के बावजूद उन्होंने काम नहीं रोका।
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याचिकाकर्ता ने स्थानीय पुलिस से भी मदद मांगी, लेकिन सिविल विवाद का हवाला देकर पुलिस ने हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया। वहीं, विपक्षियों ने आरोपों को खारिज करते हुए खुद को जमीन का सह-स्वामी बताया। उनका कहना था कि वे लंबे समय से भूमि पर कब्जे में हैं और याचिकाकर्ता ने तथ्यों को छुपाकर स्टे आदेश प्राप्त किया है।
रिकॉर्ड और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया स्टे आदेश का उल्लंघन हुआ है और मौके पर निर्माण गतिविधि जारी है। इसी आधार पर अदालत ने संबंधित थाना प्रभारी को स्टे आदेश को सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल तय की है। इसमें पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।