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Sirmour News: प्रगतिशील किसान कमलेश हाब्बी को किसान मेले में किया पुरस्कृत
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प्रगतिशील किसान कमलेश हाब्बी को सम्मानित करते मुख्य अतिथि व अन्य लोग। स्रोत: संस्थान
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सचित्र-
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। इटरनल विश्वविद्यालय बड़ू साहिब के अकाल कृषि महाविद्यालय ने रविवार को किसान मेले का शुभारंभ शब्द-गायन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। अकाल कृषि महाविद्यालय की डीन डॉ. सुनीता चंदेल ने किसान मेले की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सभी विशिष्ट अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया।
कुलपति डॉ. नीलम कौर ने किसान मेले को कृषि विकास, ज्ञान के आदान-प्रदान और किसानों के सशक्तिकरण का मंच बताया। डॉ. एसके चौहान ने डॉ. जगजीत सिंह हवारा के जीवन एवं कृषि क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप कुमार, कलगीधर ट्रस्ट, बड़ू साहिब के अध्यक्ष डॉ. दविंद्र सिंह ने डॉ. इकबाल सिंह के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। मुख्यातिथि ने आयोजन के लिए इटरनल विश्वविद्यालय को बधाई दी और पुरस्कार विजेता किसान को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने मिश्रित खेती (मिक्स्ड फार्मिंग) को अपनाने पर जोर दिया और कीटनाशकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक किया। उन्होंने सफेद मक्खी जैसे कीटों के नियंत्रण के उपाय बताते हुए रासायनिक दवाओं के अंधाधुंध प्रयोग पर चिंता व्यक्त की और विवेकपूर्ण उपयोग की सलाह दी। पुरस्कार प्राप्त किसान कमलेश हाब्बी ने देसी गाय और पारंपरिक कृषि पद्धतियों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गोबर और गोमूत्र से तैयार जैविक उत्पाद रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का सुरक्षित एवं प्रभावी विकल्प हैं।
इस अवसर पर कलगीधर ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबा दविंदर सिंह, कुलपति डॉ. नीलम कौर, कृषि संकाय की डीन डॉ. सुनीता चंदेल, अकादमिक डीन डॉ. टीएस बाणीपाल, पूर्व कुलपति डॉ. एचएस धालीवाल, इटरनल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एमएस अटवाल उपस्थित रहे।
-- -संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। इटरनल विश्वविद्यालय बड़ू साहिब के अकाल कृषि महाविद्यालय ने रविवार को किसान मेले का शुभारंभ शब्द-गायन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। अकाल कृषि महाविद्यालय की डीन डॉ. सुनीता चंदेल ने किसान मेले की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सभी विशिष्ट अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया।
कुलपति डॉ. नीलम कौर ने किसान मेले को कृषि विकास, ज्ञान के आदान-प्रदान और किसानों के सशक्तिकरण का मंच बताया। डॉ. एसके चौहान ने डॉ. जगजीत सिंह हवारा के जीवन एवं कृषि क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
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मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप कुमार, कलगीधर ट्रस्ट, बड़ू साहिब के अध्यक्ष डॉ. दविंद्र सिंह ने डॉ. इकबाल सिंह के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। मुख्यातिथि ने आयोजन के लिए इटरनल विश्वविद्यालय को बधाई दी और पुरस्कार विजेता किसान को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने मिश्रित खेती (मिक्स्ड फार्मिंग) को अपनाने पर जोर दिया और कीटनाशकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक किया। उन्होंने सफेद मक्खी जैसे कीटों के नियंत्रण के उपाय बताते हुए रासायनिक दवाओं के अंधाधुंध प्रयोग पर चिंता व्यक्त की और विवेकपूर्ण उपयोग की सलाह दी। पुरस्कार प्राप्त किसान कमलेश हाब्बी ने देसी गाय और पारंपरिक कृषि पद्धतियों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गोबर और गोमूत्र से तैयार जैविक उत्पाद रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का सुरक्षित एवं प्रभावी विकल्प हैं।
इस अवसर पर कलगीधर ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबा दविंदर सिंह, कुलपति डॉ. नीलम कौर, कृषि संकाय की डीन डॉ. सुनीता चंदेल, अकादमिक डीन डॉ. टीएस बाणीपाल, पूर्व कुलपति डॉ. एचएस धालीवाल, इटरनल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एमएस अटवाल उपस्थित रहे।